वर्ष 2013-14 के रेल बजट की मुख्य विशेषताएं
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PIB photo |
* 26 नई पैसेंजर सेवाएं, 8 डेमू सेवाएं और 5 मेमू सेवाएं चलाई जाएंगी।
* 57 गाड़ियों के चालन का विस्तार किया जाएगा।
* 24 गाड़ियों के फेरों में वृद्धि की जाएगी।
* 2013-14 में मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में प्रथम एसी ईएमयू रेक की शुरूआत करना।
* मुंबई में 72 और कोलकाता में 18 अतिरिक्त सेवाएं शुरू करना।
* कोलकाता में 80 सेवाओं और चेन्नई में 30 सेवाओं में रेकों की संख्या 9 से बढ़ाकर 12 कार की गई है।
* 63.363 करोड़ रूपए का अब तक का उच्चतम योजना परिव्यय
* 500 कि.मी. नई लाइन, 750 कि.मी. दोहरीकरण, 450 कि.मी.
आमान परिवर्तन का लक्ष्य कर्मचारियों के क्वार्टरों के लिए निधि आबंटन बढ़ाकर 300 करोड़
रूपए किया गया है
o इस वर्ष 1.52 लाख रिक्त पद भरे जाएंगे, जिसमें से 47,000 रिक्तियां कमजोर वर्गों तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित की गई हैं।
o 25 स्थानों पर रेल संबंधी व्यवसाय में युवाओं को कौशल
प्रशिक्षण दिया जाएगा।
* राजीव गांधी खेल रत्न और ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं को मानार्थ कार्ड
पास की सुविधा उपलब्ध कराना
o स्वतंत्रता सेनानियों के पासों का तीन वर्ष में एक बार नवीकरण
किया जाएगा।
o 67 नई एक्सप्रेस गाड़ियां चलाई जाएंगी।
o 26 नई पैसेंजर सेवाएं, 8 डेमू सेवाएं और 5 मेमू सेवाएं चलाई जाएंगी
o 57 गाड़ियों के चालन का विस्तार किया जाएगा
o 24 गाड़ियों के फेरों में वृद्धि की जाएगी
o मुंबई में 72 और कोलकाता में 18 अतिरिक्त सेवाएं शुरू करना
o रेल टैरिफ प्राधिकरण की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है
o संवर्धित आरक्षण शुल्क को समाप्त किया गया है
o 63.363 करोड़ रूपए का अब तक का उच्चतम योजना परिव्यय।
o सकल बजट सहायता – 26,000 करोड़ रूपए
o रेल संरक्षा निधि – 2,000 करोड़ रूपए
o आंतरिक संसाधन – 14,260 करोड़ रूपए
o ईबीआर- बाजार से ऋण – 15,103 करोड़ रूपए
· ईबीआर- पी पी पी – 6,000 करोड़ रूपए।
· 2013-14 में 500 कि.मी. नई लाइन,750 कि.मी. दोहरीकरण,450 कि.मी.आमान परिवर्तन का लक्ष्य।
· संसद के मॉनसून सत्र अथवा शीतकालीन सत्र में अनुदानों की पूरक मांगे प्रस्तुत नहीं की गई;
· 3,000 करोड़ रूपए के ऋणों का पूर्ण भुगतान किया गया;
· 347 परियोजनाओं को सुनिश्चित वित्त पोषण के साथ प्राथमिकता;
· परिचालन की दष्टि महत्वपूर्ण परियोजनाओं और अंतिम चरण वाली परियोजनाओं के लिए उदार वित्त पोषण प्राप्त करना;
· प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के लिए नए फंड – डेट सर्विस फंड की स्थापना;
· चल स्टॉक के अनुरक्षण और ईधन खपत में कुशलता लाने के लिए कठोर लक्ष्य निर्धारित करना;
· 12वीं योजना के अंतिम वर्ष में 30,000 करोड़ रूपए के निधि शेष के सृजन के लिए लक्ष्य निर्धारित करना।· कर्मचारियों के क्वार्टरों के लिए निधि आबंटन बढ़ाकर 300 करोड़ रूपए किया गया है।
· सभी मंडल मुख्यालयों पर अकेली रहने वाली महिला रेल कर्मचारियों के लिए हॉस्टल सुविधाओं की व्यवस्था करना।
· सभी ऐसे शहरों में जहां अस्पताल या तो सीजीएचएस के साथ या रेलवे के साथ पैनलबद्ध हों वहां आरईएलएचएस के लाभार्थियों को मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज की सुविधा प्रदान करना।
· रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों के बैरकों की स्थिति में सुधार लाना।
· लोको-पायलटों को तनाव न हो इसके लिए लोकोमोटिव कैबों में वाटर क्लोसेट्स और एयर कंडीशन की व्यवस्था करना।
· इस वर्ष 1.52 लाख रिक्त पद भरे जाएंगे, जिसमें से 47,000 रिक्तियां कमजोर वर्गों तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित की गई हैं।
· 25 स्थानों पर रेल संबंधी व्यवसाय में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
· रेल संबंधित इलैक्ट्रॉनिक टैक्नालॉजी में प्रशिक्षण देने के लिए नागपुर में एक बहु-विभागीय प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।
· एम. फिल और पीएचडी स्तरों पर भारतीय रेल से जुड़े मुद्दों पर अध्ययन और शोध करने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करने हेतु राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पांच फेलोशिप दिए जाएंगे।
· कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए रेल से संबंधित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए टेरी (TERI) में पीठ की स्थापना।
· रेलवे की टीमों ने 2012 में 9 राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती।
· रेलवे खेल-कूद संवर्धन बोर्ड को ‘राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार- 2012’ से सम्मानित किया गया।
· राजीव गांधी खेल रत्न और ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं को मानार्थ कार्ड पास की सुविधा उपलब्ध कराना, जो फर्स्ट क्लास/सैकंड एसी में यात्रा के लिए मान्य होगा।
· ओलंपिक पदक विजेताओं एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को राजधानी/शताब्दी गाड़ियों में यात्रा कर करने के लिए मानार्थ कार्ड पास प्रदान किया जाएगा।
· खिलाड़ियों को दिए गए सभी कार्ड पासों, जिनमें वे राजधानी/शताब्दी गाड़ियों में यात्रा कर सकते हैं, पर अब उन्हें दुरंतो गाडि़यों में भी यात्रा करने की अनुमति होगी।
· महावीर चक्र, वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक के विजेता, यदि अविवाहित हो तो उनके मरणोपरांत उनके माता-पिता को प्रथम श्रेणी/द्वितीय एसी में वैध मानार्थ कार्ड पास की सुविधा प्रदान करना।
· पुलिस पदक विजेताओं को वर्ष में एक बार राजनधानी/शताब्दी गाड़ियों में द्वितीय एसी में एक साथी के साथ यात्रा के लिए मानार्थ कार्ड पास की सुविधा प्रदान की जाएगी।
· स्वतंत्रता सेनानियों के पासों का तीन वर्ष में एक बार नवीकरण किया जाएगा।
· रेल टैरिफ प्राधिकरण की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है और इस पर अंतर-मंत्रालय स्तर पर परामर्श परामर्श किया जा रहा है।
· फ्रेट टैरिफ के संबंध में ईंधन समायोजन घटक (एफएसी) से संबद्ध संशोधन 1 अप्रैल, 2013 से लागू किया जाएगा।
· सुपरफास्ट गाड़ियों के लिए पूरक प्रभार, आरक्षण शुल्क, लिपिकीय प्रभार, रद्दकरण प्रभार तथा तत्काल प्रभार में मामूली वृद्धि की गई है।
· संवर्धित आरक्षण शुल्क को समाप्त किया गया है। {पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
****वि. कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/विजयलक्ष्मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू/2
रेलगाडि़यों को सुरक्षित चलाने के उपाय
रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में रेलगाडियों को सुरक्षित चलाने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा की। अब तक किए जा चुके और प्रस्तावित उपायों में से कुछ इस प्रकार हैं:-· 12वीं योजना के दौरान 10,797 समपारों को समाप्त करना और भविष्य में भारतीय रेल प्रणाली में कोई नया समपार नहीं बनाना।
· गाड़ी परिचालनों के लिए न केवल बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने बल्कि रेलपथ की क्षमता बढ़ाने के लिए भी बेहतर सिगनल प्रणाली पर निरंतर जोर देना।
· स्वत: ब्लॉक सिगनल सिस्टम पर ट्रेन सुरक्षा चेतावनी प्रणाली (टीपीडब्ल्यूएस) की शुरूआत करना।
· dddfdदेश में विकसित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) का आरंभिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जटिल परिचालनिक परिस्थितियों में प्रौद्योगिकी को सिद्ध करने के लिए इसका कठोर परीक्षण किए जाने का प्रस्ताव है।
· 60 किलोग्राम वाली पटरियों, 260 मीटर लंबे रेल पैनलों तथा बेहतर फलैश बट्ट वेल्डिंग प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए रेलपथ संरचना को अपग्रेड करना।
· तीव्र और विश्वसनीय आपदा प्रबंधन प्रणाली को क्रियान्वित करने के लिए 160/200 किलोमीटर/प्रति घंटे की गति वाली सेल्फ प्रोपेल्ड दुर्घटना राहत गाडि़यों (एसपीएआरटी) को परीक्षण के आधार पर चलाना।
· क्रैशवर्दी एलएचबी सवारी डिब्बों, (जिनमें एक-दूसरे पर न चढ़ने वाली विशेषता होती है) की शुरूआत करना।
· भारतीय रेलों पर डिस्ट्रैस्ड पुलों के रूप में पहचाने गए पुलों में से 17 पुलों के पुनर्स्थापना का कार्य अगले एक वर्ष में पूरा करने को मंजूरी दी गई है। {पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्मी/ तारा/सुनील/सोनिका/राजू-3 एडीएचओ
रेल दुर्घटना रोकने के उपायरेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल ने आज संसद में पेश 2013-14 के रेल बजट में रेल दुर्घटना रोकने के विभिन्न उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भले ही रेल दुर्घटनाएं कभी-कभी ही होती हों लेकिन यह बहुत चिंता की बात है। रेल दुर्घटना रोकने के कुछ प्रमुख उपाय कुछ इस प्रकार हैं:-
· पायलट आधार पर काम्प्रिहेंसिव फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम की व्यवस्था करना।
· सभी गाडि़यों के गार्ड एवं ब्रेक वैन, वातानुकूलित कोचों और पैन्ट्री कारों में पोर्टेबल अग्निशामकों की व्यवस्था करना।
· कोचों में अग्निरोधी फर्निशिंग सामग्रियों का प्रयोग बढ़ाना।
· सुरक्षा उपायों का पालन करने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान चलाना।
· रेल सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने के लिए दस वर्षों (2014-24) के लिए सुरक्षा योजना शुरू करने का प्रस्ताव।
· रेल पटरियों पर हाथियों की दर्दनाक मौत की घटनाओं को रोकने के लिए पर्यावरण और वन्य मंत्रालय के सुझाव से विभिन्न उपाय करने का प्रस्ताव है।{पत्र सूचना कार्यालय} (PIB)
वि.कसोटिया/अलकेश/अंबुज/प्रदीप/प्रियंका/लक्ष्मी/तारा/सुनील/सोनिका/राजू-10 एडीएचओ-
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