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Wednesday, October 1, 2025

भारतीय रेल: 2 अक्टूबर से शुरु हो रहा विशेष अभियान

प्रविष्टि तिथि: 01 OCT 2025 at 7:09 PM by PIB Delhi

विशेष अभियान 5.0 की सफल शुरूआत के लिए भारतीय रेलवे में तैयारियाँ ज़ोरों पर

*विशेष अभियान 5.0 का मकसद कबाड़ निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, लंबित मामलों और जन शिकायतों का समय पर निपटान, ई-फाइल समीक्षा और स्वच्छता अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना है

*105 अमृत भारत स्टेशनों सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर अमृत संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अपशिष्ट से धन और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए नागरिक-केंद्रित पहलों पर ज़ोर दिया जाएगा

नई दिल्ली: 01अक्टूबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन)::

रेल मंत्रालय में विशेष अभियान 5.0 के सफल क्रियान्वयन के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए की गई एक खास पहल है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 से होगी। यह अभियान संपूर्ण भारतीय रेलवे में लागू किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज रेलवे बोर्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने की। बैठक में सभी महाप्रबंधक/क्षेत्रीय रेलवे, महाप्रबंधक/पीयू, महानिदेशक/आरडीएसओ एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा एमडी/सीएमडी/पीएसयू के साथ-साथ रेलवे बोर्ड के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।


बैठक में
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी की ज़रुरत पर बल दिया। उन्होंने सभी क्षेत्रीय रेलों और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों के महाप्रबंधकों को अभियान की गतिविधियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया।

विशेष अभियान 5.0 के तहत प्रमुख लक्ष्यों में स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, ई-फाइलों की समीक्षा और उनका निराकरण तथा लंबित संदर्भों और जन शिकायतों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना शामिल है। स्वच्छता अभियान चलाने के अलावा, अपशिष्ट से धन अर्जित करने की पहल और प्रभावी ई-फाइल प्रबंधन पर खास ज़ोर दिया जाएगा। जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, अमृत संवाद के रूप में नागरिक-केंद्रित पहल सभी प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित की जाएँगी, जिनमें 105 अमृत भारत स्टेशन भी शामिल हैं। अभियान के दौरान की गतिविधियों और उपलब्धियों को सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार चैनलों और प्रेस विज्ञप्तियों आदि के ज़रिए प्रदर्शित किया जाएगा।


रेल मंत्रालय विशेष अभियान 5.0 को उचित तरीके से लागू करने और इसे एक बड़ी सफलता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

***//पीके/केसी/एनएस/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2173875)


Monday, September 29, 2025

3 अमृत भारत एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेन

 रेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//PIB//New Trains Details n Hindi//29th September 2025 at 2:32PM//PIB Delhi

 बिहार को सात नई ट्रेनों की सौगात 

संकेतक तस्वीर 
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई; देश भर में अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं की कुल संख्या बढ़कर 30 हुई, जिसमें 26 सेवाएं बिहार से शुरू होंगी

बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यात्री ट्रेनें, अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार को तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली से जोड़ेगी

बिहार का वार्षिक रेल बजट 2014 से पहले ₹1,000 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹10, बिहार का वार्षिक रेल बजट 2014 से पहले 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 10,000 करोड़ रुपये हो गया, जबकि लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम  पर  पर काम चलएं चल रही हैं: अश्विनी वैष्णव$$पर काम चल रहा है

नई लाइनें, गेज परिवर्तन, दोहरीकरण या तीसरी और चौथी लाइनें जोड़ने आदि जैसी 21 प्रमुख रेलवे परियोजनाएं 2014 से बिहार में पूरी तरह से चालू, जिसमें पटना और मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल शामिल

नई दिल्ली: 29 सितंबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन डेस्क)::

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के साथ मिलकर बिहार में कुल सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। ये नई ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम प्रदान करेंगी और यात्रियों को बेहतर यात्रा सेवाएं प्रदान करेंगी। इन नई ट्रेनों के उद्घाटन के साथ, अब देश भर में चलने वाली 30 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं में से बिहार में कुल 26 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं चालू हो गई हैं।

मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से दक्षिण भारत के लिए पहली अमृत भारत ट्रेन है, जबकि छपरा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार से दिल्ली के लिए छठी अमृत भारत ट्रेन बन गई है।

ये अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। ये ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तर और दक्षिण भारत से बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। इनके परिचालन से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि बिहार में विकास की गति ऐसी है कि निकट भविष्य में यह राज्य एक स्वर्णिम राज्य के रूप में उभरेगा। ये ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी का एक नया स्तर प्रदान करेंगी, यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएंगी और राज्य के समग्र विकास को गति देंगी। श्री वैष्‍णव ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री मोदी के पदभार ग्रहण करने के बाद से, उन्होंने राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए रेलवे को प्राथमिकता दी है। उन्‍होंने कहा कि 2014 से पहले बिहार का वार्षिक रेल बजट केवल लगभग 1,000 करोड़ रुपये था, जबकि आज यह लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिसके तहत बिहार में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का रेलवे नेटवर्क पूरी तरह से विद्युतीकृत हो चुका है और 1,899 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं।

भारतीय रेल द्वारा विकसित, अमृत भारत एक्सप्रेस देश की रेल व्यवस्था में आधुनिकीकरण का प्रतीक बन गई है। यह ट्रेन यात्रा का न केवल एक तेज और किफायती विकल्प है, बल्कि इसमें सेमी-ऑटोमैटिक कपलर, अग्नि सूचक प्रणाली, सीलबंद गैंगवे और टॉक-बैक यूनिट जैसी उन्नत सुविधाएं भी हैं। पहली बार, गैर-वातानुकूलित डिब्बों में यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ऐसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

यह “विकसित बिहार से विकसित भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अमृत ​​भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण:

दरभंगा-अजमेर (मदार) अमृत भारत एक्सप्रेस

मुजफ्फरपुर-हैदराबाद (चरलापल्ली) अमृत भारत एक्सप्रेस

छपरा-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल सेवाओं में आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने चार यात्री ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।

यात्री ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण:

पटना-बक्सर पैसेंजर

झाझा – दानापुर पैसेंजर

नवादा-पटना पैसेंजर

पटना-इस्लामपुर पैसेंजर

राज्य में पूरी हो चुकी कुछ प्रमुख रेलवे परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री वैष्‍णव ने कहा कि 28 किलोमीटर लंबा पटना रेल-सह-सड़क पुल, 15 किलोमीटर लंबा मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल और लंबे समय से प्रतीक्षित कोसी पुल का निर्माण पूरा हो चुका है।

2014 से पूर्णतः चालू महत्वपूर्ण परियोजनाएं

पटना रेल-सह-सड़क पुल

मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल

कोसी पुल

दनियावां-बिहारशरीफ नई लाइन

चांदन-बांका नई लाइन

रामपुरहाट-मंदारहिल नई लाइन

महाराजगंज-मसरख नई लाइन

राजगीर-तिलैया और नटेसर-इस्लामपुर नई लाइन

मानसी-सहरसा-पूर्णिया आमान परिवर्तन

जयनगर-नरकटियागंज आमान परिवर्तन

कप्तानगंज-छपरा आमान परिवर्तन

सकरी-निर्मली एवं सहरसा-फारबिसगंज आमान परिवर्तन

मानसी-सहरसा-सहरसा-पूर्णिया एवं बनमनखी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन

साहिबगंज-पीरपैंती दोहरीकरण

महेशखुट-थानाबिहपुर दोहरीकरण

हाजीपुर-रामदयालु नगर दोहरीकरण

पीरपैंती-भागलपुर दोहरीकरण

बख्तियारपुर-बाढ़ दोहरीकरण

किउल-गया दोहरीकरण

हाजीपुर-बछवाड़ा दोहरीकरण

दरभंगा बाईपास

इसके अतिरिक्त, अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) नई लाइन का काम पूरा हो चुका है और इसका शीघ्र ही उद्घाटन किया जाएगा।

क्रियान्वयन के अंतर्गत मुख्य परियोजनाएं

नई लाइनें: सकरी-हसनपुर, खगड़िया-कुशेश्वरस्थान, कुरसेला-बिहारीगंज, तिलैया-कोडरमा, हाजीपुर-सुगौली, सीतामढी-शिवहर, छपरा-मुजफ्फरपुर, अररिया-सुपौल, विक्रमशिला-कटरिया (गंगा पुल सहित), झाझा-बटिया, पीरपैंती-जसीडीह, छितौतिनी-तुमकुई रोड, जलालगरनी-किशनगंज, जोगबनी-विराटनगर, औरंगाबाद टर्मिनल-अनुग्रह नारायण रोड, जयनगर-बिजलपुरा, धनबाद-सोननगर, आदि।

तीसरी/चौथी लाइन दोहरीकरण कार्य: समस्तीपुर-दरभंगा, सुगौली-वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर-सुगौली, नरकटियागंज-दरभंगा-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर, छपरा-बलिया, कटिहार-कुमेदपुर, बरौनी-बछवारा (तीसरी और चौथी लाइन), सोननगर-अंडाल (तीसरी और चौथी लाइन), पुनारख-बक्तियारपुर (तीसरी और चौथी लाइन) इत्‍यादि।

केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि कई अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है और अतिरिक्त परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में, बिहार में 13 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें यानी 26 सेवाएं चल रही हैं, जो 25 जिलों के 42 स्टॉप को कवर करती हैं। इसके अलावा, वंदे भारत सेवा की 10 जोड़ी ट्रेनें (20 सेवाएं) 28 जिलों को कवर करती हैं। राज्य में नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी चल रही हैं।

बिहार से चलने वाली ये नई ट्रेनें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएंगी और आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। इन ट्रेनों का उद्देश्य न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करना है।

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पीके/केसी/एसकेएस/जीआरएस//(रिलीज़ आईडी: 2172722)

Thursday, October 3, 2024

फर्स्ट एसी कार गर्म पानी के साथ शॉवर प्रदान करती है-वंदे भारत

Ministry of Railways//Posted On: 03 OCT 2024 6:10 PM//PIB Delhi

फर्स्ट एसी कार गर्म पानी के साथ शॉवर प्रदान करती है-वंदे भारत

सुखद रेल यात्रा: वंदे भारत एक्सप्रेस की कहानी

नई दिल्ली: 03 अक्टूबर 2024: (पी आई बी//रेल स्क्रीन डेस्क):

भारत सरकार ने 'मेक इन इंडिया' अभियान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। 'मेक इन इंडिया' की सफलता की कहानी के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में, भारतीय रेलवे ने भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन, वंदे भारत एक्सप्रेस लॉन्च की थी। यह आधुनिक, कुशल और आरामदायक रेल यात्रा के लिए भारत की आकांक्षाओं का प्रतीक बन गया है।

15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी। भारतीय रेलवे में कुल 102 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं (51 ट्रेनें) चल रही हैं, जो ब्रॉड गेज (बी.जी.) विद्युतीकृत नेटवर्क वाले राज्यों को जोड़ती हैं। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने के लिए लगभग 31.84 लाख बुक किए गए थे। इस अवधि के दौरान वंदे भारत ट्रेनों की कुल ऑक्यूपेंसी 96.62% रही है। .


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अगस्त, 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जो उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने वाली ये अत्याधुनिक ट्रेनें तीन प्रमुख मार्गों (मेरठ सिटी-लखनऊ, मदुरै-बेंगलुरु, चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल) पर परिवहन लिंक में सुधार करेंगी।

वंदे भारत ट्रेनें इन क्षेत्रों के निवासियों को स्पीड के साथ -साथ आराम  सुनिश्चित करके एक विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेंगी। ये ट्रेनें शीर्ष स्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं जैसे कवच तकनीक, 360-डिग्री घूमने वाली सीटें, दिव्यांगजनों के लिए सुलभ शौचालय और एकीकृत ब्रेल साइनेज आदि से सुसज्जित हैं।

मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस

मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस मेरठ को लखनऊ से जोड़ने वाली पहली वंदे भारत सेवा है। इस ट्रेन से मेरठ में दिगंबर जैन मंदिर, मनसा देवी मंदिर, सूरजकुंड मंदिर, औघड़नाथ मंदिर और हनुमान चौक मंदिर सहित लखनऊ में चंद्रिका देवी मंदिर, भूतनाथ मंदिर और बुद्धेश्वर महादेव मंदिर आदि विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए एक तेज़ और अधिक कुशल यात्रा विकल्प प्रदान करके क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, वंदे भारत एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश की राजधानी के लिए त्वरित कनेक्टिविटी में सुधार करके मेरठ क्षेत्र में उद्योगों- जैसे खेल के सामान, संगीत वाद्ययंत्र, चीनी और इलेक्ट्रॉनिक्स को एक बड़ा बढ़ावा प्रदान करेगी।

मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस

मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस तिरुचिरापल्ली मार्ग के माध्यम से मदुरै को बेंगलुरु से जोड़ने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन है। यह सेवा तमिलनाडु के जीवंत मंदिर शहर मदुरै को कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु के महानगरीय शहर से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त, यह व्यावसायिक पेशेवरों, छात्रों, कामकाजी कर्मियों और तमिलनाडु में अपने गृहनगर से बेंगलुरु के महानगरीय केंद्र तक यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेगा।

चेन्नई एग्मोर- नागरकोइल वंदे भारत

चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत, सुंदर शहर नागरकोइल को चेन्नई से जोड़ने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन है। तमिलनाडु के भीतर 726 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, यह ट्रेन कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, विरुधुनगर मदुरै, डिंडीगुल, त्रिची, पेरम्बलुर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और चेन्नई सहित 12 जिलों के निवासियों को आधुनिक और तेज़ यात्रा अनुभव प्रदान करती है। इस सेवा से मदुरै में दिव्य अरुलमिगु मीनाक्षी अम्मन मंदिर और कन्याकुमारी में कुमारी अम्मन मंदिर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को भी बहुत लाभ होगा।

भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 सितंबर, 2024 को बीईएमएल के बैंगलोर रेल परिसर में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट को हरी झंडी दिखाई। ट्रेनसेट को भारत के अग्रणी रेल और मेट्रो निर्माता बीईएमएल द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट से भारत में लंबी दूरी की रेल यात्रा में क्रांति लाने और आराम, सुरक्षा और दक्षता के लिए नए मानक स्थापित करने की उम्मीद है। ट्रेन कई विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें यूएसबी चार्जिंग प्रावधान के साथ एक एकीकृत रीडिंग लाइट, सार्वजनिक घोषणा और दृश्य सूचना प्रणाली, अंदर डिस्प्ले पैनल और सुरक्षा कैमरे, मॉड्यूलर पैंट्री और अलग-अलग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, फर्स्ट एसी कार गर्म पानी के साथ शॉवर प्रदान करती है, जिससे यात्री आराम बढ़ता है। बेहद  बारीकी के साथ सावधानीपूर्वक ढंग से इंजीनियर किया गया है।  ट्रेनसेट फ्रंट नोज़ कोन से लेकर आंतरिक पैनल, सीटें, स्लीपर बर्थ और अन्य सभी तत्वों में सौंदर्य अपील और कार्यक्षमता दोनों को प्राथमिकता देता है।

बीईएमएल ने इलेक्ट्रिकल, प्रोपल्शन, बोगियों, बाहरी प्लग दरवाजे, ब्रेक सिस्टम और एचवीएसी सहित महत्वपूर्ण प्रणालियों के एकत्रीकरण का नेतृत्व किया है, जो पूरे ट्रेनसेट में निर्बाध एकीकरण और अधिकतम प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। संपूर्ण मैन्युफेक्चरिंग और असेंबली प्रक्रिया को बीईएमएल में कंसोलिडेट किया गया है, जो गुणवत्ता और सटीकता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

निष्कर्ष

वंदे भारत एक्सप्रेस ने गति, आराम और सुरक्षा का एक अनूठा कॉम्बिनेशन पेश करके भारत में रेल यात्रा में क्रांति ला दी है। इस सेवा के निरंतर विस्तार के साथ, भारतीय रेलवे का लक्ष्य देश भर में कनेक्टिविटी को और बढ़ाना, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय विकास में योगदान देना है। 

वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता स्वदेशी विनिर्माण में भारत की क्षमताओं का प्रमाण है और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संतोष कुमार/ शीतल अंगराल / ऋतु कटारिया / अश्वथी नायर//(Backgrounder ID: 153234) 

Friday, August 30, 2024

31 अगस्त को मिलेगी तीन वंदे भारत रेलगाड़ियों को हरी झंडी

प्रविष्टि तिथि: 30 अगस्त 2024, 2:59 PM, PIB दिल्ली

बेहतर कनेक्टिविटी और तेज़ रफ़्तार से पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

पीआईबी फाईल फोटो 

नई दिल्ली
:30 अगस्त 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

तेज़ रफ्तारी और आरामदायक सफर किसे अच्छा नहीं लगता?इसका सपना तो भारत की जनता लम्बे समय से देख रही थी। नई वंदे भारत ट्रेनें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और कर्नाटक में बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से यात्रा, और पर्यटन को अब देने लगी हैं नई दिशा। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 अगस्त, 2024 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये ट्रेनें 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत की प्रधानमंत्री की दृष्टि का साकार रूप हैं, जो उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और कर्नाटक में बेहतर कनेक्टिविटी और तीव्र यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।

नई वंदे भारत ट्रेनें मेरठ-लखनऊ, मदुरै-बेंगलुरु, और चेन्नई-नागरकोइल मार्गों पर चलेंगी। ये ट्रेनें अपने तीव्र गति के कारण यात्रा समय को वर्तमान विकल्पों की तुलना में काफी कम कर देंगी। मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत से लगभग 1 घंटे, चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत से 2 घंटे, और मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत से लगभग डेढ़ घंटे की बचत होगी।

वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान करेंगी और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करेंगी। ये अत्याधुनिक ट्रेनें न केवल यातायात के क्षेत्र में क्रांति लाएंगी बल्कि तीन प्रमुख राज्यों - उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और कर्नाटक में पर्यटन और व्यापार को भी नया प्रोत्साहन देंगी।

नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ क्षेत्रीय यात्रियों, पेशेवरों, व्यापारियों, और छात्रों के लिए रेलवे सेवा में एक नए युग की शुरुआत करेगा, जो तेज़, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा का अनुभव कर सकेंगे। इस तरह की तेज़ ट्रेनें बढ़ने से भारतीय रेल का एक नया इतिहास रचा जा रहा है और आप सभी इसके गवाह बने रहना। आसान नहीं होता इस तरह के सपनों का साकार होना। 


Tuesday, August 13, 2024

जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी, लखनऊ का सम्मान

प्रविष्टि तिथि: 13 Aug 2024 at 6:36 PM by PIB Delhi

क्षमता निर्माण आयोग की उत्कृष्ट रेटिंग से किया गया सम्मानित


नई दिल्ली
: 13 अगस्त 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी, लखनऊ को सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (एनएससीएसटीआई) के लिए राष्ट्रीय मानकों के असाधारण पालन की मान्यता में क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) द्वारा प्रतिष्ठित "उत्कृष्ट/अति उत्कृष्ट" रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिविल सेवा प्रशिक्षण में उत्कृष्टता की दिशा में अकादमी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 12 अगस्त, 2024 को आयोजित सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान सम्मेलन के दौरान भारत के केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा औपचारिक रूप से मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल (जेआरआरपीएफ) अकादमी के निदेशक और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अकादमी को प्रदान किया गया यह सम्मान अकादमी के कर्मचारियों के अथक समर्पण और अनुकरणीय प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह अनूठी उपलब्धि सिविल सेवा प्रशिक्षण के मानकों को और ऊंचा करने के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह सम्मान केवल अकादमी के निरंतर विकास का प्रतीक है बल्कि इसे देश के छह सर्वश्रेष्ठ शीर्ष प्रशिक्षण संस्थानों में भी शामिल किया गया है।

केंद्र सरकार की सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल के अनुरूप, सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय मानक (एनएससीएसटीआई) अवसंरचना 18 जुलाई, 2022 को प्रस्तुत की गई थी। सिविल सेवा प्रशिक्षण के लिए दुनिया के पहले राष्ट्रीय स्तर के मानक के रूप में, इस अवसंरचना का लक्ष्य भारत भर के प्रशिक्षण संस्थानों में मानकों को ऊपर उठाना है।

मान्यता प्रक्रिया के लिए आठ प्रमुख स्तंभों: पाठ्यक्रम डिजाइन, संकाय विकास, प्रशिक्षण लक्ष्य, प्रशिक्षण सहायता, डिजिटलीकरण और प्रशिक्षण वितरण, सहयोग, प्रशिक्षण मूल्यांकन और संचालन तथा शासन के आधार पर एक व्यापक मूल्यांकन की आवश्यकता है। जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल (जेआरआरपीएफ) अकादमी ने उच्च मानकों और निरंतर सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए इस कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

मूल्यांकन में कई चरण शामिल थे, जिसमें क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) और राष्ट्रीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) की एक टीम द्वारा डेस्कटॉप मूल्यांकन और ऑन-साइट मूल्यांकन शामिल थे। 

इस पूरी प्रक्रिया में अकादमी के असाधारण प्रदर्शन का परिणाम यह हुआ कि इसे लगभग 149 प्रशिक्षण संस्थानों में से भारत के शीर्ष छह संस्थानों में से एक के रूप में मान्यता मिली, जिन्हें यह सम्मानित रेटिंग प्राप्त करने के लिए मूल्यांकन किया गया है।

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एमजी/एआर/एमकेएस/एसके//(रिलीज़ आईडी: 2045000) 

Friday, July 5, 2024

भारतीय रेल गरीबों, निम्न व मध्यम वर्ग लोगों के लिए प्रतिबद्ध है

प्रविष्टि तिथि: 05 JUL 2024 6:01 PM by PIB Delhi

वैष्णव ने कहा हम किफायती यात्रा की सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं 


नई दिल्ली
: 5 जुलाई 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय रेल इस बात का विशेष ध्यान रख रही है कि आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को रेल की सुविधाएं लगातार मिलती रहें। इसी मकसद के लिए अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। इससे निश्चय ही आम लोगों को बहुत लाभ होगा। 

श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परिवार से पूरे समर्पण के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे

केन्द्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा  इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए इस बात को दोहराया कि भारतीय रेल गरीबों, निम्न मध्यम व मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती रेल यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल ने अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने देश भर के 12 लाख रेल कर्मियों से समर्पण के साथ काम करने और अपना मनोबल ऊंचा रखने की भी अपील की। साथ ही, उन्होंने रेलवे कर्मियों से सामूहिक रूप से काम करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे।

उम्मीदें हैं कि इस दिशा में जल्द ही कई और ठोस कदम भी उठाए जाएंगे जिससे आम जनता के उस वर्ग को लाभ मिले जो आर्थिक तौर पर महंगे सफर नहीं कर सकता।  

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एमजी/एआर/आर/डीवी//(रिलीज़ आईडी: 2031092)

Monday, July 19, 2021

स्मार्ट कोचों के उपयोग के साथ रेल में यात्रा का नया दौर शुरू

 19-जुलाई-2021 19:00 IST

 इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम सुस्सजित होंगें ये नए स्मार्ट कोच  


नई दिल्ली
: 19 जुलाई 2021: (
पीआईबी//रेल स्क्रीन)::

भारतीय रेलवे ने इंटेलिजेंट सेंसर आधारित सिस्टम से लैस आधुनिक तेजस कोचों के साथ राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया नई ट्रेन में यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और आराम की दृष्टि से विशेष स्मार्ट खूबियां होंगी तेजस स्मार्ट कोच के उपयोग के साथ भारतीय रेलवे का लक्ष्य निवारक रखरखाव के बजाय आगामी जरूरतों के अनुरूप रखरखाव की ओर बढ़ना है यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा बड़ा बदलाव

पश्चिम रेलवे ने नए अपग्रेड किए गए तेजस स्लीपर कोच रैक की शुरुआत के साथ भारतीय रेलवे में ज्यादा आराम के साथ रेल के सफर से जुड़े अनुभव का एक नया दौर शुरू किया जा रहा है। ज्यादा अच्छी खूबियों से लैस चमकीले सुनहरे रंग के इन डिब्बों (कोच) को रेलवे के प्रतिष्ठित मुंबई राजधानी एक्सप्रेस को चलाने और अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ यात्रा का अनुभव प्रदान करने के इरादे से जोड़ा जा रहा है। इस नई रैक का सोमवार, 19 जुलाई, 2021 को पहली बार परिचालन हुआ। पश्चिम रेलवे की सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित और प्रीमियम ट्रेनों में से एक ट्रेन संख्या 02951/52 मुंबई- नई दिल्ली राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस की मौजूदा रैक को बिल्कुल नए तेजस टाइप स्लीपर कोचों से बदला जा रहा है। राजधानी एक्सप्रेस के रूप में संचालन के लिए दो तेजस टाइप स्लीपर कोच रैक तैयार कर दिए गए हैं। इन दोनों रैक में से, एक रैक में विशेष तेजस स्मार्ट स्लीपर कोच शामिल हैं, जो भारतीय रेल द्वारा शुरू की जाने वाली अपनी तरह की पहली ट्रेन है।

इस नई ट्रेन में यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और आराम की दृष्टि से विशेष स्मार्ट खूबियां होंगी। स्मार्ट कोच का उद्देश्य इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम की मदद से यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।

यह जीएसएम नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ प्रदान की गई यात्री सूचना और कोच कम्प्यूटिंग यूनिट (पीआईसीसीयू) से लैस है, जो रिमोट सर्वर को रिपोर्ट करता है। पीआईसीसीयू डब्ल्यूएसपी, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, टॉयलेट गंध सेंसर, पैनिक स्विच और आग का पता लगाने व अलार्म सिस्टम के साथ एकीकृत अन्य वस्तुओं, वायु गुणवत्ता और चोक फिल्टर सेंसर और ऊर्जा मीटर का डेटा रिकॉर्ड करेगा।

तेजस स्मार्ट कोच के इस्तेमाल से, भारतीय रेल का उद्देश्य निवारक रखरखाव के बजाय आगामी जरूरतों के अनुरूप रखरखाव की ओर बढ़ना है। लंबी दूरी के सफर के लिए इस आधुनिक तेजस स्लीपर टाइप ट्रेन की पेशकश, भारतीय रेल द्वारा यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव में सुधार के लिए बदलाव का एक अन्य उदाहरण है।

अतिरिक्त स्मार्ट विशेषताएं:

●  पीए/पीआईएस (यात्री घोषणा/यात्री सूचना प्रणाली): प्रत्येक कोच के अंदर दो एलसीडी यात्रियों को यात्रा सम्बंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे अगला स्टेशन, शेष दूरी, आगमन का अपेक्षित समय, देरी और सुरक्षा सम्बंधी संदेश प्रदर्शित करेंगे।

●  डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड: फ्लश टाइप एलईडी डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड प्रत्येक कोच पर प्रदर्शित डेटा को दो पंक्तियों में विभाजित करके स्थापित किया गया है। पहली पंक्ति ट्रेन संख्या और कोच प्रकार प्रदर्शित करती है जबकि दूसरी पंक्ति गंतव्य और मध्यवर्ती स्टेशन के स्क्रॉलिंग टेक्स्ट को कई भाषाओं में प्रदर्शित करती है।

●   सुरक्षा और निगरानी: प्रत्येक कोच में छह कैमरे लगे हैं, जो लाइव रिकॉर्डिंग करते हैं। दिन-रात दृष्टि क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे, कम रोशनी की स्थिति में भी चेहरे की पहचान, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर लगाये गये हैं।

●   स्वचालित प्लग द्वार: सभी मुख्य प्रवेश द्वार गार्ड द्वारा केंद्रीकृत नियंत्रित हैं। जब तक सभी दरवाजे बंद नहीं हो जाते तब तक ट्रेन नहीं चलेगी।

●   फायर अलार्म, डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम: सभी कोचों में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम लगाये गये हैं। पेंट्री और पावर कारों में आग लगने का पता चलने पर स्वचालित अग्नि शमन प्रणाली कार्य शुरू कर देती है।

●   आपातकालीन चिकित्सा या सुरक्षा जैसी आपात स्थिति में टॉक बैक पर बात की जा सकती है।

●   बेहतर टॉयलेट यूनिट: एंटी-ग्रैफिटी कोटिंग, जेल कोटेड शेल्फ, नए डिजाइन का डस्टबिन, डोर लैच एक्टिवेटेड लाइट, एंगेजमेंट डिस्प्ले के साथ लगाये गये हैं।

●    शौचालय ऑक्यूपेंसी सेंसर: प्रत्येक कोच के अंदर शौचालय ऑक्यूपेंसी को स्वचालित रूप से प्रदर्शित किया जाता है।

●   शौचालयों में पैनिक बटन: किसी भी आपात स्थिति के लिए इस बटन को प्रत्येक शौचालय में लगाया गया है।

●   टॉयलेट एनुसिएशन सेंसर इंटेग्रेशन (टीएएसआई): प्रत्येक कोच में दो टॉयलेट एनुसिएशन  सेंसर इंटीग्रेशन लगे हैं, जो उपयोग के समय 'शौचालयों में क्या करें और क्या न करें' की घोषणा को प्रसारित करेंगे।

●   बायो-वैक्यूम शौचालय प्रणाली: बेहतर फ्लशिंग के कारण शौचालय में बेहतर स्वच्छता प्रदान करता है और प्रति फ्लश पानी भी बचाता है।

●   स्टेनलेस स्टील अंडर-फ्रेम: पूरा अंडर-फ्रेम ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील (एसएस 201 एलएन) का है जो कम जंग के कारण कोच के जीवन को बढ़ाता है।

●   एयर सस्पेंशन बोगियां: इन कोचों के यात्री आराम और सवारी की गुणवत्ता में सुधार के लिए बोगियों में एयर स्प्रिंग सस्पेंशन लगाए गए है।

●   संरक्षा में सुधार के लिए बेयरिंग, व्हील के लिए ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम।

●   एचवीएसी - एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए वायु गुणवत्ता माप।

●   वास्तविक समय के आधार पर पानी की उपलब्धता को इंगित करने के लिए जल स्तर सेंसर।

●   बनावट वाली बाहरी पीवीसी फिल्म: बाहरी बनावट में टेक्सचर्ड पीवीसी फिल्म के साथ उपलब्धता।

●  बेहतर इंटीरियर: आग प्रतिरोधी सिलिकॉन फोम वाली सीटें और बर्थ यात्रियों को बेहतर आराम और सुरक्षा प्रदान करते हैं।

●  खिड़की पर रोलर ब्लाइंड: पर्दों के बजाय आसान सैनिटाइजेशन के लिए रोलर ब्लाइंड्स दिए गए हैं।

●   मोबाइल चार्जिंग पॉइंट: प्रत्येक यात्री के लिए प्रदान किया गया है।

●   बर्थ रीडिंग लाइट: प्रत्येक यात्री के लिए प्रदान किया गया है।

●   अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए सुविधा: सुविधाजनक अपर बर्थ व्यवस्था।

तेजस टाइप स्लीपर कोच मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) में निर्मित हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे भारतीय रेल नेटवर्क पर लम्बी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में लगाये जायेंगे। (पीआईबी)

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एमजी/ एएम/ एसके

Sunday, August 16, 2020

दिल्ली मैट्रो भी और अधिक आधुनिक हुई कोरोना युग में

 पुराने गीतों के बोलों का सहारा ले कर शुरू किये नए संदेश 
आज 15 अगस्त  की तारीख उस बेहद गंभीर किस्म की अदाकारा विद्या सिन्हा की पुन्य तिथि भी है जिसने अनगिनत यादगारी रोल किये। कभी उसी का युग ही हुआ करता था।  फिल्म छोटी सी बात आज भी याद आती है। जब बस में सफर करते वक्त अमोल पालेकर बस की सीट खाली होने पर विद्या सिन्हा के साथ बैठना चाहता है लेकिन झट से कोई और युवक उस सीट पर पहुँच जाता है अमोल पालेकर मन मसोस कर रह जाता है। रोमांस, प्रेम और खुशियों के वे छोटे छोटे पल शायद पुरानी पीढ़ी में हम सभी ने देखे होंगें। तब किसी ने न सोचा था कभी कोरोना युग भी आएगा। कोरोना युग ने तो जैसे दुनिया ही बदल दी है। वे सभी बातें अतीत बन गई हैं जब हम सिर्फ सिनेमा हाल में ही नहीं बस और ट्रेन में भी दुसरे के साथ सट कर बैठा करते थे। पार्कों के बैंच और कोने भी अक्सर इसी मकसद के लिए ही इस्तेमाल किये जाते। घर परिवारों में भी पारिवारिक सदस्य अक्सर इसी तरह बैठते। कंधे से कंधा जोड़ कर एक दुसरे के कान में ही कुछ कहना और सुनना एक अलग ही तरह का मज़ेदार माहौल था। धीरे धीरे ट्रेनों में भी यह सब बढ़ने लगा। मैट्रो की सीटों पर बैठना तो एक अलग ही तरह का मज़ा होता। बसों में यही कुछ होने लगा। लेकिन अब कोरोना की मजबूरी भी है और कानून की सख्ती भी। 
अब सोशल डिस्टेंस बेहद आवश्यक हो गई है। इसका पालन करना और करवाना सभी का नैतिक कर्तव्य भी बन गया है। ऐसे में Delhi Metro Rail Corporation ने पुराने गीतों का सहारा लेते हुए नए उग के संदेश देने शुर किये हैं। एक बहुत पुराना गीत है-एक मैं और एक तू दोनों मिले इस तरह---उसी के बोलों को याद दिलाते हुए दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन ने सोशल डिस्टेंस कस्न्देश देते हुए अब एक नया स्केच जारी किया है: एक मैं और एक तू-बैठेंगे इस तरह---साथ ही दोनों में फासला भी दिखाया गया है। देखिये आप भी इस कलाकृति को मित्रों तक भी पहुंचाईये इस पोस्ट के लिंक को। इस स्केच को मैट्रो ने जारी किया था 8 जून 2020 को ट्विटर पर भी। --मीडिया लिंक रविंद्र

Tuesday, March 24, 2020

लॉकडाउन/सेवा निलंबन के कारण रेल कर्मचारियों की छंटनी न हो

प्रविष्टि तिथि: 24 MAR 2020 6:13PM by PIB Delhi
रेल मंत्रालय ने जारी किये ज़ोनल रेलवे को आवश्यक निर्देश
नई दिल्ली: 24 मार्च 2020: (पीआईबी//रेल मंत्रालय//रेल स्क्रीन)::
रेलवे के विभिन्न विभागों में काम करते कर्मचारियों के मन में अपने भविष्य को लेकर बहुत सी आशंकाए हैं। सेवाएं निलंबित हैं। लॉक डाऊन की स्थिति है। कहीं हमें नौकरी से न हटा दिया जाये। इस बात की आशंका सभी के मन में हैं। रेलवे मन्त्रालं ने स्पष्ट कर दिया है की ऐसा कुछ नहीं होगा।   रेल मंत्रालय द्वारा विपत्ति को कम करने और ट्रेनों में ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग सर्विसेज (ओबीएचएस), स्वच्छता, पेंट्री कार, स्टेशन, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां जैसी सेवाओं को प्रदान करने में लगे संविदात्मक और आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे कर्मचारियों को सेवाओं के निलंबन/लॉकडाउन की समाप्ति होने तक ‘ड्यूटी पर’ माना जाएगा और इस संबंध में उन्हें तदनुसार या केन्द्र सरकार द्वारा दी गई सलाह के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
यह मैनपावर के आधार पर दिए गए अनुबंधों पर भी लागू है।
एकमुश्त आधार पर दिए गए अनुबंधों के लिए (यानी मैनपावर के आधार पर नहीं), अधिकतम भुगतान जो किया जा सकता है, वह अनुबंध मूल्य के 70% तक सीमित रहेगा।
रेलवे बोर्ड द्वारा जोनल रेलवे को आवश्यक निर्देश जारी किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सेवाओं के निलंबन/लॉकडाउन होने के कारण अनुबंधित कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी न हो।
एम/एके/एसके-(रिलीज़ आईडी: 1607983)

Saturday, January 25, 2020

RPF/RPSF कार्मिकों को वीरता के लिए पुलिस पदक (PMG)

25th  January 2020  at 3:21PM by PIB Delhi
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (PPM) 
मेधावी सेवाओं के लिए पुलिस पदक (PM) से सम्मानित किया गया
नई दिल्ली: 25 जनवरी 2020: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::
माननीय राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस 2020 के अवसर पर निम्नलिखित रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) को कार्मिकों को वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी), उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएम) और मेधावी सेवाओं के लिए पुलिस पदक (पीएम) से सम्मानित किया है।
वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी):
स्वर्गीय श्री जगबीर सिंह राणा, कांस्टेबल/ उत्तर रेलवे (मरणोपरांत)
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएम)
श्री अम्बिका नाथ मिश्रा, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त/ पूर्व रेलवे,
श्री भरत सिंह मीणा, कमांडेंट, 8 बीएन/ आरपीएसएफ।
 मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक (पीएम)
श्री युगल किशोर जोशी, डीआईजी/ आरपीएफ,
श्री अनिल कुमार शर्मा, सहायक कमांडेंट/ आरपीएसएफ,
श्री पी. पी. जॉय, सहायक सुरक्षा आयुक्त/ कोंकण रेलवे,
श्री दीप चंद्र आर्य, सहायक सुरक्षा आयुक्त/ उत्तर रेलवे,
श्री टी. चंद्रशेखर रेड्डी, निरीक्षक/ दक्षिण मध्य रेलवे,
श्री के. चक्रवर्ती, निरीक्षक/ दक्षिण मध्य रेलवे,
श्री सतीश इंगल, हेड कांस्टेबल/ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे,
श्री देव कुमार गोंड, उप-निरीक्षक/ कोंकण रेलवे,
श्री जी.एस. विजयकुमार, उप-निरीक्षक/ मध्य रेलवे,
श्री डी. बालासुब्रह्मण्यम, उप-निरीक्षक/ प्रशिक्षण केंद्र, मौला अली,
श्री महफजुल हक, इंस्पेक्टर/ 4 बीएन आरपीएसएफ,
श्री दर्शन लाल, उप-निरीक्षक/ 6 बीएन आरपीएसएफ,
श्री नेमी चंद सैनी, सहायक उप-निरीक्षक/ उत्तर पश्चिम रेलवे,
श्री आलोक कुमार चटर्जी, सहायक उप-निरीक्षक/ पूर्वी रेलवे,
श्री अशोक कुमार यादव, इंस्पेक्टर/ पश्चिम रेलवे
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आर.के.मीणा/आरएनएम/एसकेजे/एनके-5471

Thursday, January 2, 2020

भारतीय रेलवे ने एकीकृत हेल्‍पलाइन नम्‍बर ‘139’ की घोषणा की

Thursday: 02 JAN 2020 5:41PM by PIB Delhi
किसी भी तरह की मदद, पूछताछ और शिकायत के लिए विशेष सुविधा
नई दिल्ली: 2 जनवरी 2020: (रेल मंत्रालय//पीआईबी//रेल स्क्रीन)::
रेल से सफर के दौरान पूछताछ एवं शिकायत निवारण के लिए कई हेल्‍पलाइन नम्‍बर रहने के कारण यात्रियों को हो रही असुविधा को समाप्‍त करने के लिए भारतीय रेलवे ने एक अभिनव पहल की है। भारतीय रेलवे ने इसके तहत समस्‍त हेल्‍पलाइन नम्‍बरों को एकीकृत कर केवल एक हेल्‍पलाइन नम्‍बर ‘139’ में तब्‍दील कर दिया है, ताकि सफर के दौरान यात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों का त्‍वरित निवारण संभव हो सके। सभी मौजूदा हेल्‍पलाइन नम्‍बरों (182 को छोड़कर) के स्‍थान पर अब केवल एक ही नया हेल्‍पलाइन नम्‍बर ‘139’ रहने से यात्रियों के लिए इस नम्‍बर को याद रखना और सफर के दौरान अपनी सभी जरूरतों की पूर्ति के लिए रेलवे से संपर्क साधना या कनेक्‍ट करना काफी आसान हो जाएगा।

निम्‍नलिखित रेल शिकायत निवारण हेल्‍पलाइन नम्‍बरों को अब समाप्‍त किया जा रहा है :
इस तरह काम करेगा यह विशेष नंबर:
138 (सामान्‍य शिकायतों के लिए)
1072 (हादसों एवं सुरक्षा के लिए)
9717630982 (एसएमएस संबंधी शिकायतों के लिए)
58888 / 138 (अपने कोच को स्‍वच्‍छ रखने के लिए)
152210 (सतर्कता के लिए)
1800111321 (केटरिंग सेवाओं के लिए)
हेल्‍पलाइन नम्‍बर ‘139’ बारह भाषाओं में उपलब्‍ध रहेगा। यह आईवीआरएस (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्‍पॉन्‍स सिस्‍टम) पर आधारित है। हेल्‍पलाइन नम्‍बर ‘139’ पर कॉल करने के लिए किसी स्‍मार्ट फोन की जरूरत नहीं है। अत: ऐसे में सभी मोबाइल यूजर के लिए इस नम्‍बर तक आसान पहुंच रहेगी।

‘139’ हेल्‍पलाइन (आईवीआरएस) से संबंधित विवरण कुछ इस प्रकार से है :

सुरक्षा एवं चिकित्‍सा सहायता के लिए यात्री को ‘1’ नम्‍बर को दबाना होगा, जो कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी से उसे तत्‍काल कनेक्‍ट कर देगा।
पूछताछ के लिए यात्री को ‘2’ नम्‍बर को दबाना होगा। इसके अंतर्गत ही पीएनआर स्‍टैटस, ट्रेन के आगमन/प्रस्‍थान, एकोमोडेशन, किराया संबंधी पूछताछ, टिकट बुकिंग, प्रणाली के तहत टिकट निरस्‍त करने, वेकअप अलार्म सुविधा/प्रस्‍थान संबंधी अलर्ट, व्‍हील चेयर की बुकिंग और भोजन की बुकिंग के बारे में भी आवश्‍यक जानकारियां प्राप्‍त की जा सकती हैं।  
केटरिंग संबंधी शिकायतों के लिए यात्री को ‘3’ नम्‍बर को दबाना होगा।
सामान्‍य शिकायतों के लिए यात्री को ‘4’ नम्‍बर को दबाना होगा।
सतर्कता संबंधी शिकायतों के लिए यात्री को ‘5’ नम्‍बर को दबाना होगा।
हादसे के दौरान पूछताछ करने के लिए यात्री को ‘6’ नम्‍बर को दबाना होगा।
शिकायतों की ताजा स्थिति से अवगत होने के लिए यात्री को ‘9’ नम्‍बर को दबाना होगा।
कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी से बात करने के लिए यात्री को ‘*’ को दबाना होगा।
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Wednesday, January 1, 2020

विनोद कुमार यादव ने एक वर्ष के लिए पदभार संभाला

प्रविष्टि तिथि: 01 JAN 2020 1:39PM by PIB Delhi
 पुनर्नियुक्ति के तौर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की ज़िम्मेदारी निभाएंगे  
नई दिल्ली: 1 जनवरी 2020: (रेल स्क्रीन ब्यूरो)::
भारतीय रेल विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (आईआरएसईई, 1980 बैच) के श्री विनोद कुमार यादव ने आज (1 जनवरी, 2020) रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला। उनकी यह पुनर्नियुक्ति भारत सरकार के पदेन मुख्य सचिव के पद के समान स्तर पर की गई है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने श्री विनोद कुमार यादव के रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में एक वर्ष के लिए (1 जनवरी, 2020 से प्रभावी) पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
इसके पहले 1 जनवरी, 2019 को श्री विनोद कुमार यादव को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन तथा भारत सरकार के पदेन मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके पूर्व श्री यादव दक्षिण-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के पद पर थे।
उनकी शैक्षणिक योग्याताओं में शामिल हैं-ला ट्रोब यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया से एमबीए (तकनीकी प्रबंधन), इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातक (विद्युत अभियांत्रिकी) आदि। उन्हें परियोजना प्रबंधन, सामान्य प्रबंधन, औद्योगिक नीति निर्माण, विदेश सहयोग और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, क्षेत्र आधारित अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी कार्यक्रमों का प्रबंधन तथा विश्व बैंक एवं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से कोष प्रबंधन आदि का व्यापक अनुभव है।
अपने कार्यकाल के दौरान श्री विनोद कुमार यादव भारतीय रेल में और प्रतिनियुक्ति पर अन्य संगठनों में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यकारी एवं प्रबंधन के पदों पर रहे हैं। श्री यादव उत्तर रेल में मुख्य विद्युत इंजीनियर, नीति-निर्माण/कर्षण वितरण; उत्तर-पूर्वी रेल के लखनऊ मंडल में मंडल रेल प्रबंधक; और उत्तरी रेलवे के दिल्ली मंडल में अवर मंडल रेल प्रबंधक (संचालन) के पदों पर रहे हैं।
श्री विनोद कुमार यादव कई प्रमुख पदों पर रहे, जैसे-कार्यकारी निदेशक, रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाएं, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल), नई दिल्ली; समूह महाप्रबंधक (विद्युत), डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड; परियोजना निदेशक, इंटरनेशनल सेंटर फॉर एडवांसमेंट ऑफ मैन्युफ्रेक्चरिंग टेक्नोलॉजी, यूनाइटेड नेशंस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (यूएनआईडीओ)। वे भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के निदेशक भी रहे हैं।
श्री यादव तुर्की में आईआरसीओएन के उप-प्रबंधक (विद्युत) के पद पर भी रहे। वहां उन्होंने तुर्की के रेल विद्युतीकरण परियोजना के लिए नीति-निर्माण, कार्यान्वयन और परियोजना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री विनोद कुमार यादव को पहले ‘बेस्ट ट्रांसफॉरमेशन इनीसिएटिव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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Thursday, May 19, 2016

भारतीय रेल नेटवर्क का नई दिल्ली-चंडीगढ़ गलियारा


18-मई-2016 19:11 IST
एसएनसीएफ द्वारा संभावना/कार्यान्वयन अध्ययन जारी 
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने 2014-15 के अपने रेल बजट भाषण में घोषणा की थी कि दिल्ली-चंडीगढ़ गलियारे को सवारी गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाकर 160/200 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए उन्नत बनाया जाएगा। रेल मंत्रालय ने फ्रेंच नेशनल रेलवे (एसएनसीएफ) के साथ रेल के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग के लिए 14/02/2013 को करार पर हस्ताक्षर किया। सहमति ज्ञापन में दिए गए सहयोग के क्षेत्रों में एक क्षेत्र भारतीय रेल की वर्तमान अवसंरचना पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए अनुभवों तथा टेक्नोलॉजी और तौर-तरीकों का आदान-प्रदान करना है। सहयोग के विषयों तथा विशेष परियोजनाओं पर बातचीत के लिए सीआरबी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल मई, 2014 में एसएनसीएफ (फ्रांस) गया था। विचार-विमर्श के दौरान दिल्ली-चंडीगढ़ गलियारे पर रफ्तार बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बाद में अप्रैल, 2015 में माननीय प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान रेल मंत्रालय की स्वीकृति के साथ दिल्ली-चंडीगढ़ सेक्शन पर सेमी हाईस्पीड रेल में सहयोग पर एसएनसीएफ के साथ प्रोटोकॉल हुआ। दिसंबर, 2015 में रेल मंत्रालय और एसएनसीएफ के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया और इसके माध्यम से 50:50 प्रतिशत लागत वहन आधार पर सवारी गाड़ियों की गति 200 किलोमीटर प्रति घंटे करने की संभावना और क्रियान्वयन पर अध्ययन करने का काम एसएनसीएफ को सौंपा गया। इस अध्ययन की कुल लागत 19,69,02,721 रुपये (कर के बिना) है और इसके पूरा होने की कुल अवधि एक साल है। अध्ययन का कार्य 19 जनवरी, 2016 को शुरू हुआ। अध्ययन को तीन चरणों में बांटा गया है और प्रत्येक चरणों में कवर किए जाने वाले क्षेत्रों का ब्यौरा निम्नलिखित हैं। 

चरण-1 (प्रारंभ होने की तिथि से चार महीने में)- फिल्ड विजिट, सर्वे, संभावित तकनीकी सॉल्युशनों की समीक्षा तथा उन्नयन के तीन उच्च स्तरीय मानक विकसित करना। 

चरण-2 (चरण-1 के पूरा होने की तिथि से दो महीने में)- संचालन, आर्थिक प्रभाव/इसमें स्थितियों का मूल्यांकन, परिवहन तथा संचालन योजनाओं पर प्रभाव, भारतीय रेल के लिए आर्थिक/वित्तीय प्रभाव और भारतीय रेल के साथ प्राथमिकता वाले परिदृश्य का चयन। 

चरण-3 (चरण-2 की समाप्ति के बाद छह महीने में)- क्रियान्वयन योजना तथा टेंडरों का क्रियान्वयन। इसमें संदर्भ डिजाइन, मात्राओं के बिल, चुनिंदा आधार पर भारतीय रेल द्वारा व्यापक एचएसएस उन्नयन कार्यक्रम के लिए सिफारिश शामिल है। 

अभी पहले चरण का काम चल रहा है। पहले चरण के चार महीनों को चार भागों यानी एक-एक महीने की अवधि में बांटा गया है और प्रत्येक महीने एसएनसीएफ तथा उत्तर रेल के संबद्ध अधिकारियों की बैठक होती है। इसे परियोजना समीक्षा का नाम दिया गया है। आज यानी 18 मई, 2016 को हुई बैठक में तीसरी परियोजना की समीक्षा की गई। (PIB)
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Thursday, April 4, 2013

रेल मंत्री ने किया एसोचेम सम्‍मेलन का उद्घाटन

04-अप्रैल-2013 19:22 IST
एसोचेम समर्पित मालढुलाई गलियारे पर आधारित
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज यहां एसोचेम भारत की ओर से 'समर्पित मालढुलाई गलियारा-चुनौतियां और अवसर' विषय पर आयोजित अन्‍तरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का उद्घाटन किया। मंत्री महोदय ने इस अवसर पर 'कॉरीडोर्स फॉर इंडियाज इकनॉमिक डवलपमेंट' नामक एसोचेम-यश बैंक की विवरण रिपोर्ट भी जारी की । 

अपने उद्घाटन भाषण में श्री बंसल ने कहा कि भारतीय रेल ने अपनी मालढुलाई की क्षमता बढ़ाई है और इसने वर्ष 2012-2013 में सफलतापूर्वक 101 करोड़ टन मालढुलाई करके एक अरब टन मालढुलाई क्षमता वाली श्रेणी में स्‍थान पा लिया। अब भारत इस क्षेत्र में चीन, रूस और अमरीका के साथ हो गया है। 

इस अवसर पर भारतीय समर्पित मालढुलाई गलियारा निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री आर. के. गुप्‍ता ने भी अपने विचार व्‍यक्ति किये। दिल्‍ली मुम्‍बई औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ कांत ने औद्योगिक शहरों और निवेश क्षेत्रों के बारे में एक प्रस्‍तुति की। सांसद और एसोचेम के अघ्‍यक्ष श्री राजकुमार धूत ने स्‍वागत भाषण दिया। 

वि.कासोटिया/सुधीर/संजना/ 1717

Wednesday, March 27, 2013

सुपर फास्‍ट गाड़ियों की आरक्षण फीस तथा पूरक शुल्‍क

बढ़ी हुई आरक्षण फीस की वापसी पहली अप्रैल 2013 से लागू
रेल बजट 2013-14 में सुपर फास्‍ट गाड़ियों की आरक्षण फीस, पूरक शुल्‍क के संशोधन और बढ़ी हुई आरक्षण फीस की वापसी के बारे में घोषणा की गई है। संशोधित दरें पहली अप्रैल 2013 को और उसके बाद जारी टिकटों पर लागू होगी। आरक्षण की इन दरों का ब्‍यौरा निम्‍नलिखित है:-
आरक्षण फीस
श्रेणी
संशोधित फीस (रुपये में)

वर्तमान
संशोधित
द्वितीय  
15
15 (कोई परिवर्तन नहीं)
स्‍लीपर
20
20 (कोई परिवर्तन नहीं)
वातानुकूलित चेयर कार
25
40
वातानुकूलित -3 इकॉनिमी
25
40
वातानुकूलित -3 टीयर
25
40
प्रथम श्रेणी
25
50
वातानुकूलित -2 टीयर
25
50
वातानुकूलित प्रथम
35
60
एक्‍जीक्‍यूटिव
35
60
(i) सुपरफास्‍ट गाडि़यों के लिए पूरक शुल्‍क 
श्रेणी
सुपरफास्‍ट गाडि़यों के लिए पूरक शुल्‍क    (रुपये में)

वर्तमान
संशोधित
द्वितीय  
10
15
स्‍लीपर
20
30
वातानुकूलित चेयर कार
30
45
वातानुकूलित -3 इकॉनिमी
30
45
वातानुकूलित -3 टीयर
30
45
प्रथम श्रेणी
30
45
वातानुकूलित -2 टीयर
30
45
वातानुकूलित प्रथम
50
75
एक्‍जीक्‍यूटिव
50
75
   
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 मीणा/क्‍वात्रा/लक्ष्‍मी-1609