Thursday, November 10, 2022

भारतीय रेल मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर

Posted On: 10th November 2022 at 12:53 PM by PIB Delhi

भारतीय रेल ने कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क के 82 प्रतिशत का विद्युतीकरण कार्य पूरा किया

*अप्रैल-अक्टूबर 2022 के दौरान 1223 रूट किलोमीटर (आरकेएम) का विद्युतीकरण किया गया

*विद्युतीकरण के परिणामस्‍वरूप ईंधन ऊर्जा का बे‍हतर उपयोग होगा

फाइल फोटो PIB 


नई दिल्ली: 10 नवंबर 2022: (पीआईबी//रेल स्क्रीन)::

​​​​​भारतीय रेल ने अपने सम्‍पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण की महत्‍वाकांक्षी योजना प्रारम्‍भ की है। इस योजना से न केवल बेहतर ईंधन ऊर्जा का उपयोग होगा, जिससे उत्‍पादन बढ़ेगा, ईंधन खर्च में कमी आएगी, बल्कि मूल्‍यवान विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

वित्‍त वर्ष 2022-23 के दौरान अक्‍टूबर, 2022 तक भारतीय रेल ने 1223 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम कर लिया है। वित्‍त वर्ष 2021-22 की समानावधि के दौरान 895 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के आंकड़े से 36.64 प्रतिशत अधिक है।

यह महत्‍वपूर्ण है कि भारतीय रेल के इतिहास में 2021-22 के दौरान 6,366 रूट किलोमीटर का रिकॉर्ड विद्युतीकरण किया गया। इससे पहले, 2020-21 के दौरान सबसे अधिक विद्युतीकरण 6,015 रूट किलोमीटर का हुआ था।

31 अक्टूबर 2022 तक भारतीय रेल के ब्रॉडगेज नेटवर्क 65,141 रूट किलोमीटर (केआरसीएल सहित) में से 53,470 ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जो कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क का 82.08 प्रतिशत है।

***     एमजी/एएम/एजी/जीआरएस

Tuesday, August 2, 2022

मानव तस्करी के खिलाफ भी रहती है सतर्क नज़र

प्रविष्टि तिथि: 02 AUG 2022 12:04 PM by PIB Delhi

जुलाई 2022 में भी आरपीएफ ने चलाया देशव्यापी अभियान चलाया

संकेतक तस्वीर 

नई दिल्ली: 02  अगस्त 2022: (पीआईबी//रेल स्क्रीन)::

आरपीएफ के ऑप्रेशन-आहट के तहत की जाने वाली कार्रवाई में 151 नाबालिग लड़कों, 32 नाबालिग लड़कियों (कुल 183 नाबालिगों) और तीन महिलाओं को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया; 47 मानव तस्कर धरे गये

यौन शोषण, देहव्यापार, जबरन मजदूरी, जबरन शादी, घरेलू बेगार करवाना, गोद देना, भीख मंगवाना, अंगों का प्रत्यारोपण करवाना, मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान भिजवाने के लिये महिलाओं तथा बच्चों की मानव तस्करी संगठित अपराध है और मानवाधिकार के हनन का सबसे घृणित नमूना है। देश का प्रमुख यातायात तंत्र होने के नाते भारतीय रेल को मानव तस्करी के लिये इस्तेमाल किया जाता है, जिसके जरिये पीड़ितों को उनके मूलस्थान से उठाकर अन्य गंतव्यों तक ले जाया जाता है।

कमान और नियंत्रण की एक संगठित अवसंचरना होने के नाते आरपीएफ की पहुंच पूरे देश में है। समय बीतने के साथ-साथ आरपीएफ ने यात्रियों की सुरक्षा सम्बंधी शिकायतों का समाधान करने की कारगर प्रणाली विकसित कर ली है। पिछले पांच वर्षों (2017, 2018, 2019, 2020 और 2021) के दौरान आरपीएफ ने 2178 लोगों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इसके साथ ही 65000 से अधिक बच्चों और तमाम महिलाओं व पुरुषों को बचाया तथा उन्हें सुरक्षा दी।

स्टेशनों और गाड़ियों में अपनी रणनीतिक तैनाती, पूरे देश में अपनी पहुंच और पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाइयों (एएचटीयू) तथा अन्य इकाइयों के प्रयासों में तेजी लाने वाली प्रणाली का इस्तेमाल करते हुये, आरपीएफ ने हाल में मानव तस्करी के विरुद्ध “ऑप्रेशन आहट” (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) नामक अभियान शुरू किया। इस पहल के अंग के रूप में आरपीएफ ने हाल में देशभर में 750 एएचटीयू की स्थापना की है, जो पुलिस, थानों में कार्यरत एएचटीयू, जिला और राज्य स्तरों पर, खुफिया इकाइयों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय करेंगी तथा रेलगाड़ियों के जरिये होने वाली मानव तस्करी के खिलाफ कारगर कार्रवाई करेंगी। हाल में आरपीएफ ने एसोसियेशन ऑफ वॉलंटेरी ऐक्शन (एवीए) नामक गैर-सरकारी संगठन के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। इस संगठन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। यह संगठन प्रशिक्षण के जरिये आरपीएफ की सहायता करेगा तथा आरपीएफ को मानव तस्करी के बारे में सूचनायें भी देगा।

इन प्रयासों में तेजी लाने के लिये मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे के जरिये जुलाई 2022 में महीने भर का अभियान चलाया गया। आरपीएफ की क्षेत्रीय इकाइयों को सलाह दी गई थी कि वे राज्य पुलिस, स्थानीय कानूनी एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर काम करें, ताकि तस्करी रोकने तथा तस्करी के मामलों के बारे में मिली सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस से भी आग्रह किया गया कि वे आरपीएफ के साथ संयुक्त कार्रवाई में हिस्सा लें, ताकि इस दिशा में समवेत प्रयास हो सकें। महीने के दौरान ऑप्रेशन-आहट में 151 नाबालिग लड़कों, 32 नाबालिग लड़कियों (कुल 183 नाबालिगों) और तीन महिलाओं को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया। साथ ही 47 मानव तस्कर भी धरे गये। इस अभियान ने सभी हितधारकों को साथ आने का मंच उपलब्ध कराया कि वे रेल के जरिये की जाने वाली मानव तस्करी के खिलाफ लामबंद हों। अभियान के दौरान विभिन्न एजेंसियों और हितधारकों के बीच विकसित समझ से भविष्य में भी मानव तस्करी के खिलाफ चलने वाली कार्रवाई में मदद मिलेगी। (PIB)

****  एमजी/एएम/एकेपी/एसएस

Friday, February 18, 2022

ठाणे और दिवा के बीच नई चालू हुई रेल लाइन

प्रविष्टि तिथि: 18 FEB 2022 6:31PM by PIB Delhi

उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदी ने महाराष्ट्र में ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली अतिरिक्त रेलवे लाईन 18 फरवरी 2022 के दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए राष्ट्र को समर्पित की  

नमस्‍कार!

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्रीमान भगत सिंह कोशियारी जी, मुख्यमंत्री श्रीमान उद्धव ठाकरे जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अश्विनी वैष्णव जी, रावसाहब दानवे जी, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार जी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस जी, सांसद और विधायकगण, भाइयों और बहनों !

कल छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मजयंती है। सबसे पहले मैं भारत के गौरव, भारत की पहचान और संस्कृति के रक्षक देश के महान महानायक के चरणों में आदरपूर्वक प्रणाम करता हूँ। शिवाजी महाराज की जयंती के एक दिन पहले ठाणे-दिवा के बीच नई बनी पांचवीं और छठी रेल लाइन के शुभारंभ पर हर मुंबईकर को बहुत-बहुत बधाई।

ये नई रेल लाइन, मुंबई वासियों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाएंगी, उनकी Ease of Living बढ़ाएगी। ये नई रेल लाइन, मुंबई की कभी ना थमने वाली जिंदगी को और अधिक रफ्तार देगी। इन दोनों लाइंस के शुरू होने से मुंबई के लोगों को सीधे-सीधे चार फायदे होंगे।

पहला-अब लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग-अलग लाइनें हो जाएंगी।

दूसरा-दूसरे राज्यों से मुंबई आने-जाने वाली ट्रेनों को अब लोकल ट्रेनों की पासिंग का इंतजार नही करना पड़ेगा।

तीसरा-कल्याण से कुर्ला सेक्शन में मेल/एक्‍सप्रेस गाड़ियां अब बिना किसी अवरोध के चलाई जा सकेंगी।

और चौथा- हर रविवार को होने वाले ब्लॉक के कारण कलावा और मुंब्रा के साथियों की परेशानी भी अब दूर हो गई है।

साथियों,

आज से सेंट्रल रेलवे लाइन पर 36 नई लोकल चलने जा रही हैं। इनमें से भी अधिकतर AC ट्रेनें हैं। ये लोकल की सुविधा को विस्तार देने, लोकल को आधुनिक बनाने के केंद्र सरकार के कमिटमेंट का हिस्सा है। बीते 7 साल में मुंबई में मेट्रो का भी विस्तार किया गया है। मुंबई से सटे सबअर्बन सेंटर्स में मेट्रो नेटवर्क को तेज़ी से फैलाया जा रहा है।

भाइयों और बहनों,

दशकों से मुंबई की सेवा कर रही लोकल का विस्तार करने, इसको आधुनिक बनाने की मांग बहुत पुरानी थी। 2008 में इस 5वीं और छठी लाइन का शिलान्यास हुआ था। इसको 2015 में पूरा होना था, लेकिन दुर्भाग्य ये है कि 2014 तक ये प्रोजेक्ट अलग-अलग कारणों से लटकता रहा। इसके बाद हमने इस पर तेज़ी से काम करना शुरु किया, समस्याओं को सुलझाया।

मुझे बताया गया है कि 34 स्थान तो ऐसे थे, जहां नई रेल लाइन को पुरानी रेल लाइन से जोड़ा जाना था। अनेक चुनौतियां के बावजूद हमारे श्रमिकों ने, हमारे इंजीनीर्यस ने, इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। दर्जनों पुल बनाए, फ्लाईओवर बनाए, सुरंग तैयार कीं। राष्ट्रनिर्माण के लिए ऐसे कमिटमेंट को मैं हृदय से नमन भी करता हूं, अभिनंदन भी करता हूं।

भाइयों और बहनों,

मुंबई महानगर ने आज़ाद भारत की प्रगति में अपना अहम योगदान दिया है। अब प्रयास है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी मुंबई का सामर्थ्य कई गुणा बढ़े। इसलिए मुंबई में 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर हमारा विशेष फोकस है। रेलवे कनेक्टिविटी की ही बात करें तो यहां हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। मुंबई sub-urban रेल प्रणाली को आधुनिक और श्रेष्ठ टेक्नॉलॉजी से लैस किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अभी जो मुंबई sub-urban की क्षमता है उसमें करीब-करीब 400 किलोमीटर की अतिरिक्त वृद्धि की जाए। CBTC जैसी आधुनिक सिग्नल व्यवस्था के साथ-साथ 19 स्टेशनों के आधुनिकीकरण की भी योजना है।

भाइयों और बहनों,

मुंबई के भीतर ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों से मुंबई की रेल कनेक्टिविटी में भी स्पीड की ज़रूरत है, आधुनिकता की ज़रूरत है। इसलिए अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल आज मुंबई की, देश की आवश्यकता है। ये मुंबई की क्षमता को, सपनों के शहर के रूप में मुंबई की पहचान को सशक्त करेगी। ये प्रोजेक्ट तेज़ गति से पूरा हो, ये हम सभी की प्राथमिकता है। इसी प्रकार वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी मुंबई को नई ताकत देने वाला है।

साथियों,

हम सभी जानते हैं कि जितने लोग भारतीय रेलवे में एक दिन में सफर करते हैं, उतनी तो कई देशों की जनसंख्या भी नहीं है। भारतीय रेल को सुरक्षित, सुविधायुक्त और आधुनिक बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। हमारी इस प्रतिबद्धता को कोरोना वैश्विक महामारी भी डिगा नहीं पाई है। बीते 2 सालों में रेलवे ने फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। इसके साथ ही 8 हज़ार किलोमीटर रेल लाइनों का electrification भी किया गया है। करीब साढ़े 4 हज़ार किलोमीटर नई लाइन बनाने या उसके दोहरीकरण का काम भी हुआ है। कोरोना काल में ही हमने किसान रेल के माध्यम से देश के किसानों को देशभर के बाज़ारों से जोड़ा है।

साथियों,

हम सभी ये भी जानते हैं कि रेलवे में सुधार हमारे देश के logistic sector में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इसीलिए बीते 7 सालों में केंद्र सरकार रेलवे में हर प्रकार के रिफॉर्म्स को प्रोत्साहित कर रही है। अतीत में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सालों-साल तक इसलिए चलते थे क्योंकि प्लानिंग से लेकर एग्जीक्यूशन तक, तालमेल की कमी थी। इस अप्रोच से 21वीं सदी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण संभव नहीं है।

इसलिए हमने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टरप्लान बनाया है। इसमें केंद्र सरकार के हर विभाग, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय और प्राइवेट सेक्टर सभी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास है। कोशिश ये है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के किसी भी प्रोजेक्ट से जुड़ी हर जानकारी, हर स्टेकहोल्डर के पास पहले से हो। तभी सभी अपने-अपने हिस्से का काम, उसका प्लान सही तरीके से कर सकेंगे। मुंबई और देश के अन्य रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए भी हम गतिशक्ति की भावना से ही काम करने वाले हैं।

साथियों,

बरसों से हमारे यहां एक सोच हावी रही कि जो साधन-संसाधन गरीब इस्तेमाल करता है, मिडिल क्लास इस्तेमाल करता है, उस पर निवेश नहीं करो। इस वजह से भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की चमक हमेशा फीकी ही रही। लेकिन अब भारत उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है। आज गांधीनगर और भोपाल के आधुनिक रेलवे स्टेशन रेलवे की पहचान बन रहे हैं। आज 6 हज़ार से ज्यादा रेलवे स्टेशन Wi-Fi सुविधा से जुड़ चुके हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें देश की रेल को गति और आधुनिक सुविधा दे रही है। आने वाले वर्षों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें, देशवासियों को सेवा देना शुरू करेंगी।

भाइयों और बहनों,

एक और पुरानी अप्रोच जो हमारी सरकार ने बदली है, वो है रेलवे के अपने सामर्थ्य पर भरोसा। 7-8 साल पहले तक देश की जो रेलकोच फैक्ट्रियां थीं, उनको लेकर बहुत उदासीनता थी। इन फैक्ट्रियों की जो स्थिति थी उनको देखते हुए कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि ये फैक्ट्रियां इतनी आधुनिक ट्रेनें बना सकती हैं। लेकिन आज वंदे भारत ट्रेनें और स्वदेशी विस्टाडोम कोच इन्हीं फैक्ट्रियों में बन रहे हैं। आज हम अपने signaling system को स्वदेशी समाधान से आधुनिक बनाने पर भी निरंतर काम कर रहे हैं। स्‍वदेशी समाधान चाहिए, हमें विदेशी निर्भरता से मुक्ति चाहिए।

साथियों,

नई सुविधाएं विकसित करने के इन प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ, मुंबई और आसपास के शहरों को होने वाला है। गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को इन नई सुविधाओं से आसानी भी होगी और कमाई के नए साधन भी मिलेंगे। मुंबई के निरंतर विकास के कमिटमेंट के साथ एक बार फिर सभी मुंबईकरों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

Thursday, February 17, 2022

AILRSA ने किया लुधियाना रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन

17th February 2022 at 01:34 PM 

घर का बजट बिगड़ने वाला आदेश वापिस नहीं लिया तो आंदोलन तेज़


लुधियाना: 17 फरवरी 2022: (रेल स्क्रीन ब्यूरो):: 

रेल के नाराज़ हुए मुलाज़िमों ने लुधियाना के रेलवे स्टेशन पर केंद्र सरकार के खिलाफ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुख्य वजह रही भत्तों में अचानक की जा रही कटौती जिससे घरों का सारा बजट ही बिगड़ जाएगा। 

ये मुलाज़िम नाराज़ हैं क्यूंकि रेलवे प्रशासन ने इनकी तन्ख्वाह से कई भत्तों की कटौती कर ली है।  अब दो महीने तक न तो तो इन्हें यात्रा भत्ता मिलेगा, न ही ट्यूशन भत्ता, न ही नाईट ड्यूटी का भत्ता, न ही ओवर टाईम डयूटी इत्यादि।  इस तरह बहुत से आदेश दिए गए हैं जो इन रेलवे मुलाज़िमों की आर्थिकता को डांवांडोल कर देंगें। दुसरे शब्दों में कहें तो अब जो वेतन मिला करेगा वह बहुत कम हो जाएगा। इन मुलाज़िमों का कहना है की यह तो सीधा सीधा हमारी जेब पर डाका है।आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन लुधियाना इकाई ने भी इस मुड़े को ले कर रेलवे स्टेशन लुधियाना के प्लेटफार्म पर ज़ोरदार प्रदर्शन किया और तीखी नारेबाजी की। देश के अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ही स्पष्ट कहा गया कि अगर  को वापिस नहीं लिया गया तो फिर हमें संघर्ष की राह पर चलना पड़ेगा जिसकी जिम्म्मेदारी फ़िरोज़पुर डिवीयन के रेल प्रशासन पर होगी। डिवियनल सेक्रेटरी सोमनाथ की अध्यक्षता में हुए इस विरोश प्रदर्शन में जानेमाने ट्रेड यूनियन नेता कामरेड परमजीत सिंह, कामरेड दर्शन सिंह, कामरेड राधेश्याम, कामरेड शरीव हुसैन, अनिल कुमार और अन्य सजहि भी शामिल हुए। 


Friday, October 8, 2021

'मिले सुर मेरा तुम्हारा' गीत का नया संस्करण राष्ट्र को समर्पित

Posted On: 08 OCT 2021 12:52 PM by PIB Delhi

 राष्ट्र को समर्पित किया श्रीमती दर्शना जरदोश ने 


'मिले सुर मेरा तुम्हारा' गीत का नया संस्करण में काफी कुछ नया है 

इसे सभी रेलवे कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा तैयार किया और गाया गया है

रेल एवं कपड़ा राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' गीत का नया संस्करण राष्ट्र को समर्पित किया। इस गाने का नया संस्करण रेलवे कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने तैयार किया है। इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनीत शर्मा और रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

गीत का वीडियो लिंक नीचे दिया गया है:


यह गीत भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने और अखिल भारतीय स्तर पर भारतीय रेलवे की विशिष्ट उपलब्धियों, विकास तथा एकीकरण को प्रदर्शित करने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा की जा रही पहल का हिस्सा है।

इस अवसर पर श्रीमती दर्शना जरदोश ने कहा, “आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में यह गीत विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है। इस गाने का नया संस्करण न केवल रेल कर्मचारियों को बल्कि पूरे देश को भी प्रेरित करेगा। इतना ही नहीं यह गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा।"

यह गीत 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' का एक नया संस्करण है, जिसे पहली बार वर्ष 1988 में स्वतंत्रता दिवस पर प्रसारित किया गया था। इसके लिए मूल गीत के बोल यथावत रखे गए हैं लेकिन संगीत को एक नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है। यह गीत 13 अलग-अलग भाषाओं में गाया गया है, ताकि सभी रेलवे जोन में सौहार्द की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।

इस गाने को विशेष रूप से रेलवे के कर्मचारियों ने गाया है। इसके वीडियो में रेलवे के विभिन्न कर्मचारी, प्रसिद्ध रेलवे खिलाड़ी, तोक्यो ओलंपिक पदक विजेता, प्रसिद्ध हस्तियां, रेलवे अधिकारी और माननीय रेल मंत्री तथा माननीय रेल राज्य मंत्री नजर आए रहे हैं। 

Wednesday, August 25, 2021

रेल मंत्री को मिले सांसद मनीष तिवारी

25th August 2021 at 5:51 PM

बलाचौर को रेल लिंक से जोड़ने की मांग ज़ोरदार ढंग से उठाई 


चंडीगढ़//रोपड़: 25 अगस्त 2021: (गुरजीत बिल्ला//रेल स्क्रीन):: 

श्री आनन्दपुर साहिब से लोक सभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने रेल मंत्री अश्वनी वैश्नव के साथ मुलाकात करके हलके में रेलवे से जुड़े सुधारों की माँग की है। जिनमें मुख्य तौर पर बलाचौर को रेलवे लिंक से जोड़ने और रोपड़ रेलवे स्टेशन में सुधार लाए जाने की माँगें शामिल रहीं।

इस कड़ी में दिल्ली में रेल मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान सांसद मनीष तिवारी ने शहीद भगत सिंह नगर ज़िले के सब -डिवीज़न बलाचौर को लेकर कहा कि आज़ादी के बाद से अब तक यह इलाका रेल लिंक के द्वारा देश के बाकी हिस्सों से जुड़ नहीं सका है। जिस पर तीन तरह से काम हो सकता है, पहला - गढ़शंकर से श्री आनन्दपुर साहिब तक रेल लिंक स्थापित किया जाये, जिस को लेकर रेलवे पहले ही सर्वे कर चुका है ; दूसरा - राहों से रोपड़ तक रेल लिंक का निर्माण और तीसरा राहों से समराला तक रेल लिंक का निर्माण, जिस का फिर से सर्वे हो चुका है और शायद ट्रैफ़िक की समस्या के कारण इसको रोका गया है।

इसी तरह, रोपड़ रेलवे स्टेशन की स्थिति में सुधार किये जाने पर ज़ोर देते हुए सांसद तिवारी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण शहर है। यहाँ इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टैकनॉलॉजी भी स्थित है और देश भर से विद्यार्थी यहाँ पढ़ने आते हैं। यह आसपास के गाँवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। परन्तु मौजूदा समय में रोपड़ रेलवे स्टेशन पर सिर्फ़ एक ही प्लेटफार्म है, जिस कारण यात्रियों को गाड़ी में चढ़ने और उतरते समय पर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई हादसे भी हो चुके हैं। यहाँ कई लम्बी दूरी की गाड़ीयां रुकने के बावजूद स्टेशन की हालत में सुधार नहीं हुआ है।

उन्होंने रेल मंत्री को कहा कि आपके मंत्रालय ने रेल दुर्घटनाओं को घटाने और यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि पर ज़ोर दिया है। ऐसे में रोपड़ रेलवे स्टेशन पर और प्लेटफार्म का निर्माण ज़रूरी है।


इसी तरह, सांसद तिवारी ने कुराली रेलवे स्टेशन पर जन शताब्दी और हावड़ा मेल रेल गाड़ीयों को रोके जाने की माँग भी की है, जिसको लेकर इलाके के लोगों द्वारा लम्बे समय से माँग की जा रही थी।

Monday, July 19, 2021

स्मार्ट कोचों के उपयोग के साथ रेल में यात्रा का नया दौर शुरू

 19-जुलाई-2021 19:00 IST

 इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम सुस्सजित होंगें ये नए स्मार्ट कोच  


नई दिल्ली
: 19 जुलाई 2021: (
पीआईबी//रेल स्क्रीन)::

भारतीय रेलवे ने इंटेलिजेंट सेंसर आधारित सिस्टम से लैस आधुनिक तेजस कोचों के साथ राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया नई ट्रेन में यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और आराम की दृष्टि से विशेष स्मार्ट खूबियां होंगी तेजस स्मार्ट कोच के उपयोग के साथ भारतीय रेलवे का लक्ष्य निवारक रखरखाव के बजाय आगामी जरूरतों के अनुरूप रखरखाव की ओर बढ़ना है यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा बड़ा बदलाव

पश्चिम रेलवे ने नए अपग्रेड किए गए तेजस स्लीपर कोच रैक की शुरुआत के साथ भारतीय रेलवे में ज्यादा आराम के साथ रेल के सफर से जुड़े अनुभव का एक नया दौर शुरू किया जा रहा है। ज्यादा अच्छी खूबियों से लैस चमकीले सुनहरे रंग के इन डिब्बों (कोच) को रेलवे के प्रतिष्ठित मुंबई राजधानी एक्सप्रेस को चलाने और अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ यात्रा का अनुभव प्रदान करने के इरादे से जोड़ा जा रहा है। इस नई रैक का सोमवार, 19 जुलाई, 2021 को पहली बार परिचालन हुआ। पश्चिम रेलवे की सबसे ज्यादा प्रतिष्ठित और प्रीमियम ट्रेनों में से एक ट्रेन संख्या 02951/52 मुंबई- नई दिल्ली राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस की मौजूदा रैक को बिल्कुल नए तेजस टाइप स्लीपर कोचों से बदला जा रहा है। राजधानी एक्सप्रेस के रूप में संचालन के लिए दो तेजस टाइप स्लीपर कोच रैक तैयार कर दिए गए हैं। इन दोनों रैक में से, एक रैक में विशेष तेजस स्मार्ट स्लीपर कोच शामिल हैं, जो भारतीय रेल द्वारा शुरू की जाने वाली अपनी तरह की पहली ट्रेन है।

इस नई ट्रेन में यात्रियों की बेहतर सुरक्षा और आराम की दृष्टि से विशेष स्मार्ट खूबियां होंगी। स्मार्ट कोच का उद्देश्य इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम की मदद से यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।

यह जीएसएम नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ प्रदान की गई यात्री सूचना और कोच कम्प्यूटिंग यूनिट (पीआईसीसीयू) से लैस है, जो रिमोट सर्वर को रिपोर्ट करता है। पीआईसीसीयू डब्ल्यूएसपी, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, टॉयलेट गंध सेंसर, पैनिक स्विच और आग का पता लगाने व अलार्म सिस्टम के साथ एकीकृत अन्य वस्तुओं, वायु गुणवत्ता और चोक फिल्टर सेंसर और ऊर्जा मीटर का डेटा रिकॉर्ड करेगा।

तेजस स्मार्ट कोच के इस्तेमाल से, भारतीय रेल का उद्देश्य निवारक रखरखाव के बजाय आगामी जरूरतों के अनुरूप रखरखाव की ओर बढ़ना है। लंबी दूरी के सफर के लिए इस आधुनिक तेजस स्लीपर टाइप ट्रेन की पेशकश, भारतीय रेल द्वारा यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव में सुधार के लिए बदलाव का एक अन्य उदाहरण है।

अतिरिक्त स्मार्ट विशेषताएं:

●  पीए/पीआईएस (यात्री घोषणा/यात्री सूचना प्रणाली): प्रत्येक कोच के अंदर दो एलसीडी यात्रियों को यात्रा सम्बंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे अगला स्टेशन, शेष दूरी, आगमन का अपेक्षित समय, देरी और सुरक्षा सम्बंधी संदेश प्रदर्शित करेंगे।

●  डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड: फ्लश टाइप एलईडी डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड प्रत्येक कोच पर प्रदर्शित डेटा को दो पंक्तियों में विभाजित करके स्थापित किया गया है। पहली पंक्ति ट्रेन संख्या और कोच प्रकार प्रदर्शित करती है जबकि दूसरी पंक्ति गंतव्य और मध्यवर्ती स्टेशन के स्क्रॉलिंग टेक्स्ट को कई भाषाओं में प्रदर्शित करती है।

●   सुरक्षा और निगरानी: प्रत्येक कोच में छह कैमरे लगे हैं, जो लाइव रिकॉर्डिंग करते हैं। दिन-रात दृष्टि क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे, कम रोशनी की स्थिति में भी चेहरे की पहचान, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर लगाये गये हैं।

●   स्वचालित प्लग द्वार: सभी मुख्य प्रवेश द्वार गार्ड द्वारा केंद्रीकृत नियंत्रित हैं। जब तक सभी दरवाजे बंद नहीं हो जाते तब तक ट्रेन नहीं चलेगी।

●   फायर अलार्म, डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम: सभी कोचों में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम लगाये गये हैं। पेंट्री और पावर कारों में आग लगने का पता चलने पर स्वचालित अग्नि शमन प्रणाली कार्य शुरू कर देती है।

●   आपातकालीन चिकित्सा या सुरक्षा जैसी आपात स्थिति में टॉक बैक पर बात की जा सकती है।

●   बेहतर टॉयलेट यूनिट: एंटी-ग्रैफिटी कोटिंग, जेल कोटेड शेल्फ, नए डिजाइन का डस्टबिन, डोर लैच एक्टिवेटेड लाइट, एंगेजमेंट डिस्प्ले के साथ लगाये गये हैं।

●    शौचालय ऑक्यूपेंसी सेंसर: प्रत्येक कोच के अंदर शौचालय ऑक्यूपेंसी को स्वचालित रूप से प्रदर्शित किया जाता है।

●   शौचालयों में पैनिक बटन: किसी भी आपात स्थिति के लिए इस बटन को प्रत्येक शौचालय में लगाया गया है।

●   टॉयलेट एनुसिएशन सेंसर इंटेग्रेशन (टीएएसआई): प्रत्येक कोच में दो टॉयलेट एनुसिएशन  सेंसर इंटीग्रेशन लगे हैं, जो उपयोग के समय 'शौचालयों में क्या करें और क्या न करें' की घोषणा को प्रसारित करेंगे।

●   बायो-वैक्यूम शौचालय प्रणाली: बेहतर फ्लशिंग के कारण शौचालय में बेहतर स्वच्छता प्रदान करता है और प्रति फ्लश पानी भी बचाता है।

●   स्टेनलेस स्टील अंडर-फ्रेम: पूरा अंडर-फ्रेम ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील (एसएस 201 एलएन) का है जो कम जंग के कारण कोच के जीवन को बढ़ाता है।

●   एयर सस्पेंशन बोगियां: इन कोचों के यात्री आराम और सवारी की गुणवत्ता में सुधार के लिए बोगियों में एयर स्प्रिंग सस्पेंशन लगाए गए है।

●   संरक्षा में सुधार के लिए बेयरिंग, व्हील के लिए ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम।

●   एचवीएसी - एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए वायु गुणवत्ता माप।

●   वास्तविक समय के आधार पर पानी की उपलब्धता को इंगित करने के लिए जल स्तर सेंसर।

●   बनावट वाली बाहरी पीवीसी फिल्म: बाहरी बनावट में टेक्सचर्ड पीवीसी फिल्म के साथ उपलब्धता।

●  बेहतर इंटीरियर: आग प्रतिरोधी सिलिकॉन फोम वाली सीटें और बर्थ यात्रियों को बेहतर आराम और सुरक्षा प्रदान करते हैं।

●  खिड़की पर रोलर ब्लाइंड: पर्दों के बजाय आसान सैनिटाइजेशन के लिए रोलर ब्लाइंड्स दिए गए हैं।

●   मोबाइल चार्जिंग पॉइंट: प्रत्येक यात्री के लिए प्रदान किया गया है।

●   बर्थ रीडिंग लाइट: प्रत्येक यात्री के लिए प्रदान किया गया है।

●   अपर बर्थ पर चढ़ने के लिए सुविधा: सुविधाजनक अपर बर्थ व्यवस्था।

तेजस टाइप स्लीपर कोच मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) में निर्मित हो रहे हैं, जो धीरे-धीरे भारतीय रेल नेटवर्क पर लम्बी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में लगाये जायेंगे। (पीआईबी)

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