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Wednesday, February 4, 2026

हाथियों से रेल हादसे रोकने के लिए अब नई तकनीक

 PIB//रेल मंत्रालय//Posted on Wednesday 04th February 2026 at 4:56 PM by PIB Delhi

मधुमक्ख्यों की आवाज़ जैसी तरंगें भी हाथियों को पटरी से दूर रखेंगी 

भारतीय रेलवे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) वितरित ध्वनिक संवेदक (डीएएस) तकनीक का उपयोग करते हुए रेलवे ट्रैक पर हाथियों की उपस्थिति का पता लगाती है और यह संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोको पायलटों, स्टेशन मास्टरों तथा नियंत्रण कक्ष को समय रहते अलर्ट जारी करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है

एनएफआर (403.42 वर्ग किलोमीटर), ईसीओआर (368.70 वर्ग किलोमीटर), एसआर (55.85 वर्ग किलोमीटर), एनआर (52 वर्ग किलोमीटर), एसईआर (55 वर्ग किलोमीटर), एनईआर (99.18 वर्ग किलोमीटर), डब्ल्यूआर (115 वर्ग किलोमीटर) और ईसीआर (20.3 वर्ग किलोमीटर) को कवर करने वाले क्षेत्रों में घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) से संबंधित कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। 


नई दिल्ली
: 04 फरवरी 2026: (पी आई बी- दिल्ली//रेल स्क्रीन डेस्क):: हाथियों और अन्य जानवरों की घुसपैठ रोकने के लिए नई तकनीक 

रेल मंत्रालय ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समन्वय से रेल पटरियों पर हाथियों के टकराने से रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

(i) अपनाए गए नवोन्मेषी उपायों में एक प्रमुख पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) का विकास है, जो वितरित ध्वनिक संवेदक (डीएएस) तकनीक के माध्यम से रेलवे ट्रैक पर हाथियों की उपस्थिति का पता लगाती है। इस प्रणाली में ऑप्टिकल फाइबर, आवश्यक हार्डवेयर और हाथियों की गतिविधि से संबंधित पूर्व-परिभाषित संकेतों का समावेश किया गया है। यह प्रणाली रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों की गतिविधि की सूचना समय रहते लोको पायलटों, स्टेशन मास्टरों एवं नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने हेतु चेतावनी संदेश उत्पन्न करती है, जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए त्वरित व प्रभावी निवारक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

वर्तमान में, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में वन विभाग द्वारा चिन्हित महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर 141 किलोमीटर से अधिक लंबाई में घुसपैठ पहचान प्रणाली (आईडीएस) कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे के विभिन्न चिन्हित गलियारों में भी आईडीएस से संबंधित कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन गलियारों में एनएफआर (403.42 किलोमीटर), ईसीओआर (368.70 किलोमीटर), एसआर (55.85 किलोमीटर), एनआर (52 किलोमीटर), एसईआर (55 किलोमीटर), एनईआर (99.18 किलोमीटर), डब्ल्यूआर (115 किलोमीटर) और ईसीआर (20.3 किलोमीटर) शामिल हैं।

(ii) हाथियों के साथ ट्रेन की टक्कर की किसी भी घटना की स्थिति में, संबंधित क्षेत्रीय रेलवे वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की जांच करता है और उसके आधार पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। इन उपायों में चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर उपयुक्त गति सीमाओं का निर्धारण, ट्रेन कर्मचारियों एवं स्टेशन मास्टरों को सतर्क करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ट्रेन कर्मचारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करने और उनकी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संबंधित वन अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान ऐसी घटनाओं की औसत संख्या लगभग 16 प्रति वर्ष रही है।

(iii) चिन्हित स्थानों पर हाथियों की आवाजाही के लिए अंडरपास और रैंप का निर्माण।

(iv) रेल लाइनों की ओर हाथियों को आने से रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों में पटरियों के किनारे उपयुक्त बाड़ लगाना।

(v) लोको पायलटों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सभी चिन्हित हाथी गलियारों पर साइनेज बोर्ड उपलब्ध कराना।

(vi) रेलवे भूमि के भीतर पटरी के आसपास की वनस्पति और खाद्य पदार्थों की सफाई।

(vii) वन क्षेत्र में सौर प्रणाली के साथ एलईडी लाइटें उपलब्ध कराना।

(viii) स्टेशन मास्टर और लोको पायलटों को सतर्क करने के लिए समय पर कार्रवाई हेतु वन विभाग द्वारा नियुक्त हाथी ट्रैकर्स की तैनाती की जाती है।

(ix) रेल पटरियों के पास जंगली जानवरों/हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए लेवल क्रॉसिंग पर मधुमक्खी की आवाज करने वाले नए उपकरण लगाए गए हैं। इस उपकरण से उत्पन्न ध्वनि हाथियों को रेल पटरी से दूर भगाने का काम करती है।

(x) रात/खराब दृश्यता के दौरान सीधी पटरी पर जंगली जानवरों की उपस्थिति का पता लगाने के लिए थर्मल विजन कैमरे का भी परीक्षण किया जा रहा है, जो लोको पायलटों को जंगली जानवरों की उपस्थिति के बारे में सचेत करता है।

यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


****//पीके/केसी/एनके/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2223454)****

Tuesday, December 16, 2025

वंदे भारत एक्सप्रेस ने छुए सफलता के नए आसमान

 रेल मंत्रालय/Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 16 December 2025 at 6:48 PM by PIB Delhi

2019 से अब तक 7.5 करोड़ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान की

नई दिल्ली: 16 दिसंबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन डेस्क):: 

वंदे भारत ने भारतीय रेल में एक नया इतिहास रचा है। रफ्तार,  सुरक्षा और आरामदायक यात्रा में अब बहुत कुछ नया शामिल हुआ है। 

भारत भर में 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चालू हैं। इसके साथ ही 274 जिलों में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। 

भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से भारत में रेल यात्रा को पूरी तरह से बदल दिया है। आज, 164 विश्वस्तरीय वंदे भारत सेवाएं देश भर के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं। 

ये सेवाएं तेज़, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्राएं प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इसके यात्रियों की संख्या से स्पष्ट है। 2019 से अब तक 75 लाख से अधिक यात्री इस अत्याधुनिक ट्रेन का अनुभव कर चुके हैं।


वंदे भारत एक्सप्रेस चेनाब पुल को पार करते हुए दिखाई देती है तो
अनुभूति बहुत ही यादगारी बन जाती है। प्राकृतिक छटा को दिखने वाले दृश्य कमाल के रूप में सामने आते हैं जब यात्रा वंदे भारत की हो। 

मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित, प्रत्येक ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इनमें स्वचालित प्लग वाले दरवाजे, घूमने वाली सीटें और बायो-वैक्यूम शौचालय शामिल हैं। इनमें जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और पूर्ण सीसीटीवी कवरेज भी है। ये सुविधाएं प्रत्येक यात्री के लिए विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव सुनिश्चित करती हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस, रेल सेवा यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हुई है। ये भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्रों को गति और आराम से जोड़ती हैं। ये ट्रेनें देश भर के 274 जिलों में चलती हैं। इस व्यापक नेटवर्क से पूरे देश में यात्रा, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार हो रहा है।

दिल्ली-वाराणसी मार्ग राष्ट्रीय राजधानी को भारत के आध्यात्मिक केंद्र से जोड़ता है। यह तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा विकल्प प्रदान करता है। इसी प्रकार, श्रीनगर- श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक तक पहुंच को बेहतर बनाता है। इस मार्ग का उद्घाटन 6 जून 2025 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देता है और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करता है।

वहीं दूसरी ओर, बेंगलुरु- हैदराबाद ट्रेन सेवा कई यात्रियों की पसंदीदा विकल्प बन गई है। आईटी पेशेवरों और व्यावसायिक यात्रियों द्वारा इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह सेवा भारत के दो प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्रों को जोड़ती है।

गौततलब है कि वंदे भारत की शुरुआत 2019 में सिर्फ एक ट्रेन सेवा से हुई थी। आज यह 164 ट्रेनों के नेटवर्क में तब्दील हो चुका है। ये ट्रेनें हर महीने लाखों यात्रियों को ले जाती हैं। ये ट्रेनें व्यावसायिक यात्रियों की उत्पादकता बढ़ाती हैं। ये परिवारों को आरामदायक यात्रा प्रदान करती हैं। ये तीर्थयात्रियों को सम्मानजनक यात्रा का अनुभव कराती हैं। सड़क और हवाई यात्रा की तुलना में ये कार्बन उत्सर्जन को भी कम करती हैं।

इस ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से पूरे भारत में विश्व स्तरीय रेल अवसंरचना की बढ़ती मांग का पता चलता है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल जैसी उच्च तकनीक वाली ट्रेनें लोकप्रिय हो रही हैं और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। भविष्य में, आने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह लंबी दूरी के यात्रियों के लिए गति, आराम और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन संयोजन प्रदान करेगी।

***//पीके/केसी/जेएस/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2204849) 

Wednesday, October 1, 2025

भारतीय रेल: 2 अक्टूबर से शुरु हो रहा विशेष अभियान

प्रविष्टि तिथि: 01 OCT 2025 at 7:09 PM by PIB Delhi

विशेष अभियान 5.0 की सफल शुरूआत के लिए भारतीय रेलवे में तैयारियाँ ज़ोरों पर

*विशेष अभियान 5.0 का मकसद कबाड़ निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, लंबित मामलों और जन शिकायतों का समय पर निपटान, ई-फाइल समीक्षा और स्वच्छता अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना है

*105 अमृत भारत स्टेशनों सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर अमृत संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अपशिष्ट से धन और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए नागरिक-केंद्रित पहलों पर ज़ोर दिया जाएगा

नई दिल्ली: 01अक्टूबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन)::

रेल मंत्रालय में विशेष अभियान 5.0 के सफल क्रियान्वयन के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए की गई एक खास पहल है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 से होगी। यह अभियान संपूर्ण भारतीय रेलवे में लागू किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज रेलवे बोर्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने की। बैठक में सभी महाप्रबंधक/क्षेत्रीय रेलवे, महाप्रबंधक/पीयू, महानिदेशक/आरडीएसओ एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा एमडी/सीएमडी/पीएसयू के साथ-साथ रेलवे बोर्ड के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।


बैठक में
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी की ज़रुरत पर बल दिया। उन्होंने सभी क्षेत्रीय रेलों और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों के महाप्रबंधकों को अभियान की गतिविधियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया।

विशेष अभियान 5.0 के तहत प्रमुख लक्ष्यों में स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जित करना, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान का अधिकतम उपयोग, ई-फाइलों की समीक्षा और उनका निराकरण तथा लंबित संदर्भों और जन शिकायतों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना शामिल है। स्वच्छता अभियान चलाने के अलावा, अपशिष्ट से धन अर्जित करने की पहल और प्रभावी ई-फाइल प्रबंधन पर खास ज़ोर दिया जाएगा। जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, अमृत संवाद के रूप में नागरिक-केंद्रित पहल सभी प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित की जाएँगी, जिनमें 105 अमृत भारत स्टेशन भी शामिल हैं। अभियान के दौरान की गतिविधियों और उपलब्धियों को सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार चैनलों और प्रेस विज्ञप्तियों आदि के ज़रिए प्रदर्शित किया जाएगा।


रेल मंत्रालय विशेष अभियान 5.0 को उचित तरीके से लागू करने और इसे एक बड़ी सफलता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

***//पीके/केसी/एनएस/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2173875)


Monday, September 29, 2025

3 अमृत भारत एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेन

 रेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//PIB//New Trains Details n Hindi//29th September 2025 at 2:32PM//PIB Delhi

 बिहार को सात नई ट्रेनों की सौगात 

संकेतक तस्वीर 
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई; देश भर में अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं की कुल संख्या बढ़कर 30 हुई, जिसमें 26 सेवाएं बिहार से शुरू होंगी

बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यात्री ट्रेनें, अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार को तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली से जोड़ेगी

बिहार का वार्षिक रेल बजट 2014 से पहले ₹1,000 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹10, बिहार का वार्षिक रेल बजट 2014 से पहले 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 10,000 करोड़ रुपये हो गया, जबकि लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम  पर  पर काम चलएं चल रही हैं: अश्विनी वैष्णव$$पर काम चल रहा है

नई लाइनें, गेज परिवर्तन, दोहरीकरण या तीसरी और चौथी लाइनें जोड़ने आदि जैसी 21 प्रमुख रेलवे परियोजनाएं 2014 से बिहार में पूरी तरह से चालू, जिसमें पटना और मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल शामिल

नई दिल्ली: 29 सितंबर 2025: (PIB Delhi//रेल स्क्रीन डेस्क)::

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के साथ मिलकर बिहार में कुल सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। ये नई ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम प्रदान करेंगी और यात्रियों को बेहतर यात्रा सेवाएं प्रदान करेंगी। इन नई ट्रेनों के उद्घाटन के साथ, अब देश भर में चलने वाली 30 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं में से बिहार में कुल 26 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं चालू हो गई हैं।

मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से दक्षिण भारत के लिए पहली अमृत भारत ट्रेन है, जबकि छपरा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार से दिल्ली के लिए छठी अमृत भारत ट्रेन बन गई है।

ये अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। ये ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तर और दक्षिण भारत से बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। इनके परिचालन से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि बिहार में विकास की गति ऐसी है कि निकट भविष्य में यह राज्य एक स्वर्णिम राज्य के रूप में उभरेगा। ये ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी का एक नया स्तर प्रदान करेंगी, यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएंगी और राज्य के समग्र विकास को गति देंगी। श्री वैष्‍णव ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री मोदी के पदभार ग्रहण करने के बाद से, उन्होंने राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए रेलवे को प्राथमिकता दी है। उन्‍होंने कहा कि 2014 से पहले बिहार का वार्षिक रेल बजट केवल लगभग 1,000 करोड़ रुपये था, जबकि आज यह लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिसके तहत बिहार में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का रेलवे नेटवर्क पूरी तरह से विद्युतीकृत हो चुका है और 1,899 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं।

भारतीय रेल द्वारा विकसित, अमृत भारत एक्सप्रेस देश की रेल व्यवस्था में आधुनिकीकरण का प्रतीक बन गई है। यह ट्रेन यात्रा का न केवल एक तेज और किफायती विकल्प है, बल्कि इसमें सेमी-ऑटोमैटिक कपलर, अग्नि सूचक प्रणाली, सीलबंद गैंगवे और टॉक-बैक यूनिट जैसी उन्नत सुविधाएं भी हैं। पहली बार, गैर-वातानुकूलित डिब्बों में यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ऐसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

यह “विकसित बिहार से विकसित भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अमृत ​​भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण:

दरभंगा-अजमेर (मदार) अमृत भारत एक्सप्रेस

मुजफ्फरपुर-हैदराबाद (चरलापल्ली) अमृत भारत एक्सप्रेस

छपरा-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल सेवाओं में आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने चार यात्री ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।

यात्री ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण:

पटना-बक्सर पैसेंजर

झाझा – दानापुर पैसेंजर

नवादा-पटना पैसेंजर

पटना-इस्लामपुर पैसेंजर

राज्य में पूरी हो चुकी कुछ प्रमुख रेलवे परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री वैष्‍णव ने कहा कि 28 किलोमीटर लंबा पटना रेल-सह-सड़क पुल, 15 किलोमीटर लंबा मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल और लंबे समय से प्रतीक्षित कोसी पुल का निर्माण पूरा हो चुका है।

2014 से पूर्णतः चालू महत्वपूर्ण परियोजनाएं

पटना रेल-सह-सड़क पुल

मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल

कोसी पुल

दनियावां-बिहारशरीफ नई लाइन

चांदन-बांका नई लाइन

रामपुरहाट-मंदारहिल नई लाइन

महाराजगंज-मसरख नई लाइन

राजगीर-तिलैया और नटेसर-इस्लामपुर नई लाइन

मानसी-सहरसा-पूर्णिया आमान परिवर्तन

जयनगर-नरकटियागंज आमान परिवर्तन

कप्तानगंज-छपरा आमान परिवर्तन

सकरी-निर्मली एवं सहरसा-फारबिसगंज आमान परिवर्तन

मानसी-सहरसा-सहरसा-पूर्णिया एवं बनमनखी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन

साहिबगंज-पीरपैंती दोहरीकरण

महेशखुट-थानाबिहपुर दोहरीकरण

हाजीपुर-रामदयालु नगर दोहरीकरण

पीरपैंती-भागलपुर दोहरीकरण

बख्तियारपुर-बाढ़ दोहरीकरण

किउल-गया दोहरीकरण

हाजीपुर-बछवाड़ा दोहरीकरण

दरभंगा बाईपास

इसके अतिरिक्त, अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) नई लाइन का काम पूरा हो चुका है और इसका शीघ्र ही उद्घाटन किया जाएगा।

क्रियान्वयन के अंतर्गत मुख्य परियोजनाएं

नई लाइनें: सकरी-हसनपुर, खगड़िया-कुशेश्वरस्थान, कुरसेला-बिहारीगंज, तिलैया-कोडरमा, हाजीपुर-सुगौली, सीतामढी-शिवहर, छपरा-मुजफ्फरपुर, अररिया-सुपौल, विक्रमशिला-कटरिया (गंगा पुल सहित), झाझा-बटिया, पीरपैंती-जसीडीह, छितौतिनी-तुमकुई रोड, जलालगरनी-किशनगंज, जोगबनी-विराटनगर, औरंगाबाद टर्मिनल-अनुग्रह नारायण रोड, जयनगर-बिजलपुरा, धनबाद-सोननगर, आदि।

तीसरी/चौथी लाइन दोहरीकरण कार्य: समस्तीपुर-दरभंगा, सुगौली-वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर-सुगौली, नरकटियागंज-दरभंगा-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर, छपरा-बलिया, कटिहार-कुमेदपुर, बरौनी-बछवारा (तीसरी और चौथी लाइन), सोननगर-अंडाल (तीसरी और चौथी लाइन), पुनारख-बक्तियारपुर (तीसरी और चौथी लाइन) इत्‍यादि।

केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि कई अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है और अतिरिक्त परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में, बिहार में 13 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें यानी 26 सेवाएं चल रही हैं, जो 25 जिलों के 42 स्टॉप को कवर करती हैं। इसके अलावा, वंदे भारत सेवा की 10 जोड़ी ट्रेनें (20 सेवाएं) 28 जिलों को कवर करती हैं। राज्य में नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी चल रही हैं।

बिहार से चलने वाली ये नई ट्रेनें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएंगी और आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। इन ट्रेनों का उद्देश्य न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करना है।

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पीके/केसी/एसकेएस/जीआरएस//(रिलीज़ आईडी: 2172722)

Friday, August 22, 2025

दिवाली और छठ के लिए 12,000 से अधिक विशेष रेलगाड़ियां

 Posted on: 21st August 2025 at 2:09 PM by PIB Delhi Regarding New Trains 

वापसी यात्रा की टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट: श्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली: 21 अगस्त 2025 (PIB दिल्ली//रेल स्क्रीन डेस्क)::

यह तस्वीर Meta AI ने बनाई 

दिवाली और छठ के लिए 12,000 से अधिक विशेष रेलगाड़ियां,
13 से 26 अक्टूबर के बीच आगे की यात्रा और 17 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच वापसी यात्रा की टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट: श्री अश्विनी वैष्णव

बिहार को दिल्ली, अमृतसर और हैदराबाद से जोड़ने वाली चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियां चलेंगी: श्री अश्विनी वैष्णव

पूर्णिया और पटना के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलेगी, वैशाली, हाजीपुर, सोनपुर, पटना, राजगीर, गया और कोडरमा को जोड़ने वाली बौद्ध सर्किट ट्रेन चलाई जाएगी: श्री अश्विनी वैष्णव

बिहार के लिए बड़ा रेल विस्तार, बक्सर-लखीसराय चार-लाइन कॉरिडोर बनेगा, पटना रिंग रेलवे, सुल्तानगंज-देवघर रेल लिंक, और पटना-अयोध्या ट्रेन चलाई जाएगी

दिवाली और छठ त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, केंद्रीय मंत्री श्री ललन सिंह और सांसद श्री संजय कुमार झा के साथ विचार-विमर्श के बाद आगामी दिवाली और छठ पर्व के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यात्रियों को उनकी वापसी यात्रा के दौरान भी सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।

वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया कि दिवाली और छठ के लिए 12,000 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को वापसी यात्रा में कोई परेशानी न हो।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि 13 से 26 अक्टूबर के बीच आगे की यात्रा और 17 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच वापसी यात्रा करने वाले यात्रियों को वापसी टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह पहल इसी त्योहारी सीज़न में लागू की जाएगी और इससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ होगा।

इसके अतिरिक्त, गया से दिल्ली, सहरसा से अमृतसर, छपरा से दिल्ली और मुजफ्फरपुर से हैदराबाद के लिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की जाएंगी। मंत्री ने घोषणा की कि भगवान बुद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों और विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक नई सर्किट ट्रेन भी शुरू की जाएगी, जो वैशाली, हाजीपुर, सोनपुर, पटना, राजगीर, गया और कोडरमा तक जाएगी।

बक्सर-लखीसराय रेल खंड को चार-लाइन कॉरिडोर में विस्तारित किया जाएगा, जिससे अधिक रेलगाड़ियाँ चल सकेंगी। पटना के चारों ओर एक रिंग रेलवे प्रणाली विकसित की जाएगी। सुल्तानगंज और देवघर को रेल मार्ग से जोड़ा जाएगा। पटना और अयोध्या के बीच भी एक नई रेल सेवा शुरू की जाएगी। श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लौकहा बाज़ार में एक वाशिंग पिट सुविधा स्थापित की जाएगी और बिहार में कई नए स्वीकृत रोड ओवरब्रिजों पर काम किया जाएगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह, सांसद डॉ. संजय जायसवाल और सांसद संजय कुमार झा ने बिहार के लिए और अधिक परियोजनाओं को मंजूरी देने और अमृत भारत और वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों की शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

****//पीके/केसी/एसकेजे/एसके

Saturday, August 3, 2024

RPF ने खतरनाक रेलवे ट्रैक स्टंट के लिए यूट्यूबर को पकड़ा

प्रविष्टि तिथि: 02 Aug 2024 4:00 PM by PIB Delhi

आरपीएफ महानिदेशक ने नागरिकों से अपील की कि वे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल न हों और ऐसे किसी भी कृत्य के बारे में रिपोर्ट करें

Symbolic Images Created with AI Playground Team
नई दिल्ली: 02 अगस्त 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

पहले पहल इस तरह की हरकतें अनपढ़ किस्म के युवा केवल अपनी फुकरागिरि दिखाने के लिए करते थे। फिर जब सेल्फी कल्चर शुरू हुआ तो इसी तरह के लड़के नदियों, नहरों और दरिआयों के किनारे सेल्फी खींचने के चक्क्र में अपनी जान का रिस्क लेने लगे। चलती गाड़ियों के दरवाज़े पर खड़े हो कर इस तरह की बेवकूफी भरी दलेरी दिखने लगे। इन चक्रों में बहुत से लड़के अपनी जान गंवा बैठे। जिनकी जान बच भी गई उनको गंभीर चोटें आईं। अब इसी तरह के खतरों से खेलने की बेवकूफी कुछ यूटयूबर दिखाने लगे हैं। इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए सुरक्षा बलों के जवान पूरी मुस्तैदी  ड्यूटी देने लगे हैं। 

रेलवे सुरक्षा बल ने लापरवाही भरे व्यवहार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, पब्लिसिटी के लिए रेलवे ट्रैक के साथ आपराधिक छेड़छाड़ करके सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। ट्विटर पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को रेलवे ट्रैक पर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद तत्काल जांच की गई। अपराधी, गुलजार शेख ने अपने यूट्यूब चैनल पर 250 से अधिक वीडियो अपलोड किए हैं और उसके 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। उसकी ऑन-कैमरा गतिविधियों ने रेलवे सुरक्षा और संचालन दोनों के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा किया।

शेख की यूट्यूब प्रोफाइल और सोशल मीडिया उपस्थिति के विस्तृत विश्लेषण के माध्यम से, आरपीएफ ऊंचाहार, उत्तर रेलवे ने 01/08/2024 को रेलवे अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किया। उसी दिन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने श्री गुलजार शेख, पुत्र सैयद अहमद को खांडरौली गांव, सोरांव (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश में उनके निवास से गिरफ्तार किया।

तत्पर और प्रभावी कार्रवाई के लिए आरपीएफ, लखनऊ मंडल की सराहना करते हुए, आरपीएफ महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि श्री गुलजार शेख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भारतीय रेलवे की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के लिए एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगी। उन्होंने रेलवे सुरक्षा के महत्व को दोहराया और जनता को आश्वासन दिया कि रेलवे की सुरक्षा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का दृढ़ संकल्प और सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ सामना किया जाएगा और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए मुकदमा चलाया जाएगा।

आरपीएफ महानिदेशक ने जनता से ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने और रेलवे सुरक्षा एवं संरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य के बारे में सूचित करने की भी अपील की। इस प्रकार की सूचना रेलवे सुरक्षा बल या रेल मदद को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से दी जा सकती है।

***** एमजी/एआर/एसकेएस/एसके// (रिलीज़ आईडी: 2040910) 

Friday, July 5, 2024

भारतीय रेल गरीबों, निम्न व मध्यम वर्ग लोगों के लिए प्रतिबद्ध है

प्रविष्टि तिथि: 05 JUL 2024 6:01 PM by PIB Delhi

वैष्णव ने कहा हम किफायती यात्रा की सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं 


नई दिल्ली
: 5 जुलाई 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय रेल इस बात का विशेष ध्यान रख रही है कि आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को रेल की सुविधाएं लगातार मिलती रहें। इसी मकसद के लिए अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। इससे निश्चय ही आम लोगों को बहुत लाभ होगा। 

श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परिवार से पूरे समर्पण के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे

केन्द्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा  इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए इस बात को दोहराया कि भारतीय रेल गरीबों, निम्न मध्यम व मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती रेल यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल ने अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने देश भर के 12 लाख रेल कर्मियों से समर्पण के साथ काम करने और अपना मनोबल ऊंचा रखने की भी अपील की। साथ ही, उन्होंने रेलवे कर्मियों से सामूहिक रूप से काम करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे।

उम्मीदें हैं कि इस दिशा में जल्द ही कई और ठोस कदम भी उठाए जाएंगे जिससे आम जनता के उस वर्ग को लाभ मिले जो आर्थिक तौर पर महंगे सफर नहीं कर सकता।  

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एमजी/एआर/आर/डीवी//(रिलीज़ आईडी: 2031092)

Friday, August 11, 2023

रेल मंत्रालय की अब एक और नई पहल

 प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2023 4:03 PM by PIB Delhi

कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके) स्थापित होंगें


नई दिल्ली
: 11 अगस्त 2023: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

जब कोई व्यक्ति रेल यात्रा में होता है तो उसको बहुत सी मुश्किलें भी कई बार आ घेरती हैं। इनमें ज़्यादातर मुश्कलें कई बार स्वास्थ्य को ले कर रहती हैं। रेल केवल अपने निश्चित रेलवे स्टेशनों पर निश्चित समय के लिए ही खड़ी होती है। ऐसे में रेलवे स्टेशन से बाहर कोई औषधि लेने जाना सम्भव नहीं होता। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। अब चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर सस्ती दवाओं की बिक्री वाले जान औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं। इनका उद्देश्य सभी को किफायती मूल्‍यों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं  (जनऔषधि उत्पाद) उपलब्ध कराना है। ​​​​रेलवे वाणिज्यिक रूप से लाइसेंसधारियों को इन केन्‍द्रों के संचालन के लिए परिसंचारी क्षेत्रों और स्टेशनों के बकॉनकोर्स में तैयार आउटलेट उपलब्‍ध कराएगा। 

रेलवे स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों के कल्याण और भलाई के लिए भारतीय रेलवे ने कुछ रेलवे स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया और कॉनकोर्स में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) स्थापित करने के लिए एक नीतिगत ढांचा तैयार किया है, जिनका संचालन लाइसेंसधारक करेंगे। पायलट परियोजना के लिए पहचाने गए 50 स्टेशनों की सूची अनुबंध-I में संलग्‍न है।

लाखों दैनिक आगंतुकों और यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों पर सुविधाओं में लगातार वृद्धि कर रहा है। रेलवे स्टेशनों पर पीएमबीजेके स्थापित करने के उद्देश्य इस प्रकार हैं:

सभी को किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां और उपभोज्‍य वस्तुएं (जनऔषधि उत्पाद) उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के मिशन को बढ़ावा देना।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/आगंतुकों को जनऔषधि उत्पादों का आसानी से उपयोग करने में सक्षम बनाना।

किफायती मूल्‍यों पर दवाइयां उपलब्‍ध कराकर समाज के सभी वर्गों के बीच कल्याण और भलाई को बढ़ावा देना।

पीएमबीजेके खोलने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और उद्यमियों के लिए अवसर जुटाना।

इस योजना के तहत पीएमबीजेके को 'अपेक्षित यात्री सुविधा' माना जाएगा और उसके अनुसार रेलवे वाणिज्यिक रूप से लाइसेंसधारकों द्वारा संचालन के लिए सर्कुलेटिंग एरिया और स्टेशनों के कॉनकोर्स में तैयार किये गए आउटलेट उपलब्‍ध कराएगा।

ये आउटलेट सुविधाजनक स्थानों पर सर्कुलेटिंग एरिया/परिसरों में स्थित होंगे, ताकि स्‍टेशनों पर आने और जाने वाले सभी यात्रियों को लाभ हो।

पीएमबीजेके रेलवे डिवीजनों द्वारा पहचान किए गए स्थानों पर लाइसेंसधारियों द्वारा स्थापित और संचालित किए जाएंगे। आईआरईपीएस के माध्यम से संबंधित रेलवे डिवीजनों के साथ ई-नीलामी द्वारा स्टाल प्रदान किए जाएंगे। इन स्टालों को एनआईडी अहमदाबाद द्वारा डिजाइन किया जाएगा।

पीएमबीजेके आउटलेट्स के सफल बोलीदाताओं को जन औषधि की दुकान चलाने के लिए आवश्यक अनुमति और लाइसेंस प्राप्त करना होगा तथा उन्‍हें दवाइयों के भंडारण के लिए सभी वैधानिक आवश्यकताओं का भी अनुपालन करना होगा।

पीएमबीजेके आउटलेट्स के सफल बोलीदाताओं को परिचालन शुरू करने से पहले पीएमबीजेके के लिए नोडल एजेंसी यानी फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) और जनऔषधि योजना (पीएमबीआई द्वारा अनिवार्य) के लिए अधिकृत वितरकों के साथ भी एक समझौता करना होगा।

इस तरह अब रेलवे स्टेशनों पर सस्ती दवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। महंगे ब्रांड वाली दवाओं के मुकाबिले इन दवाओं भी बहुत अच्छा होता है। 

*** PIB//एमजी/एमएस/आरपी/आईपीएस/वाईबी/एसके//(रिलीज़ आईडी: 1947934)

Wednesday, August 25, 2021

रेल मंत्री को मिले सांसद मनीष तिवारी

25th August 2021 at 5:51 PM

बलाचौर को रेल लिंक से जोड़ने की मांग ज़ोरदार ढंग से उठाई 


चंडीगढ़//रोपड़: 25 अगस्त 2021: (गुरजीत बिल्ला//रेल स्क्रीन):: 

श्री आनन्दपुर साहिब से लोक सभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने रेल मंत्री अश्वनी वैश्नव के साथ मुलाकात करके हलके में रेलवे से जुड़े सुधारों की माँग की है। जिनमें मुख्य तौर पर बलाचौर को रेलवे लिंक से जोड़ने और रोपड़ रेलवे स्टेशन में सुधार लाए जाने की माँगें शामिल रहीं।

इस कड़ी में दिल्ली में रेल मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान सांसद मनीष तिवारी ने शहीद भगत सिंह नगर ज़िले के सब -डिवीज़न बलाचौर को लेकर कहा कि आज़ादी के बाद से अब तक यह इलाका रेल लिंक के द्वारा देश के बाकी हिस्सों से जुड़ नहीं सका है। जिस पर तीन तरह से काम हो सकता है, पहला - गढ़शंकर से श्री आनन्दपुर साहिब तक रेल लिंक स्थापित किया जाये, जिस को लेकर रेलवे पहले ही सर्वे कर चुका है ; दूसरा - राहों से रोपड़ तक रेल लिंक का निर्माण और तीसरा राहों से समराला तक रेल लिंक का निर्माण, जिस का फिर से सर्वे हो चुका है और शायद ट्रैफ़िक की समस्या के कारण इसको रोका गया है।

इसी तरह, रोपड़ रेलवे स्टेशन की स्थिति में सुधार किये जाने पर ज़ोर देते हुए सांसद तिवारी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण शहर है। यहाँ इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टैकनॉलॉजी भी स्थित है और देश भर से विद्यार्थी यहाँ पढ़ने आते हैं। यह आसपास के गाँवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। परन्तु मौजूदा समय में रोपड़ रेलवे स्टेशन पर सिर्फ़ एक ही प्लेटफार्म है, जिस कारण यात्रियों को गाड़ी में चढ़ने और उतरते समय पर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई हादसे भी हो चुके हैं। यहाँ कई लम्बी दूरी की गाड़ीयां रुकने के बावजूद स्टेशन की हालत में सुधार नहीं हुआ है।

उन्होंने रेल मंत्री को कहा कि आपके मंत्रालय ने रेल दुर्घटनाओं को घटाने और यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि पर ज़ोर दिया है। ऐसे में रोपड़ रेलवे स्टेशन पर और प्लेटफार्म का निर्माण ज़रूरी है।


इसी तरह, सांसद तिवारी ने कुराली रेलवे स्टेशन पर जन शताब्दी और हावड़ा मेल रेल गाड़ीयों को रोके जाने की माँग भी की है, जिसको लेकर इलाके के लोगों द्वारा लम्बे समय से माँग की जा रही थी।

Saturday, July 17, 2021

जीवन के दो पहलु हैं--हरियाली और रास्ता

 रेल राज्य मंत्री सुश्री दर्शन विक्रम जर्दोश ने भी पौधे लगाए  


नई दिल्ली
: 17 जुलाई 2021: (
पीआईबी//रेल स्क्रीन):: 

भारतीय रेलवे एक जीवन रेखा की तरह है। ऊबड़-खाबड़ और  कठिन रास्तों  होती हुई रेल गाड़ियां दूर दराज पर बैठे लोगों का मिलन करवाती हैं। कभी कभी दूर भी ले जाती हैं। डयूटी पर  इसी पर  अपने घर परिवार से दूर सीमा पर चले जाते हैं। रेल गाड़ियों की इन दोनों तरह की भूमिकाओं पर बहुत से गीत लिखे जा चुके हैं लेकिन किसी ने न सोचा कई बार रेल का सफर  सा होता है। न कोई पेड़ न कोई पौधा। इसे रेल विभाग ने भी महसूस किया। हाल ही में जब उत्तरीय रेलवे के सेंट्रल अस्पताल में एक सादा सा कार्यक्रम रखा  गया तो उसमें रेलवे की केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री दर्शन विक्रम जर्दोश भी आईं। उन्होंने इस अवसर पौधे लगाने के अभियान में भी सक्रिय हो कर उत्साह से हिस्सा डाला। उन्होंने अपने हाथों से पौधे भी लगाए। 


Thursday, August 13, 2020

कोरोना के साथ रेलवे की जंग के चलते स्पर्श मुक्त हैंड वाश शुरू

 बैंगलूरु  रेलवे स्टेशन पर हुई शुभ शुरुआत 
नई दिल्ली///लुधियाना: 13 अगस्त 2020:(कार्तिका सिंह//रेल स्क्रीन)::
कोरोना की दहशत हर तरफ छाई हुई है। हर रोज़ अख़बारों के आंकड़े डराने वाले होते हैं। इसके बावजूद कोरोना के साथ लड़ाई जारी है। इस जंग के साथ ही जारी है ज़िंदगी जीने का उत्साह और उसके लिए उठाये जाने वाले कदमों का सिलसिला। रेलवे की तरफ से एक विशेष पहल हुई है दक्षिण भारत में।  
कोविड-19 अर्थात कोरोना का  आतंक जिस तेज़ी से बढ़ता जा रहा है उसे देखते हुए तकरीबन सभी क्षेत्रों में कुछ न कुछ किया जा रहा है। हालांकि इस सब के बावजूद लोग केवल आलोचना ही कर रहे हैं लेकिन हकीकत यही है की लापरवाह और गैर ज़िम्मेदार तत्वों के बावजूद अच्छे और ज़िम्मेदार लोग भी मौजूद हैं जो खुद को खतरों में डाल कर बहुत कुछ कर रहे हैं जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। इसी सिलसिले में दक्षिण-पश्चिम रेलवे में आते बेंगलुरु के रेलवे स्टेशन पर स्पर्श मुक्त हैण्ड वाश का प्रबंध किया गया है। हाथ धोये जायेंगे। हाथ साफ हो जायेंगे लेकिन बिना किसी नल को छूए। तरल साबुन भी सीधा हाथ में आएगा और उसे मलने के बाद धोने के लिए जल भी हाथों पर ह गिरेगा। इसे संचालित करने  बार हर किसी को केवल नीचे दिया गया प्रेशर पॉइंट अपने पांव से थोड़ा सा दबाना होगा और इतने में हाथ साफ़ हो जायेंगे। जल्द ही इस तरह के खूबसूरत बूथ सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर नज़र आएंगे। यह सभी तस्वीरें हम आप को दिखा प् रहे हैं भारतीय रेल मंत्रालय के सौजन्य से।  इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर भी जारी किया गया है।