Tuesday, July 8, 2014

रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रू. की व्यवस्था

08-जुलाई-2014 13:33 IST

चुने हुए खंड पर बुलेट ट्रेन चलाने और रेलगाड़ियों की गति 160-200 किलोमीटर करने का प्रयास 
रेल मंत्री श्री डी.वी सदानंद गौड़ा ने आज संसद में 2014-15 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए उच्च रफ्तार परियोजना के लिए आरवीएनएल/ एचएसआरसी (उच्च रफ्तार रेल गलियारा) हेतु 100 करोड़ रु. की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि हमारे महान नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदर्शिता थी जिन्होंने भारत में स्वर्णिम चतुर्भुज रोड नेटवर्क दिया। आज हम श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के प्रमुख महानगरों और विकास केन्द्रों को जोड़ने के लिए उच्च गति वाले रेल के हीरक चतुर्भुज नेटवर्क की महत्वकांक्षी योजना आरंभ कर रहे हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रत्येक भारतीय की यह इच्छा और सपना है कि भारत में यथाशीघ्र बुलेट ट्रेन चलाई जाए। भारतीय रेल लंबे समय से संजोए हुए इस सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मुंबई-अहमदाबाद खंड पर पहले से ही चिन्हित किए हुए खंड पर बुलेट ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए कई अध्ययन किए गए हैं।



श्री गौड़ा ने कहा कि यद्यपि बुलेट ट्रेनों के लिए पूरी तरह से नई अवसंरचना की आवश्यकता होगी तथापि वर्तमान नेटवर्क को अपग्रेड करके मौजूदा रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई जाएगी। इसलिए, चुनिंदा सेक्टरों में 160-200 कि.मी.प्र.घं. तक रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा ताकि प्रमुख नगरों के बीच यात्रा समय में काफी कमी आ सके। चुने गए क्षेत्र इस प्रकार हैः



                            I.            दिल्ली-आगरा



                            II.            दिल्ली-चंडीगढ़



                          III.            दिल्ली-कानपुर



                         IV.            नागपुर-बिलासपुर



                         V.            मैसूर-बेंगलूरू-चेन्नै



                         VI.            मुंबई-गोवा



                       VII.            मुंबई-अहमदाबाद



                      VIII.            चेन्नई-हैदराबाद और



                       IX.            नागपुर-सिकंदराबाद                            (PIB)


वि.कासोटिया/अर्चना/संजीव/प्रदीप/तारा/रामकिशन/चित्रदेव/धर्मेन्द्र/सुनील/राजू-11

Saturday, March 8, 2014

ADRM ने किया लुधियाना रेलवे स्टेशन का दौरा

स्वीकारा कि जैसी सफाई होनी चाहिए वैसी नहीं है 
लुधियाना: 8 मार्च 2014: (रेल स्क्रीन ब्यूरो):
महिला दिवस के शुभ अवसर पर लुधियाना रेलवे स्टेशन की किस्मत कुछ देर के लिए फिर जाग उठी। इस मौके पर उच्च अधिकारीयों के दौरे को लेकर रेल स्टाफ ने झट-पट से सफाई जैसे आवश्यक काम निपटा दिए और स्टेशन पर उत्सव सा माहौल बन गया। 
जैसी सफाई होनी चाहिए वैसी नहीं-एडीआरएम
इस मौके पर फिरोजपुर रेल मंडल के सहायक मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) महावीर सिंह ने शनिवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। आनन फानन में किये गए प्रबंधों के बावजूद एडीआरएम ने मीडिया  बात करते हुए माना कि लुधियाना रेलवे स्टेशन पर जैसी सफाई होनी चाहिए वैसी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि यहां की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अभी और सख्त मेहनत की जरूरत है। इसके साथ ही सिंह ने प्लेटफार्मो, रेलवे परिसर, यात्री विश्रामालय के साथ पेयजल की भी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई करने वालों की निगरानी करें और स्टेशन को स्वच्छ बनाएं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे सजग रह कर सफाई कर्मियों से सहयोग करें। रेलवे परिसर में कूड़ा-कचरा न फैलाएं। कचरे को उसी वक्त कूड़ेदान में डालें।
स्वच्छता के लिए करें सहयोग : डीटीएम
इस मौके पर लोगों  गया कि  सुधर जाएं। फिरोजपुर रेल मंडल के मंडल ट्रैफिक प्रबंधक (डीटीएम)  ने स्टेशन पर यात्रियों को जागरूक करते हुए कहा कि अब जमाना पूरी तरह से बदल गया है इसलिए लोग भी वक़त के साथ साथ  जाएं। उन्होंने यह भी माना कि अब लोग काफी जागरूक हो चुके हैं। हर आदमी स्वच्छता व सफाई चाहता है। सहयोग की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यात्रियों को रेलवे की सफाई में सहयोग करना होगा। लोग कचरे को कूड़ेदान में ही डालें। उन्होंने समझाया कि प्लेटफार्म, यात्री विश्रामालय तथा रेलवे स्टेशन परिसर में कूड़ा-कचरा न फेंके। सफाई कर रहे सफाई कर्मियों को सहयोग करें।
स्टेशन पर लगेंगे और कूड़ेदान
महिला दिवस के मौके पर मिशन सफाई के तहत शनिवार को निरीक्षण के बाद लुधियाना के रेलवे स्टेशन अधीक्षक आरके शर्मा ने बताया कि लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कूड़ेदानों की कमी है। यहां और कूड़ेदान लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्लेटफार्मो व नव निर्मित फुट ओवर ब्रिजों(एफओबी) पर भी कूड़ेदान लगाए जाएंगे। अब देखना है कि लुधियाना रेलवे स्टेशन पर स्टाफ और जनता के प्रयासों से सफाई की चमक दमक  जल्द नज़र आती है। 

Wednesday, February 12, 2014

अंतरिम रेल बजट : 73 नई रेल सेवाएं

12-फरवरी-2014 15:51 IST
इन्‍हीं रेलों के फेरों में भी की जाएगी बढ़ोत्‍तरी 
इस वर्ष के अंतरिम रेल बजट में 17 प्रीमियम रेल 39 एक्‍सप्रेस रेल, 10 यात्री गाडियां, 4 एमईएमयू और 3 डीईएमयू रेल प्रारंभ की जा रही हैं तीन रेलों को बढ़ाया जाएगा और इन्‍हीं रेलों के फेरों में भी बढ़ोत्‍तरी की जाएगी।

1. प्रीमियम गाडियां :

1.      हावड़ा-पुणे एसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता नागपुर, मनमाड़. 

2.      कामाख्‍या-नई दिल्‍ली एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता, छपरा, वाराणसी.

3.      कामाख्‍या-चेन्‍नै एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता मालदा, हावड़ा.

4.      मुंबई-हावड़ा एसी एक्‍सप्रेस(सप्‍ताह में दो दिन)बरास्‍ता नागपुर,रायपुर.

5.      मुंबई-पटना एसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता खंडवा, इटारसी, मणिकपुर.

6.      निजामुद्दीन-मडगांव एसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता कोटा, वसई रोड़.

7.      सियालदह-जोधपुर एसी एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता मुगलसराय.

8.      यशवंतपुर-जयपुर एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता गुलबर्गा, पुणे वसई रोड़.

9.      अहमदाबाद-दिल्‍ली सराय रो‍हिल्‍ला एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में तीन दिन) बरास्‍ता पालनपुर, अजमेर, रेवाड़ी.

10.   बांद्रा-अमृतसर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता कोटा, नई दिल्‍ली, अंबाला.

11.  बांद्रा (टी)-कटरा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता कोटा, नई दिल्‍ली, अंबाला.

12.  गोरखपुर-नई दिल्‍ली एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता लखनऊ, मुरादाबाद.

13.  कटरा-हावड़ा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता मुगलसराय, वाराणसी, सहारनपुर.

14.  मुंबई-गोरखपुर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता खंडवा, झांसी, कानुपर.

15.  पटना-बंगलोर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता मुगलसराय, छिवकी, माणिकपुर, नागपुर.

16.  यशवंतपुर-कटरा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता गुलबर्गा, काचेगुड़ा, नागपुर, नई दिल्‍ली.

17.  तिरूवंतपुरम-बेंगलुरू (यशवंतपुर) एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता इरोड़ तिरूपत्‍तूर.

50 एक्‍सप्रेस गाडियां:

1.      अहमदाबाद-कटरा एकसप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता पालनपुर, जयपुर, रेवाड़ी, हिसार, बठिन्‍डा, अमृतसर.

2.      अहमदाबाद-लखनऊ जं, एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता पालनपुर, जयपुर, बांदीकुई, मथुरा, कासगंज.

3.      अहमदाबाद-इलाहाबाद एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता जलगांव, खंडवा, इटारसी, सतना, माणिकपुर.

4.      अमृतसर-गोरखपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता  सहारनपुर, मुरादाबाद, सीतापुर कैण्‍ट.

5.      औरंगाबाद-रेणिगुंटा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता परभनी, बीदर विकाराबाद.  

6.      बेंगलोर-चेन्‍नै एक्‍सप्रेस (दैनिक) बरास्‍ता बंगारपेट, जोलारपेट्ट.

7.      बांद्रा (टी) लखनऊ जं, एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता कोटा, मथुरा, कासगंज.

8.      बरेली-भोपाल एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता चंदौसी, अलीगढ़, टूंडला आगरा.

9.      भावनगर-बांद्रा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता अहमदाबाद.

10.   भावनगर-दिल्‍ली सराय रोहल्‍ला लिंक एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक).

11.   गांधीधाम-पुरी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक).

12.   गोरखपुर-पुणे एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता लखनऊ, कानपुर, बीना, मनमाड.

13.   गुंटूर-काचेगुडा डबल डैकर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन)

14.   हावड़ा-यशवंतपुर एसी एकसप्रेस (साप्‍ताहिक) बरासता भुवनेश्‍वर, गुडूर, काटपाडी.

15.   हुबली-मुबंई एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता बीजापुर, शोलापुर.

15.

16.   हैदराबाद-गुलबर्गा इंटरसिटी (दैनिक).

17.   जयपुर-चंडीगढ़, इंटरसिटी (दैनिक) बरास्‍ता, झज्‍जर.

18.   काचेगुड़ा-तिरूपति डबल डैकर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन).

19.   कोटा-जम्‍मू तवी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता नई दिल्‍ली अंबाला.

20.   कानपुर-बांद्रा (टी) एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता कासगंज, मथुरा कोटा.

21.   लखनऊ-काठगोदाम एक्‍सप्रेस (साप्‍ताह में तीन दिन).

22.   मंडुआडीह-जबलपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता इलाहाबाद, माणिकपुर सतना.

22.

23.   मालदा-टाऊन-आनन्‍द विहार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता अमेठी, रायबरेली.

24.   मन्‍नारगुडी-जोधपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता जयपुर.

25.   मुंबई-चेन्‍नै एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता पुणे, गुलबर्गा, वाडी.

26.   मुंबई-गोरखपुर एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता गोंडा, बलरामपुर, बरहनी (आमान परिवर्तन के बाद).

27.   मुंबई-करमाली एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता रोहा.

28.   नांदेड-औरंगाबाद एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता, पूर्णा परभनी.

29.   नागपुर-रीवा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता सतना.

30.   नागरकोईल-काचेगुडा एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता करूर, नामक्‍कल, सेलम.

31.   पुणे-लखनऊ एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता खंडवा, भोपाल, बीना, झांसी, कानपुर.

32.   रामनगर-चंडीगढ़ एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता मुरादाबाद, सहारनपुर.

33.   रांची-न्‍यू जलपाईगुड़ी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता झाझा, कटिहार.

34.   सिकंदराबाद-विशाखापटनम एसी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता काजीपेट, विजयवाड़ा.

35.   संतरागाछी-आनंद विहार एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक).

36.   श्रीगंगानगर-जम्‍मू तवी एक्‍सप्रेस (साप्‍ताहिक) बरास्‍ता अबोहर, बठिन्‍डा, धुरी.

37.   तिरूवनंतपुरम-निज़ामुद्दीन एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) एक दिन बरास्‍ता कोट्टयम और एक दिन बरास्‍ता एलेप्‍पी.

38.   वाराणसी-मैसूर एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन) बरास्‍ता वाडी, दौंड.

39.   बालुरघाट-हावड़ा एक्‍सप्रेस (सप्‍ताह में दो दिन).

51 पैसेंजर गाडियां

1.      बीना-कटनी पैसेंजर (दैनिक).

2.      डेकरगांव-नहारलगुन पैसेंजर (दैनिक) नई लाइन के पूरा होने के बाद.

3.      गुनुपुर-विशाखापटनम पैसेंजर (दैनिक).

4.      हुबली-बेलगाम फास्‍ट पैसेजर (दैनिक).

5.      जयपुर-फुलेरा पैसेजर (दैनिक) .

5.

    वि.कासोटिया/एएम/एपी/01

Tuesday, February 11, 2014

मांगों को लेकर एन.आर.एम.यू. ने की एक और रैली

केंद्र सरकार की रेल नीतियों के खिलाफ रोष हुआ और तेज़ 
लुधियाना: 11 फरवरी 2014: (रेल स्क्रीन ब्यूरो): 
केंद्र सरकार की रेल नीतियों के खिलाफ मुलाज़िमों में रोष लगातार तीखा हो। रेलवे कर्मचारियों की लम्बित पड़ी मांगों को लेकर नार्दर्न रेलवे मैन्ज यूनियन की ओर से स्थानीय लोको परिसर के बाहर ज़ोरदार रोष रैली की गई। इस रैली की अध्यक्षता करते हुए कामरेड राज कुमार सूद ने कार्यकर्तायों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे कर्मचारियों की मांगें लम्बे समय से लटक रही हैं जिनमें प्रमुख रूप से नई पैंशन योजना रद्द करके पुरानी पैंशन योजना बहाल करने की मांग, डी.ए. को पूर्ण रूप से वेतन में शामिल करके नए ग्रेड निर्धारित करने, रेलों का निजीकरण बंद  करने, वी.आर.एस. स्कीम सभी रेल कर्मियों पर लागू करने, छठे वेतन आयोग की कमियों को दूरकरने, प्रत्येक शहर में रेलवेकर्मियों के उपचार के लिए सभी सुविधाओं से लैस बड़े निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध करने की मांगें शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें न मानी गईं तो 17 फरवरी को राजस्थान में होने वाली बैठक में आल इंडिया रेलवे फैडरेशन द्वारा की जाने वाली हड़ताल की तिथि तय कर संघर्ष को और तेज किया जाएगा। गौरतलब है कि इस 

उन्होंने सभी रेलकर्मियों से हड़ताल का पूरी तरह समर्थन करने के लिए तैयार रहने तथा 13, 14 फरवरी को निकाले जाने वाले मशाल जलूस में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। रैली में घनश्याम सिंह, सुखजिन्द्र सिंह, अशोक कुमार, कुलविन्द्र सिंह, महिन्द्र पाल, प्रमोद कुमार, अमर सिंह, सुरजीत सिंह आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि  मशाल मार्च लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष में एक नई तेजी लाएंगे। 

Tuesday, October 8, 2013

रेल संबंधी संसदीय स्‍थायी समि‍ति‍ ने किये सुझाव आमंत्रि‍त

08-अक्टूबर-2013 16:35 IST
मुद्दा: उपनगरीय रेल सेवाएं और उनमें महि‍ला यात्रि‍यों की सुरक्षा
30 दिनों भीतर देने होंगें सुझाव/ज्ञापन देने 
नई दिल्ली: 8 अक्टूबर 2013: (पीआईबी): श्री टी.आर.बालू, संसद सदस्‍य की अध्‍यक्षता वाली वि‍भागों से संबद्ध रेल संबंधी स्‍थायी समि‍ति‍ ‘वि‍शेरू रूप से महि‍ला यात्रि‍यों की सुरक्षा पर बल देते हुए भारतीय रेल की उपनगरीय रेल सेवाएं’ वि‍षय की जांच इस संबंध में संसद में प्रति‍वेदन प्रस्‍तुत करने के लि‍ए कर रही है। उप नगरीय रेल सेवा भारतीय रेल द्वारा उपलबध कराई गई महत्‍वपूर्ण सेवा है। इस वि‍षय में प्रदान की गई उपनगरीय सेवाओं की प्रकृति‍, इन सेवाओं में और सुधार की गुंजाइश, उपनगरीय रेल गाड़ि‍यों में दैनि‍क यात्रि‍यों के समक्ष आ रही समस्‍याओं और वि‍शेष रूप से महि‍ला यात्रि‍यों पर बल देते हुए यात्री सुरक्षा से संबंधि‍त मुद्दे शामि‍ल हैं। वि‍षय की महत्‍ता को देखते हुए समि‍ति‍ ने इस वि‍षय तथा इससे संबंधि‍त मामलों पर इच्‍छुक व्‍यक्‍ति‍यों/एसोसि‍एशनों/वि‍शेषज्ञों/व्‍यवसायि‍क संगठनों/संस्‍थाओं आदि‍ से वि‍चार/सुझाव/टि‍प्‍पणि‍यां देते हुए लि‍खि‍त ज्ञापन आमंत्रि‍त करने का नि‍र्णय लि‍या है। 

समि‍ति‍ को ज्ञापन भेजने के इच्‍छुक व्‍यक्‍ति‍ इस वि‍ज्ञापन के प्रकाशन की ति‍थि‍ से 30 दि‍नों के भीतर दो प्रति‍यां (अंग्रेजी या हि‍न्‍दी में) नि‍देशक (पीएसी एंड आर), लोक सभा सचि‍वालय, कमरा संख्‍या-439 संसदीय सौध, नई दि‍ल्‍ली-110001 (दूरभाष संख्‍या 011-23034439, 23034089; फैक्‍स संख्‍या 011-23019956; ई मेल: comrail@sansad.nic.in ) को भेज सकते हैं। 

समि‍ति‍ को प्रस्‍तुत ज्ञापन समि‍ति‍ के रि‍कार्ड का भाग होंगे और इन्‍हें पूर्णत: ‘गोपनीय’ माना जाएगा तथा इन्‍हें कि‍सी को भी परि‍चालि‍त नहीं कि‍या जाएगा, ऐसा करना इस समि‍ति‍ के वि‍शेषाधि‍कार का हनन होगा। 

ज्ञापन भेजने के अति‍रि‍क्‍त, समि‍ति‍ के समक्ष मौखि‍क साक्ष्‍य देने के इच्‍छुक व्‍यक्‍ति‍यों से अनुरोध है कि‍ वे समि‍ति‍ के वि‍चारार्थ लोक सभा सचि‍वालय को इसकी सूचना दें। समि‍ति‍ के समक्ष उपस्‍थि‍त होने के लि‍ए व्‍यक्‍ति‍यों को आमंत्रि‍त करने के संबंध में समि‍ति‍ का नि‍र्णय अंति‍म होगा। 

भारतीय संसद, लोक सभा सचि‍वालय द्वारा जारी। 

वि.कासोटिया/राजगोपाल/मनीषा-6530

रेलवे की आमदनी

08-अक्टूबर-2013 13:41 IST
अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान में 11.41 प्रति‍शत की वृद्धि 
नई दिल्ली: 8 अक्टूबर 2013: भारतीय रेलवे की पहली अप्रैल से 30 सितम्‍बर, 2013 के दौरान शुरुआती आधार पर कुल आमदनी लगभग 65354.64 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की आमदनी 58661.79 करोड़ रुपये से 11.41 प्रतिशत अधिक है। 
अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान रेलवे को माल ढुलाई से 44191.92 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जो‍पिछले वर्ष की इसी अवधि की माल ढुलाई से हुई आमदनी 40293.70 करोड़ रुपये से 9.67 प्रतिशत ज्‍यादा है।

अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान रेलवे ने यात्री कि‍राये से 18099.83 करोड़ रुपये की कमाई की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की यात्री किराये से हुई कमाई 15582.42 करोड़ रुपये के मुकाबले 16.16 प्रति‍शत अधिक है।

अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान अन्‍य कोचिंग से रेलवे को 1850.22 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की कोचिंग से हुई कमाई 1510.59 करोड़ रुपये से 22.48 प्रति‍शत अधिक है।

अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान रेलवे से कुल लगभग 425 करोड़ 75 लाख 50 हजार लोगों ने यात्रा की, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 427 करोड़ 90 हजार यात्रियों ने यात्रा की थी। इस प्रकार यात्रियों की संख्‍या में 0.29 प्रतिशत की कमी आई। उपनगरीय क्षेत्र में अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान 227 करोड़ 52 लाख लोगों ने यात्रा की, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की यात्री संख्‍या 221 करोड़ 20 लाख 60 हजार से 2.85 प्रतिशत अधिक है। 

गैर-उपनगरीय क्षेत्र में अप्रैल-सितम्‍बर, 2013 के दौरान 198 करोड़ 23 लाख 50 हजार लोगों ने यात्रा की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की यात्री संख्‍या 205 करोड़ 80 लाख 30 हजार से 3.68 प्रतिशत कम है।

वी. कासोटिया/अर्चना/राजगोपाल/शौकत -6527

Monday, August 26, 2013

जालंधर के सिटी स्टेशन पर सिगरेट बीडी पीते 13 व्यक्ति काबू

तम्बाकू नोशी के खिलाफ सरकार के साथ समाज भी आगे आये
जालंधर: 25 अगस्त 2013: (रेल स्क्रीन): नियम कानून बन जाने के बावजूद बहुत से लोग अभी भी स्वास्थ्य की दुश्मन सिगरेट बीड़ी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं दिखते हैं। बहुत बार तम्बाकू विरोधियों और तम्बाकू समर्थकों के दरम्यान मारपीट भी हुई और खूनखराबा भी लेकिन इस लत में सुधार आता नजर नहीं आता। गौरतलब है कि जालंधर का रेलवे स्टेशन वही रेलवे स्टेशन है जहाँ 1980 के दशक में दो नम्बर प्लेटफार्म पर एक दिन बाद दोपहर के वक्त एक निहंग ने सिगरेट पीकर धुयाँ मूंह पर फेंकने वाले किसी युवक की कुर्पान से हत्या भी कर दी थी। अगर वहां सुरक्षा जवान तैनात होते हो और बात को बिगड़ने से पूर्व हो रोक लेते पर ऐसा नहीं हो सका। इस वारदात के बाद भी इस तरह के झगड़ों की कई वारदातें अलग अलग स्थानों पर हुईं जिनके मूल में सिगरेटनोशी और सिगरेट पीकर धुयाँ दूसरों के मूंह पर फेंकने के मामले ही ज्यादा थे। बात भावनायों और धर्म से जुडी थी इसलिए बिगडती चली गई। 
                                    File: Courtesy Photo
सेहत और जिंदगी को तबाह कर देने वाली तम्बाकू नोशी की हकीकत पहचान कर इसे छोड़ने की बजाये कुछ शरारती तत्वों ने इसे हिन्दू सिख समस्या बना दिया हालांकि बहुत से हिन्दू भी हैं जो सिगरेट बीड़ी को छूते तक नहीं और बहुत से सिख घरों के लड़के भी हैं जो इसे छुप-छुपा कर पीने से गुरेज़ नहीं करते। अब तम्बाकू के साथ या तम्बाकू की बजाये चरस/गांजे से भरी सिगरेटें इस बुरी आदत का विकराल रूप बन कर सामने आई हैं। एक एक सिगरते 25 से 50 रुपयों तक बिकती है। जरा अनुमान लगायें कि इतनी महंगी सिगरेट पीना और फिर इसे पीकर यहाँ वहां बेहोशों की तरह लेटे रहना-क्या यही है ज़िन्दगी? जो पीता होगा उसके तन में क्या बचता होगा और उसकी जेब भी क्या बचता होगा?  
ऐसे बहुत से कारण थे और बहुत बार मांग भी उठ चुकी थी और आखिर इस आदत को दूर करने कराने के लिए सरकार को कानून बनाना पड़ा।  गौरतलब है कि दुनिया के कई अन्य देशों में इस तरह का कानून पहले से ही मौजूद है।  धीमी गति ही सही लेकिन इस कानून की पालना के प्रयास अक्सर होते रहते हैं।  अगर इस तरह के मामलों पर नियमित नजर रखी जाये तो सफलता जल्द मिल सकती है पर एक्शन लिया जाता है कभी-कभार छापा मारने की तरह।  
इसी तरह की एक कारवाई की खबर आई है जालंधर से जहाँ सिटी स्टेशन पर 25 अगस्त रविवार के दिन आरपीएफ ने 13 लोगों को बीड़ी सिगरेट पीते हुए काबू कर लिया। थोड़ी सी हील हुज्जत और जुर्माना वसूलने के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। आरपीएफ के इंचार्ज एके शर्मा ने मीडिया को बताया कि रविवार को स्टेशन परिसर में चेकिंग की गई तो विभिन्न जगहों पर लोग बीड़ी सिगरेट पीते पाए गए। उनके अनुसार बाद में इन सभी लोगों से 100-100 रुपये जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। कितना अच्छा हो अगर इसे छुड़ाने के लिए कोई कारगर सज़ा का प्रावधान रखा जाये और इन लोगों को कुछ मिनटों की एक छोटी सी क्लास में बैठा कर तम्बाकू नोशी से होने वाली
बरबादियों पर एक फिल्म दिखाई जाये। इनके दिल और दिमाग के तम्बाकू नोशी के खिलाफ तैयार करके इन्हें ठीक रास्ते पर लाया जाए…क्या ख्याल है आपका ? आपके विचारों की इंतज़ार बनी रहेगी।
-रेक्टर कथूरिया