Tuesday, August 13, 2024

जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी, लखनऊ का सम्मान

प्रविष्टि तिथि: 13 Aug 2024 at 6:36 PM by PIB Delhi

क्षमता निर्माण आयोग की उत्कृष्ट रेटिंग से किया गया सम्मानित


नई दिल्ली
: 13 अगस्त 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी, लखनऊ को सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (एनएससीएसटीआई) के लिए राष्ट्रीय मानकों के असाधारण पालन की मान्यता में क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) द्वारा प्रतिष्ठित "उत्कृष्ट/अति उत्कृष्ट" रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिविल सेवा प्रशिक्षण में उत्कृष्टता की दिशा में अकादमी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 12 अगस्त, 2024 को आयोजित सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान सम्मेलन के दौरान भारत के केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा औपचारिक रूप से मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल (जेआरआरपीएफ) अकादमी के निदेशक और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अकादमी को प्रदान किया गया यह सम्मान अकादमी के कर्मचारियों के अथक समर्पण और अनुकरणीय प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह अनूठी उपलब्धि सिविल सेवा प्रशिक्षण के मानकों को और ऊंचा करने के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह सम्मान केवल अकादमी के निरंतर विकास का प्रतीक है बल्कि इसे देश के छह सर्वश्रेष्ठ शीर्ष प्रशिक्षण संस्थानों में भी शामिल किया गया है।

केंद्र सरकार की सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल के अनुरूप, सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय मानक (एनएससीएसटीआई) अवसंरचना 18 जुलाई, 2022 को प्रस्तुत की गई थी। सिविल सेवा प्रशिक्षण के लिए दुनिया के पहले राष्ट्रीय स्तर के मानक के रूप में, इस अवसंरचना का लक्ष्य भारत भर के प्रशिक्षण संस्थानों में मानकों को ऊपर उठाना है।

मान्यता प्रक्रिया के लिए आठ प्रमुख स्तंभों: पाठ्यक्रम डिजाइन, संकाय विकास, प्रशिक्षण लक्ष्य, प्रशिक्षण सहायता, डिजिटलीकरण और प्रशिक्षण वितरण, सहयोग, प्रशिक्षण मूल्यांकन और संचालन तथा शासन के आधार पर एक व्यापक मूल्यांकन की आवश्यकता है। जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल (जेआरआरपीएफ) अकादमी ने उच्च मानकों और निरंतर सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए इस कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

मूल्यांकन में कई चरण शामिल थे, जिसमें क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) और राष्ट्रीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) की एक टीम द्वारा डेस्कटॉप मूल्यांकन और ऑन-साइट मूल्यांकन शामिल थे। 

इस पूरी प्रक्रिया में अकादमी के असाधारण प्रदर्शन का परिणाम यह हुआ कि इसे लगभग 149 प्रशिक्षण संस्थानों में से भारत के शीर्ष छह संस्थानों में से एक के रूप में मान्यता मिली, जिन्हें यह सम्मानित रेटिंग प्राप्त करने के लिए मूल्यांकन किया गया है।

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एमजी/एआर/एमकेएस/एसके//(रिलीज़ आईडी: 2045000) 

Saturday, August 3, 2024

RPF ने खतरनाक रेलवे ट्रैक स्टंट के लिए यूट्यूबर को पकड़ा

प्रविष्टि तिथि: 02 Aug 2024 4:00 PM by PIB Delhi

आरपीएफ महानिदेशक ने नागरिकों से अपील की कि वे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल न हों और ऐसे किसी भी कृत्य के बारे में रिपोर्ट करें

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नई दिल्ली: 02 अगस्त 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

पहले पहल इस तरह की हरकतें अनपढ़ किस्म के युवा केवल अपनी फुकरागिरि दिखाने के लिए करते थे। फिर जब सेल्फी कल्चर शुरू हुआ तो इसी तरह के लड़के नदियों, नहरों और दरिआयों के किनारे सेल्फी खींचने के चक्क्र में अपनी जान का रिस्क लेने लगे। चलती गाड़ियों के दरवाज़े पर खड़े हो कर इस तरह की बेवकूफी भरी दलेरी दिखने लगे। इन चक्रों में बहुत से लड़के अपनी जान गंवा बैठे। जिनकी जान बच भी गई उनको गंभीर चोटें आईं। अब इसी तरह के खतरों से खेलने की बेवकूफी कुछ यूटयूबर दिखाने लगे हैं। इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए सुरक्षा बलों के जवान पूरी मुस्तैदी  ड्यूटी देने लगे हैं। 

रेलवे सुरक्षा बल ने लापरवाही भरे व्यवहार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, पब्लिसिटी के लिए रेलवे ट्रैक के साथ आपराधिक छेड़छाड़ करके सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। ट्विटर पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को रेलवे ट्रैक पर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रखते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद तत्काल जांच की गई। अपराधी, गुलजार शेख ने अपने यूट्यूब चैनल पर 250 से अधिक वीडियो अपलोड किए हैं और उसके 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। उसकी ऑन-कैमरा गतिविधियों ने रेलवे सुरक्षा और संचालन दोनों के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा किया।

शेख की यूट्यूब प्रोफाइल और सोशल मीडिया उपस्थिति के विस्तृत विश्लेषण के माध्यम से, आरपीएफ ऊंचाहार, उत्तर रेलवे ने 01/08/2024 को रेलवे अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किया। उसी दिन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने श्री गुलजार शेख, पुत्र सैयद अहमद को खांडरौली गांव, सोरांव (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश में उनके निवास से गिरफ्तार किया।

तत्पर और प्रभावी कार्रवाई के लिए आरपीएफ, लखनऊ मंडल की सराहना करते हुए, आरपीएफ महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि श्री गुलजार शेख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भारतीय रेलवे की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के लिए एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगी। उन्होंने रेलवे सुरक्षा के महत्व को दोहराया और जनता को आश्वासन दिया कि रेलवे की सुरक्षा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का दृढ़ संकल्प और सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ सामना किया जाएगा और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए मुकदमा चलाया जाएगा।

आरपीएफ महानिदेशक ने जनता से ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने और रेलवे सुरक्षा एवं संरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य के बारे में सूचित करने की भी अपील की। इस प्रकार की सूचना रेलवे सुरक्षा बल या रेल मदद को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से दी जा सकती है।

***** एमजी/एआर/एसकेएस/एसके// (रिलीज़ आईडी: 2040910) 

Friday, July 5, 2024

भारतीय रेल गरीबों, निम्न व मध्यम वर्ग लोगों के लिए प्रतिबद्ध है

प्रविष्टि तिथि: 05 JUL 2024 6:01 PM by PIB Delhi

वैष्णव ने कहा हम किफायती यात्रा की सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं 


नई दिल्ली
: 5 जुलाई 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय रेल इस बात का विशेष ध्यान रख रही है कि आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को रेल की सुविधाएं लगातार मिलती रहें। इसी मकसद के लिए अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। इससे निश्चय ही आम लोगों को बहुत लाभ होगा। 

श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परिवार से पूरे समर्पण के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे

केन्द्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा  इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन में एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए इस बात को दोहराया कि भारतीय रेल गरीबों, निम्न मध्यम व मध्यम वर्ग के लोगों को किफायती रेल यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल ने अगले दो वर्षों के दौरान 10,000 गैर-वातानुकूलित रेल के डिब्बों का निर्माण करने की योजना बनाई है।

श्री अश्विनी वैष्णव ने देश भर के 12 लाख रेल कर्मियों से समर्पण के साथ काम करने और अपना मनोबल ऊंचा रखने की भी अपील की। साथ ही, उन्होंने रेलवे कर्मियों से सामूहिक रूप से काम करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारतीय रेल पर लोगों का भरोसा कायम रहे।

उम्मीदें हैं कि इस दिशा में जल्द ही कई और ठोस कदम भी उठाए जाएंगे जिससे आम जनता के उस वर्ग को लाभ मिले जो आर्थिक तौर पर महंगे सफर नहीं कर सकता।  

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एमजी/एआर/आर/डीवी//(रिलीज़ आईडी: 2031092)

Friday, February 16, 2024

भारतीय रेलवे: करीब लगभग 94 % ब्रॉडगेज का इलेक्ट्रिफिकेशन

प्रविष्टि तिथि: 02 फरवरी 2024 4:58 PM by PIB Delhi

 40,000 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है 


नई दिल्ली: 02 फरवरी 2024: (पी आई बी/रेल स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय रेलवे ने 2014-15 से ब्रॉड गेज (बीजी) नेटवर्क पर लगभग 40,000 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। यह विद्युतीकरण में 2004-14 के दौरान लगभग 1.42 किमी/दिन से लेकर 2022-23 में लगभग 18 किमी/दिन तक की बड़ी छलांग है। अभी बड़ी लाइन नेटवर्क पर 61,813 रूट किमी का विद्युतीकरण किया गया है, जो भारतीय रेलवे के कुल ब्रॉड गेज (बीजी) नेटवर्क का लगभग 94 प्रतिशत है। शेष बीजी नेटवर्क का विद्युतीकरण शुरू कर दिया गया है। 2014-23 के दौरान विद्युतीकरण पर 43,346 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। इसके अलावा 2023-24 के दौरान विद्युतीकरण के लिए 8,070 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पहली अप्रैल 2023 तक, भारतीय रेलवे में कुल 46,360 किमी लंबाई की 459 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं (189 नई लाइन, 39 गेज रूपांतरण और 231 दोहरीकरण) योजना/अनुमोदन/निर्माण चरण में हैं। इन पर लागत लगभग 7.18 लाख करोड़ रुपए है।

यह जानकारी रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

*** एमजी/एआर/आरपी/एके/एसके

Friday, February 2, 2024

12 से 16 फरवरी तक 67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट

Friday 02 February  2024 12:40PM by PIB Delhi

 रेलवे सुरक्षा बल करेगा मेजबानी करेगा 

ड्यूटी मीट के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट भी लॉन्च की गई

 मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट को लांच किया आरपीएफ के महानिदेशक ने

67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट होनी है 12 से 16 फरवरी तक लखनऊ में 

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मेज़बानी के लिए पूरी तरह से तैयार 


नई दिल्ली
:02 फरवरी 2024: (पीआईबी//रेल स्क्रीन डेस्क)::

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) 12 फरवरी से 16 फरवरी, 2024 तक लखनऊ में 67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट (एआईपीडीएम) की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी एआईपीडीएम की केंद्रीय समन्वय समिति ने आरपीएफ को सौंपी है। कानून प्रवर्तन क्षेत्रों में प्रसिद्ध इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अपराधों की वैज्ञानिक अनुसंधान और जांच की दिशा में पुलिस अधिकारियों के बीच उत्कृष्टता तथा सहयोग को बढ़ावा देना है।

आधुनिकीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रगति के रूप में, रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने 67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के लिए आरपीएफ के तकनीकी समूह द्वारा बनाई गई समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट लॉन्च की।

इन-हाउस रूप से विकसित, इन डिजिटल प्लेटफार्मों को संचार को सुव्यवस्थित करने, वास्तविक समय अपडेट प्रदान करने और ऑटोबोट-आधारित बहुभाषी चैट समर्थन जैसी विशेषताओं के साथ इसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए निर्बाध भागीदारी की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस और विविधि प्रक्रियाओं जैसे प्रतिभागी पंजीकरण, आयोजन की लाइव ट्रैकिंग तथा डिजिटल प्रमाणपत्र, ई-ब्रोशर, नियमों, परिणामों, अनुदेशों का पालन करने और प्रतिभागियों की इवेंट शेड्यूल तक पहुंच के अलावा प्रतिभागियों के पंजीकरण, घटनाओं की लाइव ट्रैकिंग तथा न्यायाधीशों द्वारा परिणामों को चिह्नित करने एवं घोषित करने जैसी कई प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण जैसी मजबूत सुविधाओं से लैस यह प्लेटफार्म प्रतिभागियों के बीच पारदर्शिता को बढ़ावा देता है। यह ऐप और वेबसाइट एक अमूल्य उपकरण के रूप में काम करेंगे, जो प्रतिभागियों के कुल अनुभवों को बढ़ाएंगे और डिजिटल के वर्तमान युग में कानून प्रवर्तन कर्मियों के जांच-पड़ताल संबंधी कर्तव्यों में प्रौद्योगिकी के उपयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेंगे।

67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट कानून प्रवर्तन पेशेवरों के एकजुट होने, सीखने और जांच-पड़ताल उत्कृष्टता के सामूहिक प्रयास को मजबूत करने का भी आह्वान करती है।

विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे- जांच में वैज्ञानिक सहायता, पुलिस फोटोग्राफी, कंप्यूटर जागरूकता, विशेष कैनाइन यूनिट प्रतियोगिता, तोड़फोड़ निरोधक जांच और पुलिस वीडियोग्राफी के साथ यह पुलिस ड्यूटी मीट कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए अपनी योग्यताओं को निखारने और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है।

मुख्य कार्यक्रम विवरण:

दिनांक: 12 फरवरी से 16 फरवरी, 2024

मुख्य स्थान: जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, लखनऊ

आरपीएफ अधिनियम, 1957 के तहत वर्ष 2004 में स्थापित रेलवे सुरक्षा बल तभी से ही रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और यात्रियों तथा उनके सामानों को सुरक्षा प्रदान करने में सहायक रहा है। यह उल्लेखनीय है कि आरपीएफ में 9 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व है जो भारतके सभी सशस्त्र बलों में सबसे अधिक है। 

रेल मंत्रालय के तहत वर्ष 1955 में स्थापित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, लखनऊ प्रोबेशनर्स, आईआरपीएफएस कैडर अधिकारियों और आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर कैडेटों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान के रूप में कार्य कर रही है। यह साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन जैसे उभरते क्षेत्रों में पाठ्यक्रम भी प्रदान करती है। सहयोग की भावना से, अकादमी ने रेलवे रक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए आईएनएमएएस-डीआरडीओ, एसवीपी-एनपीए, बीपीआरएंडडी और एनआईएसए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी की है।  एमजी/एआर/आरपी/आईपीएस/वाईबी

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Saturday, September 16, 2023

उत्तर रेलवे के कुछ रास्तों में परिवर्तन

Posted Via Tweet 15th September 2023 at 11:21 PM

यात्रियों की सुविधा के लिए की गई आवश्यक तब्दीली 

नई दिल्ली: 15 सितम्बर 2023: (रेल स्क्रीन डेस्क)::

रेलवे यातायात को यात्रियों की सुविधा के मुताबिक बनाए रखने के लिए समय समय पर बहुत से रेलवे द्वारा बहुत से परिवर्तन करने पड़ते हैं। इसी मकसद के लिए अब कुछ और परिवर्तन किए गए हैं। यात्रियों की जानकारी के लिए सूचित किया जाता है कि रेलवे ने ट्रेन संख्या 20501/20502 अगरतला-आनंद विहार (टी)-अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस  (साप्ताहिक) को निम्नलिखित तारीखों से मालदा टाउन, भागलपुर, जमालपुर जंक्शन के माध्यम से चलाने का निर्णय लिया है। समय और रुट के इस परिवर्तन की घोषणा ट्वीट कर के भी की गई है।

यह गाड़ी संख्या 20501 इसी महीने 15 सितम्बर को बाद दोपहर को 03:10 पर अगरतला से चलेगी और विभिन्न स्टेशनों पर होती हुई अगले दिन 10:50 पर आनंद विहार पहुंचेगी। 

इसी तरह यह गाड़ी संख्या 20502 इसी महीने की 17 तारीख को आनंद विहार से शाम को 19:50 पर चलेगी और अगले दिन बाद दोपहर 15:40 पर अगरतला पहुंचेगी। 

रस्ते में गुवाहाटी, मालदा टाऊन, जमालपुर,  कानपूर सेन्ट्रल। दीं दयाल उपाध्याय जंक्शन जैसे स्टेशनों पर रुकेगी ही। विस्तृत विवरण के लिए रेलवे के लोकप्रिय नंबर 139 पर सम्पर्क कर के सारी जानकारी पर्पट की जा सकती है। इस मकसद के लिए रेलवे की वेबसाईट भी देखि जा सकती है और रेलवे की अप्प भी डाऊनलोड की जा सकती है।  


Friday, September 1, 2023

भारतीय रेलवे//श्रीमती जया वर्मा सिन्हा ने कार्यभार संभाला

प्रविष्टि तिथि: 01 September 2023 at 11:06 AM by PIB Delhi

जया वर्मा सिन्हा को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ज़िम्मेदारी मिली 

इस शीर्ष पद पर नियुक्त होने वाली वह पहली महिला हैं


नई दिल्ली
: 01 सितम्बर 2023: (PIB//इनपुट-कार्तिका सिंह-रेल स्क्रीन डेस्क)::

रेलवे की नौकरी का जनून कहिए या फिर रेलवे से इश्क की इंतहा कि आई पी एस के सफल कैरियर को छोड़ कर जया वर्मा की नज़रें रेलवे पर ही रहीं। शायद इस इश्क और जनून का ही असर था कि एक सदी से लंबी उम्र वाले रेलवे का प्रमुख पद आज उनके पास है। यह नियुक्ति एक सप्ताह पहले ही हो गई थी लेकिन कार्यभार आज संभाला गया। फोटोग्राफी से भी बेहद लगाव, उधर आई पी इस सेवा को भी चुना लेकिन फैसला हुआ रेलवे के हक़ में। इसके साथ ही एक इत्तफाक भी देखिए कि जब जीवन साथी के चुनाव का समय आया तो जया वर्मा ने सात फेरे ले लिए एक सफल आई पी ऐसी अधिकारी नीरज सिन्हा के साथ। यह भी प्राकृति का संयोग ही कहिए कि नीरज को रेलवे की नौकरी रास नहीं आ रही थी उन्होंने रेलवे को छोड़ कर आई पी इस सेवा मैं आना ठीक समझा। कई बार ज़िंदगी सचमुच दीवार पर लगने वाले पुरानी किस्म की उस घड़ी जैसी लगती है जिसका पेंडुलम एक सिरे से दूसरे सिरे की तरफ घूमता रहता है. इसी से हमारे सामने आता है सही वक्त। जया वर्मा सिन्हा और नीरज सिन्हा के बेहतरीन वक्त को देख कर इसी पेंडुलम की याद आने लगती है। आजकल शायद पेंडुलम वाली दीवारी घडियां आम तौर पर नहीं आ रहीं लेकिन कभी इन्हीं का ज़माना हुआ करता था। घर परिवार के जीवंत सदस्य का आभास होता था इस दीवारी घड़ी को देख कर। इसका रुकना अपशकुन माना जाता था। न वक्त रुकता है न ही रेलवे का मिशन। एक कोने को दुसरे कोने से जोड़ने वाले रेलवे का संचालन अब एक बेहद काबिल महिला के हाथ में  है। आप इस सारे संचालन को आज के हमारे संसार की जीवन रेखा कह सकते हैं। 

भारतीय रेलवे या भारतीय रेल जिसे संक्षिप्त में भा.रे. भी कहा जाने लगा है, यह भारत सरकार द्वारा नियंत्रित एक ऐसी सार्वजनिक रेलवे सेवा है जिसकी विराटता को देख कर गर्व का अहसास होने लगता है। कुछ समय पूर्व के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रेलवे की कुल लंबाई 115,000 किलोमीटर है। अपने सरे सिस्टम द्वारा भारतीय रेल रोजाना करीब 2 करोड़ 31 लाख  अर्थात लगभग पूरे ऑस्ट्रेलिया देश की जनसंख्या के बराबर यात्रियों और 33 लाख टन माल ढोती है। भारतीय रेलवे के स्वामित्व में, भारतीय रेलवे में 12147 लोकोमोटिव, 74003 यात्री कोच और 289185 वैगन हैं और 8702 यात्री ट्रेनों के साथ प्रतिदिन कुल 13523 ट्रेनें चलती हैं। भारतीय रेलवे में 300 रेलवे यार्ड, 2300 माल ढुलाई और 700 मरम्मत केंद्र हैं। यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेलवे सेवा है। 12.27 लाख कर्मचारियों के साथ, भारतीय रेलवे दुनिया की आठवीं सबसे बड़ी व्यावसायिक इकाई है। रेलवे विभाग भारत सरकार के मध्य रेलवे विभाग का एक प्रभाग है, जो भारत में संपूर्ण रेलवे नेटवर्क की योजना बना रहा है। रेलवे विभाग की देखरेख रेलवे विभाग के कैबिनेट मंत्री द्वारा की जाती है और रेलवे विभाग की योजना रेलवे बोर्ड द्वारा बनाई जाती है।

यह भारत के परिवहन क्षेत्र का मुख्य घटक है। यह न केवल देश की मूल संरचनात्‍मक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अपितु बिखरे हुए क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने में और देश राष्‍ट्रीय अखंडता का भी संवर्धन करता है। राष्‍ट्रीय आपात स्थिति के दौरान आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने में भारतीय रेलवे अग्रणी रहा है। 

इतने बड़े ढांचे और सिस्टम को चलाना सहज भी नहीं होता। इस के अनुशासन भी कुशलता से करना होता है। इस बार इसकी ज़िम्मेदारी पहली बार एक महिला अधिकारी को दी गई है। बहुत बड़े नेटवर्क को बेहद कुशलता से नियंत्रित करना होता है। ध्यान रखना होता है की ज़रा सी भी चूक न हो जाए। 

श्रीमती जया वर्मा सिन्हा ने आज रेल भवन में रेलवे बोर्ड (रेल मंत्रालय) के नए अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पदभार संभाल लिया। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने श्रीमती जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को स्वीकृति दी है। जया वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में भारतीय रेलवे के इस शीर्ष पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं।

इससे पहले श्रीमती जया वर्मा सिन्हा ने रेलवे बोर्ड में सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) के तौर पर कार्य किया है। श्रीमती सिन्हा भारतीय रेलवे में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं के समग्र परिवहन का दायित्व भी संभाल चुकी हैं।

श्रीमती जया वर्मा सिन्हा 1988 में भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) में शामिल हुईं। भारतीय रेलवे में अपने 35 साल से अधिक के करियर में उन्होंने रेलवे बोर्ड के सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) अपर सदस्य, यातायात परिवहन जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने परिचालन, वाणिज्यिक, आईटी और सतर्कता सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है। वह दक्षिण-पूर्व रेलवे की प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला भी रही हैं। उन्होंने बांग्लादेश के ढाका में भारतीय उच्चायोग में रेलवे सलाहकार के रूप में भी कार्य किया, उनके इस कार्यकाल के दौरान कोलकाता से ढाका तक प्रसिद्ध मैत्री एक्सप्रेस का उद्घाटन किया गया था।

गौरतलब है कि श्रीमती सिन्हा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं और उन्हें फोटोग्राफी में गहरी रुचि है। उनकी इस कला पर हम अलग से चचा करेंगे बहुत जल्द। 

*** PIB//एमजी/एमएस/एसएस/एचबी//(रिलीज़ आईडी: 1953968)