Friday, March 6, 2026

मोबाइल से निकालो प्लेटफॉर्म टिकट,भीड़ से पाओ राहत

 रेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 06 MAR 2026 at 5:32PM by PIB Jaipur 

 वैद्यता पूर्ववत दो घंटे//रेलवे का यात्री सुविधा हेतु डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा 


जयपुर
: 06 मार्च 2026:(PIB Jaipur//रेल स्क्रीन डेस्क)::

रेलवे यात्रियों को बेहतर और त्वरित सुविधाएं देने के लिए लगातार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रहा है। इसी क्रम में अब यात्री अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए रेलवे द्वारा शुरू किए गए रेलवन एप का उपयोग किया जा सकता है। इस सुविधा के शुरू होने से स्टेशन पर टिकट खिड़की के सामने लगने वाली लंबी कतारों से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म टिकट लेने के लिए काउंटर तक जाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने मोबाइल में रेलवन एप डाउनलोड कर आसानी से प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि एप से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया सरल है और कुछ ही मिनटों में टिकट जारी हो जाता है। टिकट जारी होने के बाद उसका डिजिटल स्वरूप मोबाइल में उपलब्ध रहता है,जिसे स्टेशन पर जांच के समय दिखाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म टिकट की यह व्यवस्था यात्रियों के समय की बचत के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन में भी सहायक होगी। त्योहारों,छुट्टियों और विशेष अवसरों पर अक्सर प्लेटफॉर्म टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। मोबाइल एप के माध्यम से टिकट मिलने से यह समस्या काफी हद तक कम होगी। उल्लेखनीय है कि इस एप के जरिए जनरेट किए जाने वाले प्लेटफॉर्म की वैद्यता भी दो घंटे ही रहेगी। 

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रेलवन एप का उपयोग करें और डिजिटल टिकटिंग की इस सुविधा का लाभ उठाएं, ताकि यात्रा से जुड़ी सेवाएं और अधिक सरल, सुरक्षित तथा सुविधाजनक बन सकें।

लेनदेन में पारदर्शिता और सुविधाएं बढ़ेंगी

इस तरह की डिजिटल सुविधाओं के उपयोग से टिकट काउंटर पर दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज व सुगम सेवा मिल सकेगी। साथ ही नकदी लेन-देन की आवश्यकता भी कम होगी जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

00000//(रिलीज़ आईडी: 2236021)

Wednesday, February 4, 2026

हाथियों से रेल हादसे रोकने के लिए अब नई तकनीक

 PIB//रेल मंत्रालय//Posted on Wednesday 04th February 2026 at 4:56 PM by PIB Delhi

मधुमक्ख्यों की आवाज़ जैसी तरंगें भी हाथियों को पटरी से दूर रखेंगी 

भारतीय रेलवे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) वितरित ध्वनिक संवेदक (डीएएस) तकनीक का उपयोग करते हुए रेलवे ट्रैक पर हाथियों की उपस्थिति का पता लगाती है और यह संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोको पायलटों, स्टेशन मास्टरों तथा नियंत्रण कक्ष को समय रहते अलर्ट जारी करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है

एनएफआर (403.42 वर्ग किलोमीटर), ईसीओआर (368.70 वर्ग किलोमीटर), एसआर (55.85 वर्ग किलोमीटर), एनआर (52 वर्ग किलोमीटर), एसईआर (55 वर्ग किलोमीटर), एनईआर (99.18 वर्ग किलोमीटर), डब्ल्यूआर (115 वर्ग किलोमीटर) और ईसीआर (20.3 वर्ग किलोमीटर) को कवर करने वाले क्षेत्रों में घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) से संबंधित कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। 


नई दिल्ली
: 04 फरवरी 2026: (पी आई बी- दिल्ली//रेल स्क्रीन डेस्क):: हाथियों और अन्य जानवरों की घुसपैठ रोकने के लिए नई तकनीक 

रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समन्वय से रेल पटरियों पर हाथियों के टकराने से रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

(i) अपनाए गए नवोन्मेषी उपायों में एक प्रमुख पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) का विकास है, जो वितरित ध्वनिक संवेदक (डीएएस) तकनीक के माध्यम से रेलवे ट्रैक पर हाथियों की उपस्थिति का पता लगाती है। इस प्रणाली में ऑप्टिकल फाइबर, आवश्यक हार्डवेयर और हाथियों की गतिविधि से संबंधित पूर्व-परिभाषित संकेतों का समावेश किया गया है। यह प्रणाली रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की गतिविधि की सूचना समय रहते लोको पायलटों, स्टेशन मास्टरों एवं नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने हेतु चेतावनी संदेश उत्पन्न करती है, जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए त्वरित व प्रभावी निवारक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

वर्तमान में, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में वन विभाग द्वारा चिन्हित महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर 141 किलोमीटर से अधिक लंबाई में घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे के विभिन्न चिन्हित गलियारों में भी आईडीएस से संबंधित कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन गलियारों में एनएफआर (403.42 किलोमीटर), ईसीओआर (368.70 किलोमीटर), एसआर (55.85 किलोमीटर), एनआर (52 किलोमीटर), एसईआर (55 किलोमीटर), एनईआर (99.18 किलोमीटर), डब्ल्यूआर (115 किलोमीटर) और ईसीआर (20.3 किलोमीटर) शामिल हैं।

(ii) हाथियों के साथ ट्रेन की टक्कर की किसी भी घटना की स्थिति में, संबंधित क्षेत्रीय रेलवे वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की जांच करता है और उसके आधार पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। इन उपायों में चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर उपयुक्त गति सीमाओं का निर्धारण, ट्रेन कर्मचारियों एवं स्टेशन मास्टरों को सतर्क करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ट्रेन कर्मचारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करने और उनकी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संबंधित वन अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान ऐसी घटनाओं की औसत संख्या लगभग 16 प्रति वर्ष रही है।

(iii) चिन्हित स्थानों पर हाथियों की आवाजाही के लिए अंडरपास और रैंप का निर्माण।

(iv) रेल लाइनों की ओर हाथियों को आने से रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों में पटरियों के किनारे उपयुक्त बाड़ लगाना।

(v) लोको पायलटों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सभी चिन्हित हाथी गलियारों पर साइनेज बोर्ड उपलब्ध कराना।

(vi) रेलवे भूमि के भीतर पटरी के आसपास की वनस्पति और खाद्य पदार्थों की सफाई।

(vii) वन क्षेत्र में सौर प्रणाली के साथ एलईडी लाइटें उपलब्ध कराना।

(viii) स्टेशन मास्टर और लोको पायलटों को सतर्क करने के लिए समय पर कार्रवाई हेतु वन विभाग द्वारा नियुक्त हाथी ट्रैकर्स की तैनाती की जाती है।

(ix) रेल पटरियों के पास जंगली जानवरों/हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए लेवल क्रॉसिंग पर मधुमक्खी की आवाज करने वाले नए उपकरण लगाए गए हैं। इस उपकरण से उत्पन्न ध्वनि हाथियों को रेल पटरी से दूर भगाने का काम करती है।

(x) रात/खराब दृश्यता के दौरान सीधी पटरी पर जंगली जानवरों की उपस्थिति का पता लगाने के लिए थर्मल विजन कैमरे का भी परीक्षण किया जा रहा है, जो लोको पायलटों को जंगली जानवरों की उपस्थिति के बारे में सचेत करता है।

यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


****//पीके/केसी/एनके/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2223454)****

Tuesday, December 16, 2025

वंदे भारत एक्सप्रेस ने छुए सफलता के नए आसमान

 रेल मंत्रालय/Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 16 December 2025 at 6:48 PM by PIB Delhi

2019 से अब तक 7.5 करोड़ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान की

नई दिल्ली: 16 दिसंबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन डेस्क):: 

वंदे भारत ने भारतीय रेल में एक नया इतिहास रचा है। रफ्तार,  सुरक्षा और आरामदायक यात्रा में अब बहुत कुछ नया शामिल हुआ है। 

भारत भर में 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चालू हैं। इसके साथ ही 274 जिलों में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। 

भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से भारत में रेल यात्रा को पूरी तरह से बदल दिया है। आज, 164 विश्वस्तरीय वंदे भारत सेवाएं देश भर के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं। 

ये सेवाएं तेज़, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्राएं प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इसके यात्रियों की संख्या से स्पष्ट है। 2019 से अब तक 75 लाख से अधिक यात्री इस अत्याधुनिक ट्रेन का अनुभव कर चुके हैं।


वंदे भारत एक्सप्रेस चेनाब पुल को पार करते हुए दिखाई देती है तो
अनुभूति बहुत ही यादगारी बन जाती है। प्राकृतिक छटा को दिखने वाले दृश्य कमाल के रूप में सामने आते हैं जब यात्रा वंदे भारत की हो। 

मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित, प्रत्येक ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इनमें स्वचालित प्लग वाले दरवाजे, घूमने वाली सीटें और बायो-वैक्यूम शौचालय शामिल हैं। इनमें जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और पूर्ण सीसीटीवी कवरेज भी है। ये सुविधाएं प्रत्येक यात्री के लिए विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव सुनिश्चित करती हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस, रेल सेवा यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हुई है। ये भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्रों को गति और आराम से जोड़ती हैं। ये ट्रेनें देश भर के 274 जिलों में चलती हैं। इस व्यापक नेटवर्क से पूरे देश में यात्रा, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार हो रहा है।

दिल्ली-वाराणसी मार्ग राष्ट्रीय राजधानी को भारत के आध्यात्मिक केंद्र से जोड़ता है। यह तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा विकल्प प्रदान करता है। इसी प्रकार, श्रीनगर- श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक तक पहुंच को बेहतर बनाता है। इस मार्ग का उद्घाटन 6 जून 2025 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देता है और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करता है।

वहीं दूसरी ओर, बेंगलुरु- हैदराबाद ट्रेन सेवा कई यात्रियों की पसंदीदा विकल्प बन गई है। आईटी पेशेवरों और व्यावसायिक यात्रियों द्वारा इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह सेवा भारत के दो प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्रों को जोड़ती है।

गौततलब है कि वंदे भारत की शुरुआत 2019 में सिर्फ एक ट्रेन सेवा से हुई थी। आज यह 164 ट्रेनों के नेटवर्क में तब्दील हो चुका है। ये ट्रेनें हर महीने लाखों यात्रियों को ले जाती हैं। ये ट्रेनें व्यावसायिक यात्रियों की उत्पादकता बढ़ाती हैं। ये परिवारों को आरामदायक यात्रा प्रदान करती हैं। ये तीर्थयात्रियों को सम्मानजनक यात्रा का अनुभव कराती हैं। सड़क और हवाई यात्रा की तुलना में ये कार्बन उत्सर्जन को भी कम करती हैं।

इस ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से पूरे भारत में विश्व स्तरीय रेल अवसंरचना की बढ़ती मांग का पता चलता है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल जैसी उच्च तकनीक वाली ट्रेनें लोकप्रिय हो रही हैं और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। भविष्य में, आने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह लंबी दूरी के यात्रियों के लिए गति, आराम और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन संयोजन प्रदान करेगी।

***//पीके/केसी/जेएस/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2204849) 

Friday, November 21, 2025

श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में विशेष

 रेल मंत्रालय//Aazadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 20 NOV 2025 at 9:43 PM by PIB Delhi

भारतीय रेल विभाग ने की विशेष रेल सेवाओं की विशेष घोषणा 

नई दिल्ली: 20 नवंबर 2025: (पीआईबी दिल्ली//रेल मंत्रालय//रेल स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय रेलवे ने हिंद दी चादर के रूप में विख्यात नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के स्मरणोत्सव पर श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रेन सेवाओं की घोषणा की है। यह जानकारी रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने साझा की है।

भारतीय रेलवे ने धार्मिक स्वतंत्रता, सत्य और मानवीय गरिमा के लिए गुरु श्री तेग बहादुर जी के अमर बलिदान की विरासत को नमन करते हुए कहा है कि वह इस पवित्र अवधि के दौरान श्री आनंदपुर साहिब पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, निर्बाध एवं आरामदायक यात्रा सुविधाen उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

विशेष रेल सेवाएं

तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे 22 नवंबर 2025 से दो विशेष रेल सेवाएं संचालित करेगी—एक पटना साहिब से और दूसरी पुरानी दिल्ली से, ताकि श्रद्धालुओं को समयबद्ध तथा सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।

1. पटना साहिब स्पेशल ट्रेन (सभी श्रेणियां)

22 कोच वाली विशेष रेलगाड़ी 23 नवंबर को पटना से सुबह 6:40 बजे रवाना होगी, जो 24 नवंबर को सुबह 4:15 बजे श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगी।

वापसी रेल सेवा 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब से 21:00 बजे प्रस्थान करेगी और 23:30 बजे पुरानी दिल्ली पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन लखनऊ, मुरादाबाद और अंबाला स्टेशनों पर रुकेगी।

2. पुरानी दिल्ली स्पेशल ट्रेन (सभी एसी)

एक दैनिक एसी विशेष सेवा 22, 23, 24 और 25 नवंबर को सुबह 7:00 बजे पुरानी दिल्ली से रवाना होगी तथा उसी दिन दोपहर 1:45 बजे श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगी। वापसी सेवाएं प्रतिदिन रात 11:30 बजे श्री आनंदपुर साहिब से रवाना होंगी और सुबह 3:15 बजे दिल्ली पहुँचेंगी।

यह रेल सेवा दोनों दिशाओं में सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सरहिंद और न्यू मोरिंडा स्टेशनों पर रुकेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये विशेष रेल सेवाएं इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभ और विश्वसनीय यात्रा विकल्प उपलब्ध कराने के प्रति भारतीय रेलवे की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे को श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से जुड़ी इस महत्त्वपूर्ण तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने पर गर्व है।

भारतीय रेलवे यात्रियों से आग्रह करता है कि वे अपनी यात्रा की योजना तदनुसार बनाएं और सुगम यात्रा अनुभव के लिए इन विशेष सेवाओं का उपयोग करें।

*****//पीके/केसी/एनके//(रिलीज़ आईडी: 2192424)

Wednesday, October 29, 2025

त्योहारों की भीड़-भाड़ के दौरान सुरक्षित और तेज़ यात्रा!

रेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 OCT 2025 at 9:01PM by PIB Delhi

रेल मंत्रालय बेहतर व्यवस्थाओं के ज़रिए किए विशेष प्रबंध 

                                                    यह  साभार तस्वीर है--आपको कैसी लगी 

नई दिल्ली28 अक्टूबर 2025: (पीआईबी दिल्ली//रेल स्क्रीन)::

दशकों से भारतीय जनमानस में त्योहारों के सीज़न में रेल यात्रा त्योहारों जुड़ा हुआ है। गर्मी की छुट्टियां हों या बड़े दिनों में सर्दी वाली छुट्टियां। त्योहारों पर यात्रा का उत्साह बढ़ ही जाता है। तीर्थ यात्रा और रिश्तेदारों से मेल मिलाप की भावनाएं भी इस चाहत के साथ जुड़ जाती हैं। बहुत सी कहानियां इस पर मिलती हैं। त्योहारों की भीड़-भाड़ के दौरान यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के ज़रिए भारतीय रेलवे सुरक्षित और समय पर हर मार्ग पर हर यात्रा को सुनिश्चित कर रहा है। दीपावली निकल गई। दहशरा पहले ही निकल गया। नवरात्र और करबाचौथ का उत्साह भी बना रहा। 

अब छठ पूजा के बाद यात्रियों की आरामदायक वापसी यात्रा के लिए 12 लाख रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे मुस्तैद रखा गया। त्योहारों के दौरान लोगों की सुगम यात्रा के लिए भारतीय रेलवे 12,000 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चला रहा है। 

यात्रियों ने त्योहारों के दौरान सुगम यात्रा की सराहना भी की है। भविष्य के लिए भी अब बहुत सी आशाएं  जगी हैं। लोग खुश भी हैं। अब कन्फर्म टिकटों की उपलब्धता और भारतीय रेलवे द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था शामिल है।  रेलवे में साफ़ सफाई ,  स्वच्छ व सस्ता भोजन भी सुनिश्चित बनाई गई है। 

यात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद, भारतीय रेलवे ने यह सुनिश्चित करके अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाई है कि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ त्योहार मनाने के लिए सुरक्षित और समय पर घर पहुँचे। त्योहारों के दौरान रेलवे के बेहतरीन इंतजामों पर यात्री खुशी जता रहे हैं। छठ पूजा के बाद यात्रियों की सुरक्षित, आरामदायक और समय पर वापसी यात्रा के लिए 12 लाख से ज़्यादा रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 12,000 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चला रहा है। ये विशेष सेवाएँ देश भर के लोगों के लिए सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा के लिए बनाई गई हैं। अब तक 1.6 करोड़ से ज़्यादा यात्री इन ट्रेनों से यात्रा कर चुके हैं और छठ पर्व के बाद इतनी ही संख्या में यात्रियों के वापसी यात्रा करने की उम्मीद है, क्योंकि भारतीय रेलवे त्योहारों के दौरान आने वाली भीड़ को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान करना जारी रखे हुए है।

भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए, प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर एक नया स्थायी होल्डिंग एरिया 7,000 से ज़्यादा यात्रियों के लिए उपयुक्त है और इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए 150-150 शौचालय, टिकट काउंटर, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें और आरओ के पानी की मुफ्त सुविधा है। भारतीय रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा और व्यवस्थित प्रवेश के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के 30 स्टेशनों पर समर्पित होल्डिंग एरिया भी स्थापित किए हैं। सुचारू संचालन के लिए सीसीटीवी निगरानी, ​​हैंडहेल्ड स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें (एटीवीएम) और बेहतर यात्री आवागमन पैटर्न का इस्तेमाल किया जा रहा है।

यात्रियों की सुचारू आवाजाही और बेहतर समन्वय के लिए भारतीय रेलवे ने मंडल, ज़ोन और रेलवे बोर्ड स्तर पर वॉर रूम स्थापित किए हैं। रेलवे बोर्ड को सभी स्थानों से लाइव फ़ीड मिलती है, जबकि प्रमुख स्टेशनों पर मिनी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। यह रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली देश भर में परिचालनों के समन्वय, स्टेशनों की स्थिति पर नज़र रखने और अतिरिक्त ट्रेनों व अन्य ज़रुरतों का आकलन करने में मदद करती है।

त्योहारों के दौरान भारतीय रेलवे की व्यवस्थाओं पर यात्रियों ने खुशी जताई

त्योहारों के मौसम में यात्रा करने वाले यात्री अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और भारतीय रेलवे द्वारा प्रदान की गई कन्फर्म टिकटों, व्यवस्थाओं और समग्र यात्रा अनुभव पर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। त्योहारों की भारी भीड़ को संभालने के लिए, देश भर के रेलवे कर्मचारी सक्रिय रूप से यात्रियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं, स्टेशनों पर व्यवस्था बनाए रख रहे हैं और यात्रियों का सरलता से चढ़ना और उतरना सुनिश्चित कर रहे हैं। निरंतर निगरानी, ​​कुशल भीड़ प्रबंधन और समय पर समन्वय से, प्रत्येक यात्री को सुरक्षित, आरामदायक और समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिल रही है।

नई दिल्ली से छपरा जा रहे एक यात्री ने अपनी बहन के साथ छठ मनाने के लिए कन्फर्म टिकट मिलने पर खुशी जताई और इस व्यवस्था के लिए भारतीय रेलवे का आभार व्यक्त किया। भागलपुर में, एक यात्री ने छठ गीतों से बने उत्सवी माहौल की सराहना की, जबकि पुणे में एक अन्य यात्री ने पानी, पंखे और उचित बैठने की व्यवस्था वाले सुव्यवस्थित होल्डिंग एरिया की प्रशंसा की।

भागलपुर के यात्रियों ने छठ पूजा के दौरान भारतीय रेलवे द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। एक यात्री ने बताया कि व्यवस्थाएँ बेहतरीन थीं और स्टेशन पर छठ गीतों की आवाज़ से उत्सव जैसा माहौल बन गया था। 

यात्रियों की देखभाल के प्रति भारतीय रेलवे के समर्पण के मद्देनज़र हावड़ा रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने एक दिव्यांग यात्री को सहायता प्रदान की, जिसने उनके सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

छठ मनाने के लिए नई दिल्ली से बिहार जा रहे एक यात्री ने कहा कि व्यवस्थाएं उत्कृष्ट थीं, साफ-सफाई सराहनीय थी और कन्फर्म सीट आरामदायक थी।

बांद्रा टर्मिनस से बरौनी तक यात्रा करने वाले एक मुसाफिर ने कहा कि कन्फर्म सीट मिलने से लेकर स्टेशन के गेट में प्रवेश करने तक, सब कुछ अच्छी तरह से व्यवस्थित था और उन्होंने आरपीएफ के प्रयासों की भी सराहना की।

 हावड़ा से मुजफ्फरपुर जा रहे एक यात्री ने बताया कि व्यवस्थाएँ बेहतरीन थीं और ट्रेन में चढ़ने का अनुभव भी बहुत अच्छा रहा। सामान्य डिब्बे में यात्रा करते हुए, उन्होंने बताया कि उन्हें आसानी से सीट भी मिल गई।

 एक यात्री ने कुशल रेलवे प्रणाली, सुचारू ऑनलाइन टिकटिंग, व्यवस्थित कतारों और त्योहारों के दौरान सुरक्षा और उचित सीट आवंटन करने में आरपीएफ की सतर्कता की प्रशंसा की।

भारतीय रेलवे त्योहारों के मौसम में सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हर यात्री के लिए सुचारू संचालन और सुखद यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 12 लाख से ज़्यादा समर्पित कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और समय की पाबंदी बनाए रखने तक, एक कुशल और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाती है।

****पीके/केसी/एनएस -(रिलीज़ आईडी: 2183599)

Tuesday, October 21, 2025

रेलवे में महिलाओं के लिए पूरी सुरक्षा कब तकसुनिश्चित होगी?

सोशल मीडिया ओर समस्या या शिकायत गंभीर संकेत है 

रेल में बिना किसी रुकावट के सुरक्षित सफर सभी के लिए कब सुनिश्चित होगा?  यह सवाल कई बरसों से लगातार बना हुआ है। फिलहाल आम जनता के साथ साथ तो महिलाओं की शिकायतें भी अक्सर आती रहती हैं जिनके लिए सर्कार ने कई बार कदम उठाने का दावा भी किया है। रेलवे के पास सुरक्षा बल भी हैं और शिकायतें प्राप्त करने और उन्हें दूर करने का आवश्यक ताम झाम भी। इसके बावजूद समस्या हल क्यूँ नहीं होती। सोशल मीडिया में सामने आई यह तस्वीर तो बस उस असुविधा की एक छोटी सी मिसाल भर ही है। बारीकी से नज़र रखी जाए तो बहुत से और मामले भी निकल आएंगे। 

बच्चे को गोद  में लिए चेन्नई रेलवे स्टेशन
पर एक महिला-संकेतक Pexels तस्वीर
जिसे क्लिक किया Anish Aloysious ने 

इस संबंध में बहुत सी शिकायतें अक्सर दिख ही जाती हैं। भारतीय रेल में महिलाओं को सुरक्षा, शौचालय और सीटों को लेकर कई दिक्कतें और परेशानियाँ होती हैं। असुरक्षा और छेड़छाड़ का डर, शौचालय की सुविधा की कमी, लंबी यात्राओं के दौरान असुविधा, और आरएसी (RAC) टिकट पर पुरुषों के साथ सीट आवंटन जैसी समस्याएं आम हैं। हालांकि, रेलवे इन दिक्कतों को दूर करने के लिए सुरक्षा उपाय जैसे "मेरी सहेली" अभियान और हेल्पलाइन नंबर 182, और सीटों के लिए प्राथमिकता जैसे उपाय कर रहा है। मीडिया में भी इस तरह की ख़बरें आती रहती हैं फिर भी इन्हें नज़र अंदाज़ करने वाले लोग कौन हैं? क्यूँ उनकी खबर नहीं ली जाती?

मुख्य दिक्कतें और परेशानियाँ कई तरह की हैं जिनमें सुरक्षा संबंधी चिंताएँ लगातार कायम हैं। 

अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए असुरक्षा और उत्पीड़न का खतरा अक्सर अधिक रहता है। इस तरह की नज़र और नीयत रखने वालों को कानून से भी कोई डर क्यूं नहीं लगता? क्या कोई सिफारिश आड़े आ जाती है या फिर सबूत नहीं मिल पाते?

आरएसी टिकट पर महिला यात्रियों को अजनबी पुरुषों के साथ सीट आवंटित कर दी जाती है, जो एक बड़ी तकनीकी समस्या है। इस तरफ कौन और कब ध्यान देगा? वैसे तो महिला डिब्बे भी अलग होने चाहिए और संभव हो तो पूरी ट्रेन भी। आरएसी का मतलब "Reservation Against Cancellation" (रद्दीकरण के विरुद्ध आरक्षण) है। इसका मतलब है कि आपको ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति है, लेकिन आपकी सीट कन्फर्म नहीं होती और आपको इसे किसी अन्य आरएसी यात्री के साथ साझा करना पड़ता है। आप ट्रेन में एक सीट पर बैठने के लिए अधिकृत होते हैं, और यदि कोई कन्फर्म यात्री अपनी टिकट रद्द करता है, तो आपको खाली बर्थ मिल सकती है। 

इसी तरह सीटों से संबंधित समस्याएँ भी कम नहीं हैं। महिलाओं को अक्सर ऊपर की बर्थ मिलती है, जिसे चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, खासकर बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं को। हालांकि यह सब कम्प्यूटरीकृत सिस्टम में भी शामिल हो सकता है। इस सहमति को हर महिले यात्री की मर्ज़ी पर भी छोड़ा जा सकता है। 

समस्या और भी है कि आरएसी/वेटिंग टिकट कन्फर्म होने पर महिला कोच का विकल्प अक्सर उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में कुछ वैकल्पिक प्रबंधों पर भी विचार होना चाहिए।  

साथ ही बुनियादी सुविधाओं की कमी भी अक्सर खलती है। स्टेशनों पर शौचालय की कमी या दूरी एक आम समस्या है, जिससे महिलाओं को असुविधा होती है। बरसों से चल रही है विकास की कोशिशें अब तक तो यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जानी चाहिए थी। समस्याएं और मुद्दे और भी हैं लेकिन उनकी चर्चा करेंगे किसी अलग पोस्ट में बहुत जल्दी। फिलहाल इस पोस्ट पर आपके विचारों की इंतज़ार रहेगी ही। 

Wednesday, October 1, 2025

भारतीय रेल: 2 अक्टूबर से शुरु हो रहा विशेष अभियान

प्रविष्टि तिथि: 01 OCT 2025 at 7:09 PM by PIB Delhi

विशेष अभियान 5.0 की सफल शुरूआत के लिए भारतीय रेलवे में तैयारियाँ ज़ोरों पर

*विशेष अभियान 5.0 का मकसद कबाड़ निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, लंबित मामलों और जन शिकायतों का समय पर निपटान, ई-फाइल समीक्षा और स्वच्छता अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना है

*105 अमृत भारत स्टेशनों सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर अमृत संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अपशिष्ट से धन और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए नागरिक-केंद्रित पहलों पर ज़ोर दिया जाएगा

नई दिल्ली: 01अक्टूबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन)::

रेल मंत्रालय में विशेष अभियान 5.0 के सफल क्रियान्वयन के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए की गई एक खास पहल है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 से होगी। यह अभियान संपूर्ण भारतीय रेलवे में लागू किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज रेलवे बोर्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने की। बैठक में सभी महाप्रबंधक/क्षेत्रीय रेलवे, महाप्रबंधक/पीयू, महानिदेशक/आरडीएसओ एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा एमडी/सीएमडी/पीएसयू के साथ-साथ रेलवे बोर्ड के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।


बैठक में
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी की ज़रुरत पर बल दिया। उन्होंने सभी क्षेत्रीय रेलों और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों के महाप्रबंधकों को अभियान की गतिविधियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया।

विशेष अभियान 5.0 के तहत प्रमुख लक्ष्यों में स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, ई-फाइलों की समीक्षा और उनका निराकरण तथा लंबित संदर्भों और जन शिकायतों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना शामिल है। स्वच्छता अभियान चलाने के अलावा, अपशिष्ट से धन अर्जित करने की पहल और प्रभावी ई-फाइल प्रबंधन पर खास ज़ोर दिया जाएगा। जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, अमृत संवाद के रूप में नागरिक-केंद्रित पहल सभी प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित की जाएँगी, जिनमें 105 अमृत भारत स्टेशन भी शामिल हैं। अभियान के दौरान की गतिविधियों और उपलब्धियों को सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार चैनलों और प्रेस विज्ञप्तियों आदि के ज़रिए प्रदर्शित किया जाएगा।


रेल मंत्रालय विशेष अभियान 5.0 को उचित तरीके से लागू करने और इसे एक बड़ी सफलता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

***//पीके/केसी/एनएस/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2173875)